एक क्लिक से मिलेगी जानकारी.. महाधिवक्ता कार्यालय से खबर..स्कैन दस्तावेजों को किया जाएगा आनलाइन

बिलासपुर—– महाधिवक्ता कार्यालय को आनलाइन करने की दिशा में कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में महाधिवक्ता कार्यालय ने चार साल के निराकृत रिट याचिकाओं को डिस्पोज्लड कार्रवाई के पहले स्केनिंग का काम पूरा हो चुका है। अब स्कैनिंग किए गए दस्तावेजों को जल्द ही आनलाइन किया जाएगा।
 
                        जानकारी देते चलें कि  महाधिवक्ता पद संभालते ही सतीशचन्द्र वर्मा ने एक प्रेस वार्ता में बताया था कि उनकी प्राथमिकताओं में महाधिवक्ता कार्यालय को आनलाइन करना है। इससे कार्यालय में स्थान मिलने के साथ ही अधिकारियों का समय भी बचेगा। दस्तावेजों के डिजीटिलाइजेशन के बाद काम काज में आसानी होगी।
 
                    इसके बाद महाधिवक्ता सतीश चन्द्र वर्मा के निर्देश पर दस्तावेजों को आनलाइन करने को अभियान चलाया गया। सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ो की स्कैनिंग किया गया। शासन के विरुद्ध केस सुनवाई में आने के पहले  सबंधित विभाग को संपूर्ण प्रकरण ईमेल से तत्काल भेजा गया।  सभी शासकीय विधि अधिकारियों के कक्ष में इंटरनेट की उपलब्धता पर जोर दिया गया। 
 
                 महाधिवक्ता कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 6 सितम्बर को महाधिवक्ता कार्यालय में 2015 से 2016  की निराकृत याचिकाएं और 2017 से 2018 की सभी निराकृत आपराधिक याचिकाओं को अलग कर पेपर रीसाइक्लिंग के बाद विक्रय कर दिया गया है। विक्रय कार्रवाई के पहले सभी डिस्पोज़्ड पिटिशन के आवश्यक दस्तावेज़ो का स्कैनिंग किया गया।
 
            महाधिवक्ता कार्यालय के अनुसार निराकृत फ़ाईलों की संख्या हज़ारों में है। अब सभी दस्तावेज माउस की एक क्लिक पर सामने होंगे। इसके अलावा निराकृत दस्तावेजों के डिस्पोज्ड होने के बाद महाधिवक्ता कार्यालय में पर्याप्त जगह हो जाएगी। अनावश्यक दस्तावेज के विक्रय से कार्यालय को राजस्व का मुनाफा भी होगा। सबसे जरूरी बात कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में रद्दी कागज की रिसाइक्लिंग हो जाएगी।
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