गोधन योजना में रिकार्ड पंजीयन..जिले ने सबको छोड़ा पीछे..लोकसेवा गारंटी में भी टॉप..कलेक्टर..अभी बहुत गुंजाइश

बिलासपुर— जिले ने एक बार फिर लोकसेवा गारंटी लंबित प्रकरणों के निराकरण में रिकार्ड स्थापित किया है। बिलासपुर जिले ने लगातार दूसरे महीने लंबित प्रकरणों को निराकृत करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। शासन से जारी लोकसेवा गारंटी लंबित आवेदन निराकरण किए जाने वाले रिपोर्ट के अनुसार 27 जिलों में महासमुंद को अंतिम यानि 28 वां स्थान मिला है। जबकि राजधानी का स्थान 26 वां है। बिलासपुर से अलग होकर बना नया जिला गौरेला पेन्ड्रा मरवाही को लंबित आवेदनों के निराकरण किए जाने को लेकर 9 वां स्थान हासिल हुआ है। इसके अलावा बिलासपुर जिले में गोधन न्याय योजना के शुरू होने के बाद गोबर बिक्री को लेकर भी  रिकार्ड हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है।

                      बिलासपुर जिले ने लगातार दूसरे महीने भी लोकसेवा गारंटी लंबित आवेदनों के निराकरण को लेकर रिकार्ड स्थापित किया है। दो महीने से शासन की सूची में बिलासपुर को टाप स्थान यानि पहला स्थान मिला है। जबकि बिलासपुर से टूटकर बना नया जिला गौरेला पेन्ड्रा मरवाही को 9 वां स्थान हासिल हुआ है।  रायपुर इस बार भी काफी पीछे यानि 28 जिलों में 26 वां स्थान हासिल हुआ है।

            शासन से जारी सूची के अनुसार बिलासपुर जिले में लंबित 672804 प्रकरणों में से 615250 प्रकरणों को अनुमोदित किया गया है। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर के लगातार प्रयास के बाद  प्रदेश के 28 जिलों में लंबित आवेदनों के निराकरण में जिले को कुल 91.4 प्रतिशत अंक हासिल हुए हैं।

               कलेक्टर मित्तर ने बताया कि लोकसेवा गारंटी योजना के तहत लोगों के आवेदनों पर पिछले कुछ दिनों से कर्मचारियों ने तेजी से निराकरण किया है। लोग शासन की योजना का ज्यादा से ज्याद लाभ उठा सके..जिला प्रशासन ने हर संभव प्रयास किया है। 

गोधन न्याय योजना में भी जिले ने बनाया मिसाल     

          जानकारी हो कि हरेली पर्व से प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश स्तर पर शुरू किया। जगह जगह विशेष अभियान चलाकर गोबर खरीदी अभियान को प्रोत्साहित किया। साथ ही हितग्राहियों को प्रति किलो गोबर पर दो रूपए देने का भी एलान किया। समिति का गठन कर हितग्राहियों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में पंजीयन कराने को कहा। साथ ही गौठान पहुंचकर गोबर बिक्री करने के लिए प्रोत्साहित किया। 

                 कलेक्टर सारांश मित्तर ने बताया कि गोधन योजना के तहत बिलासपुर में 2883 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया। गोबर बिक्री के इच्छुक हितग्राहियों का पंजीयन जिले के कुल 86 गौठानों में किया गया। इस दौरान  बहुत ही कम समय में गौटान पहुंचकर 2044 हितग्राहियों ने पंजीयन कराया। अकाउण्ट सत्यापन भी कोविड-19 संक्रमण के बीच कर्मचारियों ने पूरा किया। बताते चलें कि यहां भी प्रदेश का नया जिला गौरेला पेन्ड्रा मरवाही ने 8 वां स्थान हासिल कर प्रदेश के बाकी जिलों को पीछे छोड़ दिया है। जीपीएम जिले में 30 गौठान हैं। यहां 209 हितग्राहियों ने पंजीयन के लिए आवेदन किया। 28 आवेदनों का अकांउट भी सत्यापित हो चुका है। 

                 कलेक्टर ने बताया कि बिलासपुर जिले में कुल 86 ही गौठान है। जल्द ही नए गौठानों का निर्माण किया जाना है। बावजूद इसके सीमित सख्या में मौजूद गौठानों में योजना का लाभ लेने बिलासपुर के हितग्राहियों ने रिकार्ड तोड़ पंजीयन कराया। 

             जानकारी देते चलें कि गोधन न्याय योजना के तहत सरकार ने प्रत्येक किलो गोबर पर हितग्राहियों को 2 रूपए खाता में डालने का एलान किया है। आंकड़ों पर गौर करें तो बिलासपुर जिले में रिकार्ड तोड़ हितग्राहियों ने पंजीयर कराते हुए रिकार्ड बनाया है।

क्या कहते हैं कलेक्टर

             लोकसेवा गारंटी के तहत लोगों की समस्याओं का जल्द से जल्द दूर करना ही जिला प्रशासन का प्रयास है। पिछले दो एक महीने से कर्मचारियों ने कोविड-19 संक्रमण के बीच जमकर काम किया है। जिसका नतीजा है कि लंबित प्रकरणों के निराकरण कर बिलासपुर ने सूची में पहला स्थान हासिल किया है। मित्तर ने बताया कि अभी बहुत मेहनत करना होगा।

       सीमित संख्या में मात्र 86 गौठानों में ना केवल हितग्राहियों ने रिकार्ड पंजीयन कराया। बल्कि गोबर की रिकार्ड बिक्री भी हुई है। लोग योजना का बढ़चढ़कर फायदा उठा रहे हैं।

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