टोनही शक में बुजुर्ग महिला से मारपीट ..पति पत्नी समेत 4 आरोपी गिरफ्तार ..पुलिस से बचने आरोपी महिला ने की थाना में जमकर नौटंकी

कोरबा—– पाली थाना क्षेत्र के डुमरकछार आश्रित गांव कछारपारा में एक महिला को टोनही बताकर प्रताड़ित करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चारो आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को टोनही के ना केवल मारपीट किया। बल्कि गांव नहीं छोड़ने पर जान से मारने की धमकी  भी दी थी। शिकायत के बाद बहरहाल पुलिस ने चारो आरोपियों को लाकअप के पीछे भेज दिया है। 
 
                 मामला पाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत डुमरकछार आश्रित मोहल्ला कछारपारा का है। स्थानीय निवासी 62 साल फेकन बाई मरकाम पति बच्चु राम मरकाम गांव के ही लोगों ने टोनही बताकर अश्लील गाली गलौच और मारपीट करते हुए जान से मार देने की धमकी दी। बहरहाल महिला को टोनही कहने और प्रताड़ित करने वाले चारो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
 
       बताते चलें कि कछारपारा मोहल्ले में नरेश मरकाम के पिता की तबीयत पिछले दो साल से खराब चल रही है। परिवारवालों को लगा कि नरेश मरकाम की तबीयत लगातार खराब होने की टोना टोटका है। परिवार वालों ने इस फेकनबाई पर टोना किए जाने को संदेह किया। आरोपी परिवार गांव के देवस्थल बूढ़ादेव में साफ सफाई का बहाना बनाकर पूरे मोहल्ले के 30- 40 महिला और पुरुषों को 18 मार्च 2020 को शाम 5 बजे एकत्र किया।
 
                 साफ सफाई के बाद करीब 6  बजे घर लौटने से ठीक पहले सभी गांव वालों के सामने गांव के बैगा छतर सिंह मरकाम को मंच पर बुलाया गया। बैगा ने दिया बाती जलाया। इसी दौरान सावित्री मरकाम और जमुना मरकाम ने मंच में अपने आप को गुरुदेव सवार होने का दावा किया। देखते ही देखते दोनों झूमने लगी। कुछ देर बाद दोनों जोर-जोर से फेंकन बाई को टोनही कहकर मंच में बुलाने लगी। सिंदूर लगा नींबू हाथ में पकड़ाकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने लगी।
 
           इसके बाद दोनों ने फेंकन बाई को गाल और पीठ पर तमाचा मुक्का से मारना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लक्ष्मी नारायण ने फेंकन बाई का बाल नोचना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पीड़िता के पुत्र अमर सिंह मरकाम ने घटना की सूचना डायल 112 को दी। करीब साढे़ सात बजे डायल 112 की टीम मौके पर पहुंच गयी। लेकिन तब तक आरोपीगण अपनी नाटक को अंजाम देकर घर चले गए थे।
 
             डायल 112 टीम को पड़िता का  बेटा अमर सिंह ने घटनाक्रम की जानकारी दी। डायल 112 की सलाह पर अमर सिंह ने दो दिन बाद पीड़िता के साथ पाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत की। शिकायत के बाद पीड़ित पक्ष और चश्मदीद ग्रामीणों ने घटनाक्रम की जानकारी दी।
 
                 शिकायत के बाद पुलिस ने जांच पड़ताल के दौरान नरेश कुमार मरकाम और उसके साडू लक्षमी नरायण  मरकाम समेत दोनों की पत्नियों को दोषी पाया। पुलिस को इस दौरान यह भी  जानकारी मिली कि दोनों आरोपियों की पत्नियां सावित्री और जमुना मरकाम सगी बहने भी हैं। दोनों ने एक राय होकर घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने चारों के खिलाफ छत्तीसगढ़ टोनही निवारण अधिनियम 2005 के तहत धारा 4, 5, और 323, 506, 34 के तहत अपराध दर्ज किया। 
 
                प्रकरण को पुलिस कप्तान अभिषेक मीणा  और एसडीओपी  पंकज पटेल के संज्ञान में लाया गया। आलाधिकारियों ने थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठौर को पीड़ित महिला को न्याय दिलाने जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आदेश दिया। थाना प्रभारी के निर्देश पर उप निरीक्षक अशोक शर्मा ने विवेचना के दौरान सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेएमएफसी पाली के न्यायालय में पेश किया।
 
              आज गिरफ्तारी के दौरान आरोपिया सावित्री मरकाम ने थाना पाली में भी अपने ऊपर गुरुदेव चढ़ने और गिरफ्तार करने वाले को छोड़ने की धमकी दी। थाने में यह खेल करीब आधा घंटा तक नाच के साथ चला। इस दौरान साबित्री ने पुलिस कार्रवाई से भरसक बचने का प्रयास भी किया। लेकिन पुलिस के सामने एक नहीं चली। 
 
       
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