रिपोर्ट नाबार्ड को भेजेंगे..IG से करेंगे जांच में तेजी की मांग..CEO चन्द्राकर ने बताया..किसान को लौटाएंगे रूपया

बिलासपुर—- पुलिस और विभागीय कार्रवाई दोनो एक साथ चल रही है। विभागीय रिपोर्ट आजकल में मिल जाएगी। रिपोर्ट को नाबार्ड भेजेंगे। किसान को रूपया लौटाया जाएगा। साथ ही आईजी दीपांशु काबार से निवेदन करेंगे कि जांच में तेजी लाए जाए। जिससे किसान को बिना किसी नुकसान के रूपया लौटाकर भारपाई किया जा सके। सहकारी बैंक सीईओ श्रीकांत चन्द्राकर ने कहा कि बहरहाल ब्रांच प्रभारी रंजना पाण्डेय को प्रभार से अलग रखा गया है।

                   बताते चलें कि किसान रामकुमार कौशिक के खाते से पांच लाख 76 हजार रूपए पार करने का मामला चरम पर पहुंच गया है। किसान ने रूपए नहीं लौटाने की सूरत में किसान मोर्चा के बैनर तले आंदोलन की धमकी दिया है। वहीं सहकारी बैंक सीईओ श्रीकांत चन्द्राकर ने जांच रिपोर्ट के बाद उचित कदम  उठाने की बात कह रहे हैं। 

                          सीईओ श्रीकांत चन्द्राकर ने बताया कि विभागीय और पुलिस जांच एक साथ चल रही है। फिलहाल जांच होने तक ब्रांच प्रभारी रंजना पाण्डेय को प्रभार से अलग कर दिया गया है। जांच प्रभारी सुशील पन्नौरे आज कल में विभागीय रिपोर्ट सौपेंगे। रिपोर्ट को नाबार्ड भेजा जाएगा। इसके बाद आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार रूपया लौटाने का प्रयास किया जाएगा। सीईओ ने बताया कि फिलहाल यह मानकर चला जाए कि किसान रामकुमार का रूपया बैंक में है।

क्या है मामला

                 सकरी किसान रामकुमार कौशिक का सहकारी बैंक में खाता है। लोन खाता सेविंग से जुड़ा है। एक सप्ताह पहले किसान खाते से रूपया निकालने बैंक पहुंचा। लेकिन चेक बाउन्स हो गया। प्रबंधक ने बताया कि खाते में रूपये नहीं है। उन्होने पिछले एक महीने में करीब 5 लाख 76 हजार रूपए निकाले हैं। इतना सुनने के बाद किसान सन्न हो गया। उसने बताया कि उसके पास एटीएम कार्ड नहीं है। फिर एटीएम बूथ से रूपया कैसै निकाल सकता हूं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया गया।

                        छानबीन के दौरान पांच एटीएम बूथ से 37 बार रूपया निकाले जाने की जानकारी मिली। पुलिस ने जांच पड़ताल के दौरान एटीएम बूथ के सभी सीसीटीवी फुटेज को बरामद कर लिया है। फिलहाल जांच चल रही है।

   आईजी से करेंगे मांग..सीईओ

        जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के सीईओ श्रीकांत ने बताया कि पुलिस जांच चल रही है। लेकिन तेजी नहीं है। इसलिए आईजी दीपांशु काबरा से मिलकर जांच में तेजी लाने का निवेदन करेंगे। पुलिस का कहना है कि फुटेज मिल चुका है। मास्क से ढका होने के कारण आरोपी की पहचान में मुश्किल जा रही है।

किसान का आरोप बैंक कर्मचारियों की मिली भगत

               किसान रामकुमार कौशिक ने बताया कि हमें रूपी कार्ड यानि एटीएम कार्ड मिला ही नहीं। सीईओ का कहना है कि कार्ड सुरक्षित रखा गया था। ऐसी सुरक्षा किस काम की जब कार्ड लेकर कोई लाखों रूपए का आहरण कर ले। हमें शक है कि इस पूरे घटनाक्रम में बैंक कर्मचारियों की मिली भगत है। जांच के बाद खुलासा जरूर होगा। अन्त में पता चलेगा कि इसमें बैंक का कर्मचारी ही शामिल है।

किसानों और कार्डों की लिस्टिंग

                  घटना क्रम के बाद अब खाताधारी किसानों और एटीएम कार्ड की लिस्टिंग की जा रही है। किसानों से कार्ड की जानकारी मांगी जा रही है। जिन किसानों ने कार्ड नहीं लिया उन्हें बुलाकर दिया जा रहा है। सीईओ ने बताया कि 2017 से प्रत्येक किसान को अनिवार्य रूप से कार्ड दिया जा रहा है। क्योंकि फार्म भरते एटीएम कार्ड वाले कालम को अनिवार्य से हां में टिक किया गया है।

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