केन्द्र सरकार के आर्थिक पैकेज़ से कैसे सुधरेंगे हालात..?उद्योग-व्यवसाय-रोजगार के क्षेत्र में कैसे मिलेगी मदद..?अमर अग्रवाल ने CGWALL को बताया-छत्तीसगढ़ को मिलेगा कितना फ़ायदा

CGWALL.COM।भारतीय जनता पार्टी के नेता अमर अग्रवाल छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त ,उद्योग, राजस्व और श्रम मंत्री रह चुके हैं । वे  जीएसटी काउंसिल में भी शामिल रहे हैं और कई बैठकों में उन्होंने अहम सुझाव भी दिए थे । आर्थिक ,व्यवसायिक, औद्योगिक और श्रमिक गतिविधियों पर उनकी अपनी एक सोच – समझ  है । इस आधार पर उनका मानना है कि केंद्र सरकार ने औद्योगिक आर्थिक क्षेत्र में और आत्मनिर्भरता के लिए  जिन राहत पैकेजों  की घोषणा की है, उसका व्यापक लाभ मिलेगा । सरकार ने सभी तरह के उद्योगों की सेहत में सुधार के लिए सार्थक कदम उठाए हैं। इसका लाभ उठाते हुए अब बेहतर दिशा में काम करने की जरूरत है । इससे आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा लोगों को रोजगार भी मिलेगा, लोगों की जेब में पैसा भी आएगा और लिक्विडिटी बढ़ेगी.सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप NEWS ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की ओर से घोषित किए गए 20 लाख करोड़ के पैकेज को लेकर अमर अग्रवाल से लंबी बातचीत हुई  । उन्होंने सरल  भाषा में अर्थशास्त्र की बारीकियों के संबंध में अपनी बात रखी । उनका कहना है कि सरकार ने उद्योगों के डेफिनेशन में जो बदलाव किया है वह ऐतिहासिक है । एमएसएमई , माइक्रो और मीडियम उद्योगों की डेफिनेशन बदलने से  काफी बड़ा बदलाव आएगा । पहले माइक्रो उद्योग की इन्वेस्टमेंट कास्ट  बीस लाख थी उसे एक करोड़ किया गया है और टर्नओवर को पाँच करोड़ किया है। लघु उद्योग का इन्वेस्टमेंट कास्ट को पाँच करोड़ कर टर्नओवर पचास करोड़ कर दिया गया है। इसी करह मीडियम उद्योग की कास्ट बीस करोड़ कर टर्नओवर सौ करोड़ कर दिया है। डेफिनेशन बढ़ने से छोटे और लघु उद्योगों को मिलने वाली सुविधाओँ का  दायरा बढ़ जाएगा। एमएसएमई सेक्टर इससे विकास करेगा। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे । अमर अग्रवाल कहते हैं कि कोई भी अर्थव्यवस्था हो जब तक मार्केट में पैसा ना हो तब तक नहीं चल सकती । पहले एमएसएमई के लिए लोन लेने की जो प्रक्रिया थी । किसी के पास सेक्युरिटी नहीं होती थी और किसी के पास दूसरी चीजों की कमी होती थी । अब वह बैरियर हटाने से तीन लाख करोड़ के पैकेज़ का लाभ एमएसएमई सेक्टर को काफी सुविधा मिल ज़ाएगी । केंद्र सरकार के नए पैकेज के बाद एमएसएमई सेक्टर के लिए लोन की सुविधा बढ़ गई है । बेरियर हटा दिए गए हैं । इससे लिक्विडिटी बढ़ेगी और उद्योगों को आगे बढ़ने में एक अच्छा अवसर मिलेगा । एमएसएमई सेक्टर चलेगा तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे । इससे गरीब वर्ग की क्रय क्षमता बढ़ेगी । कोई भी इकोनामी देश की क्रय  क्षमता के आधार पर चलती है । और क्रय क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों के लिए रोज़गार के अवसर उपलब्ध करना जरूरी है। रोज़गार के अवसर उपलब्द कराने के लिए मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर को इन्क्रीज़ करना भी आवश्यक है। इन सारी बातों पर विचार करके सेन्द्र सरकार ने एक अच्छा निर्णय लिया है। इससे अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से मजबूत होगी ।वे कहते हैं कि सरकार का काम है अवसर बढ़ाना। और उस अवसर के लिए जो संसाधन चाहिए , चाहे वह मार्केट हो, चाहे वह फाइनेंसियल मैटर हो। उसको उपलब्ध कराके हमारे देश की क्षमता का उपयोग कर अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाना सरकार का काम है। । सरकार के पैकेज से इसमें बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

