नारायणपुर-मनकू के घर भी पहुँची बिजली,पत्नी खुश हो कर बोली-इद हूड़ाय..वात बिजली(लो जी…आ गयी बिजली)अबूझमाड़ के 9 नक्सल हिंसा ग्रस्त गाँव में सौर संयंत्र स्थापित

नारायणपुर।जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सल प्रभावित दूर-दराज वाले इलाके में घर-घर तक बिजली की सुविधा मुहैय्या कराना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य था। लेकिन इस दिशा में अब किए गए कामों की जनता ने सराहना की है। जिन गाँवों में पारंपरिक विद्युत लाईन नहीं पहंुचाई जा सकी, वहां सौर ऊर्जा चलित संयत्र स्थापित कर बिजली मुहैय्या करायी जा रही है। इसी कड़ी में वैश्विक महामारी कोरोना के संकटकाल के समय भी क्रेडा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने गाइड लाईन मंे दिये गये निर्देशों का पालन करते हुए अपनी दायित्व का बखूबी निर्वहन कर नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड (अबूझमाड़) के 9 नक्सल हिंसा ग्रस्त गाँव को इस महीने सौर संयंत्र स्थापित कर रौशन किया है। सौर संयंत्र लगने से अब इस क्षेत्र के माड़िया आदिवासियों को बिजली, पानी की दिक््क़त नहीं होगी। मंजरों-टोलों में भी बिजली पहुँचाई जा रही है, जिससे स्कूली बच्चों को रात में पढ़ाई करने आसानी होगी। सीजीवालडॉटकॉम NEWS के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए

कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने कहा कि विकास ही नक्सल हिंसा से निपटने के लिए कारगर कदम है। जिले के दूरस्थ अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और समय पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर लोगों का दिल जीतने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया निर्माण अन्य जगह से यहां ज्यादा कठिन है। जिला मुख्यालय से ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड मुख्यालय तक सड़क निर्माण कार्य में कई बाधाएं एवं विपदा आयी लेकिन इसके बावजूद सड़क निर्माण कार्य अन्तिम दौर में है। अब यहां की जनता को पक्की सड़कों की बारहमासी यातायात सुविधाएं मिलने लगी है। विकास की मुख्यधारा सहज-सुगम, सुरक्षित और बेहतरीन रास्तों से ही दूर-दूर तक और जन-जन तक पहुंच सकती है और पहुंच भी रही है।
ओरछा विकासखंड के ग्राम मेटानार निवासी श्री मनकू राम के घर बिजली नहीं थी। वह अपने घर में पारंपरिक तरीके से ही रौशनी करता था। क्रेडा विभाग के अधिकारियों ने जब उनके गांव का सर्वे किया, तो मनकूराम सभी मापदंडों में पात्र पाये गये। विभाग द्वारा उनके घर में सोलर होम लाईट लगाकर उसके घर में उजाला किया गया। घर में पहली बार उजाला देखकर उसकी पत्नी के चेहरे पर ख़ुशी की झलक साफ़ दिख रही थी । वह ज़ोर से ख़ुशी से उछल कर बोली इद हूड़ाय…वात बिजली (लो जी…आ गई बिजली)।
क्रेडा विभाग के सहायक अभियंता श्री रविकान्त भारद्वाज ने इस माह ग्राम कोडकानार, आकाबेड़ा, कस्तुरमेटा, कटुलनार, ईरपानार, मेटानार पोकनार कलमानार, नेडनार तथा वहां स्थित आश्रम-छात्रावाासों का निरीक्षण कर सौर संयंत्र स्थानना का कार्य कराया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *