हिन्दी दिवस पर आनलाइन कार्यशाला.. स्वनाम धन्य वक्ताओं ने कहा..राष्ट्रीय एकता अखण्डता की पहचान है हिन्दी

बिलासपुर—-हिन्दी दिवस पर “राष्ट्रीय वन्देमातरम” जनशक्ति संगठन और छत्तीसगढ़ कला, साहित्य सांस्कृतिक विकास परिषद ने ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान वक्ताओं ने गंभीरता के साथ हिन्दी को समृद्ध बनाने को लेकर अपनी बातों को रखा। साथ ही ज्यादा से ज्यादा हिन्दी प्रयोग पर बल दिया।

                  राष्ट्रीय वन्देमातरम” जनशक्ति संगठन और छत्तीसगढ़ कला, साहित्य एवं सांस्कृतिक विकास परिषद  की प्रदेश इकाई ने हिन्दी दिवस पर ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया। वक्ताओं ने इस दौरान हिन्दी भाषा के विकास को लेकर तर्क के साथ अपनीी बातों को रखा। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र में हिन्दी के महत्व और हिन्दी की सार्वभौमिकता विषय पर प्रकाश डाला।  आनलाइन संगोष्ठी में महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं,युवाओं, शिक्षकों समेत हिन्दी के स्वनाम धन्य विद्वानों ने शिरकत किया। 

               कमोबेश सभी वक्ताओं ने हिन्दी के विकास को लेकर सारगर्भित बातों को रखा। सभी ने कहा कि हम अपने दैनिक काम काज में जितने हिन्दी का प्रयोग करेंगे। उतना ही हिन्दी का तेजी से पल्लवन होगा।

                संगोष्ठी में प्रमुख रूप से दीपक भास्कर , स्मिता सिंह , डॉ. चंचल कौशिक, सीमा यादव , रोमा बैरागी ,नीता दुवा ने हिन्दी को राष्ट्रीय एकता और अखण्डता का सबसे बड़ा मूल मंत्र बताया। संगोष्ठी में शामिल प्रमुख वक्ताओं ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधने के लिये भारत वर्ष में हिन्दी के व्यापक विस्तार पर जोर दिया।

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