भाजपा युवा नेताओं का आरोप..कोरोना इलाज में घनघोर लापरवाही..5 घंटे तड़पती रही गर्भवती..निजी अस्पतालों की दुकान से मरीजों में त्राहि-त्राहि

बिलासपुर—- भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने आज जिला कार्यालय पहुंचकर कोरोना प्रकोप और इस दौरान मरीजों के प्रति डॉकटरों की लापरवाही को लेकर प्रदर्शन किया। युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपक सिंह की अगुवाई में भाजपा यूथ नेताओं ने बताया कि कोरोना काल में स्वास्थ्य व्यववस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। डाक्टर, मेडिकल स्टाफ और जिला प्रशासन के बीच तालमेल नहीं होने से मरीजों को हाथ से जान धोना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से बेलगाम हो चुका है।

                   भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर की अगुवाई में यूथ नेताओं ने आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को बेलगाम स्वास्थ्य महकमा की शिकायत की है। दीपक सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन और मेडिकल स्टाफ के बीच तालमेल नहीं होने से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है। जिला प्रशासन की लाचारगी किसी से छिपी नहीं है। यही कारण है कि कोरोना के मरीज दिनों दिन बिलासपुर में बढ़ते जा रहे है।

तालमेल का अभाव..संवेदनहीन हुए डाक्टर

            जिला प्रशासन अधिकारी को दीपक सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की संवेदनाएं जैसे खत्म हो चुकी है। हाल ही में तखतपुर स्थित खपरी की एक गर्भवती महिला को जिला अस्पताल डिलेवरी के लिए लाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला को सिम्स भेज दिया। दर्द से कराह रही गर्भवती महिला को सिम्स में भर्ती करने की वजाय पांच घण्टे तक बैठाकर रखा गया। सिम्स के डाक्टरों ने महिला को इंजेक्शन लगाकर एक बार फिर जिला अस्पताल रवाना कर दिया। रास्ते में महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया। बावजूद इसके जिला अस्पताल के डाक्टर महिला को भर्ती नहीं किया। इस दौरान परिजन गुहार लगाते रहे । लेकिन डाक्टरों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।

                 युवा नेता ने बताया कि जिला अस्पताल में कोरोना के अलावा किसी गंभीर मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा है। यदि वृद्ध इलाज कराने आता है तो उसे लौटा दिया जाता है। जानबूझकर कोरोना टेस्ट के बाद इलाज के लिए कहा जाता है। इसके चलते लोगों की मौत हो रही है। और बाद में मृतक को कोरोना घोषित कर दिया जाता है।

मेडिकल विभाग की घनघोर लापरवाही

            दीपक ने कहा कि कोरोना मरीजों की लापरवाही में भी घनघोर लापरवाही सामने आ रही है। इतना ही नहीं डाक्टरों की लापरवाही से शव को भी बदल दिया जा रहा है। सिम्स और कोविड अस्पताल में कोरोना से लड़ने के लिए ना तो दवाई ै और ना ही आक्सीजन। मरीजों को जमीन पर लिटाया जा रहा है। बड़े लोगों के लिए बेड को खाली रखा जा रहा है। इससे जाहिर होता है कि प्रशासन और सरकार दोनों ही कोरोना से निपटलने में पूरी तरह से असफल साबित हुए है। 

कोरोना के नाम पर लूटपाट

          जिला प्रशासन को दीपक ने बताया कि प्रायवेट अस्पताल में इलाज कराने जा रहे कोरना मरिजों से इलाज के नाम पर अनाप शनाप की वसूली हो रही है। निर्धारित राशि से पांच छः गुना रूपया वसूला जा रहा है। लोग जमीन जायजाद बेचकर इलाज कराने को मजबूर है। जाहिर सी बात है कि इन लूटेरे डाक्टरों पर शासन प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। इतना ही नहीं भर्ती के बाद भी ठीक से इलाज नहीं किया जा रहा है।

मरीजों में त्राहि त्राहि

                               निजी अस्पताल इलाज के नाम पर निर्धारित राशि से पांच छःगुना रूपए वसूल रहे हैं। मरीज समेत परिजनों में डाक्टरोंं के इस रूप को देखकर त्राहि त्राहि मची हुई है। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने कान में उंगली डालकर बैठा सब कुछ देख रहा है। जो निश्चित रूप से समझ से परे है।

              जिला प्रशासन से युवा नेता मांग रखते हुए कहा कि मरीजों के लिए दवाई और आक्सीजन की व्यवस्था जल्द से जल्द किया जाए। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के लिए अलग टीम की व्यवस्था की जाए। साथ ही मरीजों से आनलाइन संवाद भी निश्चित समय अन्तराल में किया जाए। 

               भाजपा नेताओं ने कहा यदि समय रहते व्यवस्था को दुरूस्त नहीं किया गया तो भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य सरकार के खिलाफ इस महामारी में उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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