ड्यूटी के दौरान पॉजिटिव हुए रायपुर के शिक्षक की मौत , टीचर्स एसोसिएशन ने कहा – अधिकारियों का अड़ियल रवैया उजागर

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसन्त चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, सचिव मनोज सनाढ्य, कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक, महामंत्री श्रीमती अंजुम शेख, आयुष पिल्ले, संगठन मंत्री योगेश सिंह ठाकुर, सुखनंदन साहू, अंजलि परिहार, रायपुर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सोनकला, श्रीमती टिकेश्वरी साहू, सचिव डॉ सी एल साहू, अतुल शर्मा, कन्हैया कंसारी, श्रीमती विभा सिंह परिहार, मनोज मुछावड़, जितेंद्र मिश्रा, विनोद साहनी, राधेश्याम बंजारे, राजेन्द्र शर्मा, विक्रम ध्रुव, दिनेश आडिल, जागृति साहू, कंचन यादव, ममता ठाकुर, अंजुलता गिलहरे, रविन्द्र सान्गसुरतान, बुद्धेश्वर बघेल, हरीश दीवान, गोपाल वर्मा, ने बताया कि विगत दिनों प्रमुख सचिव शिक्षा डॉ आलोक शुक्ला जी के पत्र का हवाला देकर शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य से मुक्त रखने का मांग एसोसिएशन ने किया था, किन्तु अधिकारियों के अड़ियल रवैये और संवेदन हीनता के चलते शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य से दूर नहीं रखा गया।

शासन के आदेश का पालन नही हुआ, और शिक्षक की गैर शिक्षकीय कार्य मे लगा दी गई डयूटी जिसका परिणाम हमारे शिक्षक साथी कमलेश कुमार शर्मा सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला दोण्डे खुर्द विकासखण्ड धरसींवा जिला रायपुर का डयूटी जोन नम्बर 08 वार्ड नम्बर 59 ग्रीड नम्बर 03 में एक्टिव सर्विलांस ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित होकर अकाल मृत्यु के आगोश में समा गये।वे लकवा के मरीज होने के बावजूद ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे थे।अनेक शिक्षकों का डयूटी कोविड-19 ट्रेसिंग एवम स्वास्थ्य जांच में लगाया गया है, उन्होंने बताया कि कोविड -19 के चलते शिक्षकों को सर्वे कार्य में लगाया गया है,

शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिये चलाये जा रहे पढ़ई तुंहर द्वार, ऑनलाइन अध्यापन कार्य, सीख कार्यक्रम, मोहल्ला क्लास, लक्ष्य भेद आदि कार्य को ईमानदारी एवम निष्ठा पूर्वक करते हुए तीन चरणों में सर्वे कार्य किया जा चुका है, इसके अलावा शिक्षकों की डयूटी बगैर किसी सुरक्षा व्यवस्था के ट्रेसिंग व स्वास्थ्य जांच में भी लगाया गया है, जिसके अंतर्गत उन्हें प्रत्येक व्यक्ति के घर जाकर ऑक्सीजन लेवल और शरीर का तापमान नोट करने का कार्य करना पड़ रहा है, जिससे वह स्वयं कोरोना संक्रमण का वाहक बन सकते है, इस बात का आशंका छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने जताया था।

कमलेश शर्मा के अकाल मौत से शिक्षक समुदाय में आक्रोश है और वे अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत व चिंतित हैं।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य से मुक्त करने के आशय का पत्र स्कूल शिक्षा मंत्री, पंचायत एवम स्वास्थ्य मंत्री व प्रमुख सचिव शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन को पुनः भेजकर मांग किया है कि शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य से मुक्त रखा जावे, एवम मृत शिक्षक कमलेश शर्मा को कोरोना वारियर का दर्जा प्रदान करते हुए 50 लाख का बीमा राशि उनके परिजनों को तत्काल प्रदान करें जिससे अन्य सभी शिक्षक भयमुक्त वातावरण में सीखने – सिखाने व शिक्षण के विभागीय दायित्व का निर्वहन कर सकें।

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