केन्द्रीय मंत्री का फूंका पुतला

IMG-20160120-WA0003 बिलासपुर–हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पीएच.डी कर रहे दलित छात्र रोहित वेमुला ने 17 जनवरी की रात फांसी लगाकर ख़ुदकुशी कर ली थी। रोहित हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के उन पांच छात्रों में से एक है , जिन्हें हॉस्टल से निकाला गया था। पुलिस ने छात्रों की शिकायत पर रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में मोदी सरकार में मंत्री बंडारु दत्तात्रेय के ख़िलाफ़ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब राजनीतिक दल इस मामले में अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रोहित की आत्महत्या को लेकर देश के कोने-कोने पर प्रदर्शन हो रहा है। बिलासपुर में भी कांग्रेस की यूथ विंग ने आज केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री का नेहरू चौक पर पुतला दहन किया है।

                                          राष्ट्रीय कांग्रेस छात्र संगठन ने आज नेहरू चौक पर जमकर नारेबाजी की। दलित की छात्र की मौत के लिए केन्द्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और मानव संसाधन मंत्री को बताया है। एनएसयूआई नेता अमितेष राय ने बताया कि हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय का भगवाकरण किया जा रहा है। जिस गलती का हकदार वेमुला नहीं था उसे और अन्य चार लोगों को कालेज से निष्कासित किया गया। शिकायत करने वाले विश्वविद्याल के बाहर के लोग हैं। मात्र एक पत्र पर केन्द्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के इशारे पर रोहित वेमुला को कालेज से निष्कासित कर दिया गया।

         राय ने बताया कि यदि कार्रवाई के पहले विवेक से काम लिया जाता तो आज रोहित वेमुला हमारे बीच होता। रोहित समाज की संकीर्ण और भारतीय जनता पार्टी की राजनीति का शिकार हुआ है। एनएसयूआई के युवा तुर्कों ने राष्ट्रपति से मांग की है कि केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए। वेमुला के परिजनों को मुआवाजा के साथ ही निष्पक्ष जांच भी की जाए। दोषियों के लिए कठोर कार्रवाई की भी मांग एनएसयूआई के नेताओं ने की।

                             इस मौके पर एनएसयूआई के नेताओं ने केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री का पुतला भी जलाया। जमकर नारेबाजी करते हुए बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *