सरकारी अस्पतालों में मिलेंगी जेनेरिक दवाइयां

jeneric 29 रायपुर ।  स्वास्थ्य, और परिवार कल्यण मंत्री  अजय चन्द्राकर ने विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को जेनेरिक दवाईयां आसानी से मिले। डॉक्टर उन्हें जेनेरिक दवाई लिखें और इन दवाईयों के इस्तेमाल के लिए मरीजों को जागरूक तथा प्रोत्साहित किया जाए। श्री चंद्राकर ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में  अधिकारियों को इस आशय के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा मंत्री की विभागीय समीक्षा बैठक का आज पहला दिन था।
श्री चन्द्राकर ने चिकित्सा शिक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा बीमा योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री बाल ह्दय सुरक्षा बीमा योजना, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन के कार्यों की प्रगति, मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। श्री चन्द्राकर ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वशासी नियमावली में एकरूपता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल काउसिंल ऑफ इंडिया के मापदण्ड के अनुरूप चिकित्सा महाविद्यालयों में मानव संसाधन और अधोसंरचना विकसित करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्राकर ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता के जीवन से जुड़ी होती हैं। अतः उच्च गुणवत्ता के दवाईयां और उपकरण खरीदना सुनीश्चित की जाए। उन्होंने जेनेरिक दवाईयों केे उपयोग को बढ़ावा देने के लिए मरीजों में जागरूकता लाने के भी निर्देश दिए। श्री चन्द्राकर ने राज्य के सीमा से लगे राज्यों जैसे झारखंड, उड़ीसा, तेलांगाना आदि राज्यों के सीमावर्ती चिकित्सालयों को चिन्हित कर प्रदेश कार्डधारी परिवारों के लिए उस अस्पताल में उपचार की व्यवस्था किये जाने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में श्री चन्द्राकर ने कहा कि दुर्गम अंचलों के आदिवासाी विद्यार्थियों के लिए पीएमटी जैसे देशभर के मेडिकल कॉलेजों में भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाओं की तैयारी के लिए कार्यायोजना बनाई जाए, ताकि दूरस्थ्स अंचल के छत्रा-छात्राएं भी आयोजित ऐसी परीक्षाओं उत्तीर्ण हो सके। उन्होेेेेेेंने महाविद्यालयों में पर्याप्त सुविधा मुहैया उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय राजनांदगांव और दुर्ग में छात्रावास निर्माण के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टरों से समन्वय कर भूमि आबंटन एवं निर्माण प्रक्रिया संबंधी कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग में होने वाले दुघटनाओं पर तत्काल ईलाज के लिए चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर, रायगढ़, सरगुजा  ट्रामा सेंटर स्थापित करने कार्ययोना बनाने के निर्देश दिए। श्रीचन्द्राकर ने जिला धमतरी और दुर्ग में भी ट्रामा संेटर स्थापित करने के लिए कार्ययोजना बनाने अधिकारियों को निर्देश दिए।
बैठक में श्री चन्द्राकर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि शत-प्रतिशत परिवारों के स्मार्ट कार्ड के दिशा में कार्यवाही चल रही है। शासकीय अस्पतालों में भी स्मार्ट कार्ड के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने 30 जून तक शत-प्रतिशत परिवारों का स्मार्ट कार्ड बनाने के निर्देश दिए।  बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री विकासशील, आयुक्त श्री अविनाश चम्पावत, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री आर. प्रसन्ना, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉं. ए.के. चन्द्राकर और मिशन संचालक डॉ. अयाज तम्बोली सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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