जांच मे सामने आ रहा रिश्वत का मामला

sisodiyaबिलासपुर। राजेन्द्र तिवारी आत्मदाह और जेल में संदिग्ध अवस्था में जीवन लाल मनहर की मामले की दण्डाधिकारी जांच के लिए जिला प्रशासन ने बिल्हा के नागरिको से शपथपत्र मांगा था। अब तक मिले शपथपत्रो में तत्कालीन एसडीएम अर्जुन सिसोदिया पर रिश्वत मांगने का भी आरोप सामने आया है। फिलहाल प्रशासन मामले में किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा है। जिससे कही ना कही जांच की विश्वनियता पर सवाल उठने लगे हैं।

                             बिल्हा के तत्कालीन एसडीएम अर्जुन सिसोदिया पर धारा 107-116 की आड़ में लोगो को प्रताडित कर उनसे रूपये ऐठने का आरोप लगा है। कम से कम शपथ पत्र से तो यही स्पष्ट हो रहा है। राजेन्द्र तिवारी आत्महत्या का मामला भी इसी रिश्वत से जोड़कर देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि तात्कालीन एसडीएम के रिश्वतखोरी से परेशान होकर  राजेन्द्र तिवारी ने एसडीएम कार्यालय बिल्हा के सामने आत्मदाह किया।

             आत्मदाह के एक दिन बाद इलाज के दौरान राजेन्द्र तिवारी ने रायपुर में दम तोड़ दिया। घटना के बाद बौखलाये लोगों ने सात घण्टे तक चक्काजाम किया। इस दौरान राजेन्द्र तिवारी के परिजनो ने आरोप लगाया कि तत्कालीन एसडीएम अर्जुन सिसोदिया ने लालू से 50 हजार रूपये रिश्वत मांगा था।

                कुछ इसी तरह का आरोप आरोप सेवती निवासी जीवन लाल मनहर के परिजनो ने भी लगाया है। जीवन का बेटा रंजीत के अनुसार अर्जुन सिसोदिया ने जमानत दिलाने के लिए पिताजी से 50 हजार रूपये की थी। दोनो ही प्रकरणो की दण्डाधिकरी जांच कर रहे जय प्रकाश मौर्य के न्यायालय में कुछ लोग पेश हुए। इसमें रिटायर्ड एसडीएम अर्जुन सिसोदियो पर संवैधानिक पद का दुरूपयोग करते हुए धारा 107-116 के आरोप में फंसे लोगो को प्रताडित किये जाने का आरोप है। इसमें कुछ नाम बिल्हा ब्लाक के बाहर से  भी हैं।

                  जेपी मौर्य के सामने बयान में सरगांव निवासी जियाउददीन ने बताया की वह राजेन्द्र तिवारी से घटना के दो दिन पहले मिला था। राजेन्द्र ने 107-116 के आरोप में तत्कालिन एसडीएम अर्जुन सिसोदिया से परेशान होना बताया था। उसका कहना था कि वह सरगांव का निवासी है…पथरिया ब्लाक में आता है। बावजूद इसके अर्जुन सिसोदियो ने उसके खिलाफ 107-116 का वांरट जारी किया था। जमानत के लिए 20 हजार रूपये की मांग की थी।

                 राजेन्द्र तिवारी मामले के मुख्य गवाह धर्मेन्द्र मनहर ने बताया की वह भी 107-116 के आरोप में एसडीएम अर्जुन सिसोदिया के न्यायालय में पेश हुआ था। उस दौरान एसडीएम ने उसकी जमानत याचिका को फाड कर फेक दिया था । गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था । बुधवार शाम तक 6 लोगो की गवाही हुई जिनमें सरगांव निवासी दीपक राजपूत, टिंकर रजक प्रमुख हैं।

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