कांग्रेस के लोग यह सवाल उठा सकते हैं कि पैकेज में राज्य को क्या मिला। राज्य के लिए जो पैकेज की मांग की गी थी , उसका क्या हुआ।  दरअसल लोग समझते हैं कि खाते में सीधा पैसा आ जाए वही ठीक है। लेकिन एक बार किसी के एकाउंट में पैसा डाल दें तो कर्च हो जाएगा। बाद में फिर वही स्थिति आ जाएगी । जब तक हमारे यहां की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर नहीं बढ़ेगी।  जब तक हमारे देशवासियों की क्षमता नहीं बढ़ेगी। तब एक स्टेबल इकॉनामी कभी नहीं आ सकती। अमर अग्रवाल कहते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार ने तीस हज़ार करोड़ रुपए को पैकेज मांगा था। अब केन्द्र सरकार की ओर से घोषित तीन लाख करोड़ के पैकेज में पांच हज़ार से दस हज़ार  करोड़ तो हमारे छत्तीसगढ़ में एमएसएमई को मिलेगा। छत्तीसगढ़ को लेकर उनका अनुभव है कि जितना रोजगार एमएसएमई में है, उतना रोज़गार बड़े उद्योगों में नहीं था। केन्द्र के इस पैकेज़ से छत्तीसगढ़ को भी बड़ा लाभ मिलने वाला है। यदि इस पैकेज का गहराई से अध्ययन कियी जाए तो यह कुछ तरह से है कि हम आपको तंदरुस्त बना रहे हैं,अब दौड़ना आपको है। अर्थशास्त्र के सिद्धांत के अनुसार यह व्यावहारिक फैसला है।

उन्होने कहा कि केंद्र सरकार के पैकेज का पैमाना व्यापक है । इससे हर स्तर पर व्यापक सुधार होगा ।  सरकार नें सीधे – सीधे बीस लाख करोड़ रुपए मार्केट में अतिरिक्त देकर लोगों की क्षमता को बढ़ा दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या उद्यमियों को आसानी से लोन उपलब्ध हो सकेगा ….. जबकि उनका अनुभव है कि पहले गारंटी होने के बावजूद लोन मिलने में दिक्कत आती थी …क्या अब बैंक बिना गारंटी के आसानी से लोन देंगे …? इस सवाल के जवाब में अमर अग्रवाल ने कहा कि निश्चित रूप से उद्यमियों को लोन मिल सकेगा । जैसे पहले मुद्रा लोन योजना आई तो लोगों को ऋण उपलब्ध हुए । ऐसी योजनाओं में हर एक 15 दिन में समीक्षा होती है।  बैंकों को लक्ष्य दिए जाते हैं और उन्हें लक्ष्य भी पूरा करना होता है ।  ऐसी स्थिति में समय पर लोन मिल सकेगा ।

अमर अग्रवाल ने कहा कि देश की मौजूदा परिस्थितियों में लोगों के लिए अन्न का पर्याप्त भंडारण है । भूख से किसी की मौत नहीं होगी  । लेकिन आर्थिक स्थिति की मजबूती के लिए जरूरी है कि लोगों को काम मिले।  श्रम शक्ति का सही उपयोग हो और लोगों की क्रय शक्ति बढ़े। क्रय शक्ति किस तरह से बढ़ सकती है। या तो लोग श्रम करे, सर्विस करे या ट्रेडिंग करे। यह सब करने के लिए लोगों को अवसर चाहिए। फाइनेंसियल रिसोर्सेस होते हैं तो अवसर मिलता है।

 वाणिज्य व्यापार कारोबार को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए केंद्र सरकार के पैकेज में इसका इसे शामिल किया गया है । जो लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि पैकेज में सीधे तौर पर क्या मिला …?  उन्हें यह समझना चाहिए कि यदि नगद राशि बांट दी जाए तो उससे तात्कालिक रूप से भले ही लाभ दिखाई दे । लेकिन जब तक पैसे का उपयोग उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में नहीं किया जाएगा तब तक बेरोजगारी भी दूर नहीं की जा सकती और क्रय शक्ति भी नहीं बढ़ाई जा सकती । लोग राजनैतिक वक्तव्य देते हैं । लेकिन वास्तविकता  अलग है। अमर अग्रवाल का यह भी मानना है कि प्रधानमंत्री के उद्बोधन और पैकेज की घोषणा से उद्योग व्यवसाय के क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ ही सेवा क्षेत्र और अन्य लोगों का भी आत्मविश्वास बढ़ा है । एक सकारात्मक संदेश यह भी है कि लो कल पर ही अधिक फोकस किया जाना है । स्थानीय स्तर पर उत्पादन और उसकी  मार्केटिंग होने से देश का पैसा देश में रहेगा । मेन्युफेकचरिंग में क्वालिटी और कास्टिंग पर ध्यान देकर हम न केवल अपने देश की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं, बल्कि निर्यात भी बढ़ा सकते हैं।  इससे आर्थिक तरक्की सुनिश्चित है । लोकल पर फोकस करने से टेक्नोलॉजी के विकास में भी मदद मिलेगी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो आह्वान किया है, उसके दूरगामी नतीज़े सामने आएँगे। यह देश को आने वाले समय में काफी ऊपर लेकर ज़ाएगा ।

अमर अग्रवाल मानते हैं कि कोरोना की वजह से जो हालात पैदा हुए हैं ,उससे दिक्कतें तो पेश आएंगी  । लेकिन केंद्र सरकार की ओर से घोषित किए गए पैकेज का बेहतर लाभ उठाते हुए सभी तबके के लोग कर्मठता के साथ अपने कार्य में जुटेंगे तो इन परिस्थितियों का मुकाबला कर आने वाले समय में हालात बेहतर किए जा सकते हैं ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप मौजूदा हालात को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए । जिससे इन परिस्थितियों का मुकाबला भी किया जा सकता है और आने वाले कल को बेहतर भी बनाया जा सकता है।

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