मिलन की उम्मीद में , राष्ट्रीय व्यापार मेला का समापन

BHASKAR MISHRA
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20160112_203819बिलासपुर— और 16 वां बिलासपुर राष्ट्रीय व्यापार महोत्सव का आज रंगारंग कार्यक्रम के साथ समापन हुआ। पांच दिनों तक शहर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। शाम होते ही शहरवासियों का रूख मेले की ओर देखने को मिला। इस बीच लोगों ने मेले में जमकर खरीदारी की। मेले का आनंद ना केवल बिलासपुर बल्कि प्रदेश और देश के बाहर से आए लोगों ने उठाया। मेला मे करोड़ों का व्यवसाय भी हुआ।

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                             हमेशा की तरह अपनी विशेष पहचान के साथ 16 वां राष्ट्रीय व्यापार मेला का पांचवे दिन समापन हो गया। हर बार की तरह इस बार भी मेले को बेहतर प्रबंधन के लिए याद किया जाएगा। इस बीच पुलिस की चाकचौबंद व्यवस्था देखने ही लायक रही।कहीं से किसी प्रकार की शिकायत सुनने और देखने को नहीं मिली।

                            एक आंकड़े के अनुसार पांच दिनों में करीब पांच लाख से अधिक लोगों ने मेले का आनंद उठाया। झांकियों और स्टाल का लोगो ने जमकर फायदा उठाया। कई लोगों ने बताया कि इतना सुव्यवस्थित मेला हमने आज से पहले कभी नहीं देखा। यहां किसी प्रकार की उन्हें पेरशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।जैसा कि अन्य मेलों में देखने और सुनने को मिलता है। राज्य से बाहर से पहुंचे एक व्यक्ति ने बताया कि राष्टा्रीय व्यापार मेला में मै पिछले 7 साल से आ रहा हूं। हर बार मुझे यहां की व्यवस्था बेहतर नजर आयी। इसका अर्थ यह नहीं कि उन्हें पहले की व्यवस्था से कोई नाराजगी है।

                     बिलासपुर मेंले मे स्टाल लगाने वाले एक उद्योगपति ने बताया कि हिन्दुस्तान के तमाम मेलो में मैने शिरकत किया है। लेकिन बिलासपुर मेला उन्हें बेसब्री से इंतजार रहता है।

             मेले के अंतिम दिन आयोजकों ने शहरवासियों ,प्रदेश और प्रदेश के बाहर से मेला में पधारने वालों से बेहतर व्यवस्था के साथ साल 2017 में मिलने का एलान किया। आयोजकों के अनुसार आज दिन भर अतिथियों का तांता लगा रहा। लोगों ने रंगारंग कार्यक्रम का जमकर आनंद उठाया।

 लाखों लोगो ने उठाया आनंद

     पिछले पांच दिनों में लाखों लोगों ने मेला में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाया। इस दौरान लोगों का भरपूर प्यार और समर्थन मिला। मेले को छोटे से लेकर बड़े तक सभी व्यवसायियो,उद्योपतियों का समर्थन मिला। उनके बिना मेला का सफल होना नामुमकिन था। खासतौर पर मेले को अपना समझने और उत्सव के रूप में लेने वालों ने आयोजका का हौसला बढाया है। उम्मीद है कि इसी प्यार और अपनेपन के साथ साल 2007 में सबसे मुलाकात होगी। इस बीच मेले को सफल बनाने में जिला प्रशासन के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।  खासतौर पर पुलिस प्रशासन से शांति व्यवस्था कायम करने में मिले योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।

                                                                                                    हरीश केडिया..अध्यक्ष छत्तीसगढ़ लघु एवं कुटीर उद्योग संघ

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