मोहल्ला स्कूल लगाकर लाउडस्पीकर से बच्चों को पढ़ाएंगे शिक्षक,2 दिन के अंदर सभी ग्राम पंचायतों में करें इंतजाम,प्रमुख सचिव के सख्त निर्देश से हड़कंप

रायपुर।शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग की राज्य स्तरीय आन लाइन बैठक पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय हो गई। शिक्षा सचिव आलोक शुक्ला के निर्देश से विभाग में हड़कंप मच गया है। उन्होंने 2 दिनों के अंदर प्रदेश के सभी 12000 ग्राम पंचायतों में लाउडस्पीकर स्कूल शुरू करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के लगभग 40 हजार प्राइमरी मिडिल स्कूलों के  शिक्षकों को गांव में जाकर स्कूलों की बजाए समुदाय की भागीदारी से मोहल्ला स्कूल लगाने  के लिए निर्देश दिया है।डॉ आलोक शुक्ला ने इस आन लाइन मीटिंग में इशारों इशारों में उन्होंने कह दिया जो शिक्षक के इस कार्य में रुचि नहीं लाएंगे शासन की भी उनमें रुचि नहीं होगी।उन्होंके  डेटा बेस से कार्यो की समीक्षा जारी रहेगी परिणाम नही मिलने पर खामियाजा भुगतने तैयार रहने कह दिया। जिला शिक्षा अधिकारियों पर गुस्सा उतारते हुए स्कूल शिक्षा सचिव ने शत-प्रतिशत लक्ष्य सोमवार तक हासिल करने के लिए समय दिया है। इसी बीच दोपहर बाद 5-6 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों का तबादला आदेश जारी भी कर दिया गया है।CGWALL NEWS के व्हाट्सएप ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये

प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने कहा लॉकडाउन ग्रामीण क्षेत्रों में लागू नहीं है शिक्षक वहां जाकर बच्चों को पढ़ाएं। इस कार्य के लिए पिछले दिनों वेबीनार के माध्यम से  स्वेच्छा वैकल्पिक शिक्षा के  आवेदन मगाये गए थे लेकिन महज तीन हजार आवेदन ही ऑनलाइन विभाग को मिले। जिस कारण से शिक्षा सचिव नाराज हो गए और तीखे तेवरो में  यह का फरमान जारी कर दिया। यू तो विभागीय बैठके बंद कमरों में होती है। पर कोरोना की वजह से यह आन लाइन हुई जिसे PTD छत्तीसगढ़ पर अपलोड कर दिया गया है।इस बैठक की खास बातें यह रही कि आन लाइन के दौरान तकनीकी समस्या से वरिष्ठ अधिकारी ही जूझते रहे।

डीपीआई जितेंद्र शुक्ला ने बैठक में प्रवेश की प्रक्रिया पुस्तकों , छात्रवृत्ति  गणवेश वितरण के संबंध में जानकारी दी।आज की बैठक के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अमले में हड़कंप मचा हुआ है। बिना संसाधनों के मोहल्लों में जाकर के कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए  अंतर्गत मोहल्ला स्कूल लगाना और गांव में जन सहयोग से लाउडस्पीकर के माध्यम से पढाई कराना  विभाग के अमले एव शिक्षको के लिए टेढ़ी खीर होगी।

महामारी के संक्रमण के समय इस प्रकार के निर्देश को लेकर विभागीय अमले में संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हजारों की संख्या में पढ़ई तुंहर द्वार अभियान अंतर्गत ऑनलाइन क्लासेस ले रहे हैं शिक्षकों में भ्रम की स्थिति हो गईं है। मोबाइल के माध्यम से क्लास लेने के साथ साथ अब शिक्षकों को गांव और मोहल्ले में जाकर एवं लाउडस्पीकर का इंतजाम करके अध्यापन का कार्य भी करना होगा।

loading...
loading...

Comments

  1. By Prahlad Dhruw'

    Reply

  2. By Santanu

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...