नागोराव स्कूल पर खर्च होंगे 80 लाख

aayurvedicबिलासपुर—आयुर्वेद कालेज प्रबंधन नागोराव शेष स्कूल को उन्नयन के 80 लाख रूपए देगा। इस रकम से कालेज के लिए उपरी मंजिल का निर्माण कराया जाएगा। मालूम हो नागोराव शेष स्कूल को कालेज के लिए आबंटित किया है। स्कूल प्रशासन समेत स्थानीय लोग और बच्चे इसका विरोध कर रहे हैं।

           जूना बिलासपुर स्थित नागोराव शेष स्कूल को आयुर्वेद कालेज 80 लाख रुपए लगाकर भवन में आमूल चूल परिवर्तन करेगा। मालूम हो कि प्रशासन ने आयुर्वेद कालेज संचालन के लिए नागोराव शेष स्कूल के आठ कमरों को दिया। जिला प्रशासन के इस निर्णय का स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर से मिलकर स्कूल को आयुर्वेद कालेज को देने का विरोध किया है।

           जानकारी के अनुसार कालेज प्रबंधन ने जिला प्रशासन से आठ कमरा से अधिक स्कूल के सभी 22 कमरों की मांग था। भवन मिलने के बाद पहले दिन सामान रखने और ताला लगाने गए आयुर्वेदिक कालेज के अधिकारी और कर्मचारियों को विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा था। दूसरे दिन अधिकारियों ने विरोध के बीच कमरों के सामने नेमप्लेट लगाने के बाद ताला लगा दिया है। जल्द ही आयुर्वेदिक कालेज की कक्षाएं लगने लगेंगी।

           आयुर्वेद कालेज प्रंबधन के अनुसार चूंकि भवन में पर्याप्त स्थान नहीं है। इसलिए ऊपरी मंजिल का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रबंधन ने 80 लाख रूपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से तीसरी मंजिल पर अतिरिक्त कमरों का निर्माण किया जाएगा।

आयुर्वेद कालेज प्राचार्य डॉ. निखिल रंजय नायक और जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. प्रदीप शुक्ला ने बताया कि उपर भवन निर्माण के बाद काफी हद तक उनकी समस्याएं हल हो जाएंगी। भवन अस्पताल से ज्यादा दूर नही है। ओपीडी भी बनाया जाएगा। कालेज में पठन पाठन का काम होगा। क्लीनिकल और अभ्यास का काम कालेज में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कालेज और अस्पताल में बहुत ज्यादा दूरी नहीं है।

         उन्होने बताया कि जिला आयुर्वेद कालेज का भवन प्रस्तावित है। जैसे ही हमारी बिल्डिंग बन जाएगी हम नागोराव शेष स्कूल को छोड़ देंगे। हम अस्सी लाख रूपए खर्च कर नागोराव शेष स्कूल में कुछ कमरों का निर्माण करेंगे। आने वाले समय में इसका फायदा स्कूल प्रबंधन को ही होगा। भविष्य में यहां हायर स्कूल का भी संचालन शुरू हो सकता है। नायक ने बताया कि भवन अधिग्रहित करने का यह कोई पहला मामला नही है। इसके पहले भी भवन अधिगृहित किए गए हैं। विरोध उचित नहीं है। जब हमारी बिल्डिंग बन जाएगी हम नागोराव शेष स्कूल को बेहतर स्थिति में छोड़कर जाएंगे।

         मालूम हो कि सोमवार को अभिभावकों ने धरना प्रदर्शन और हंगामा कर नगरीय निकाय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्कूल के अधिग्रहण किये जाने का विरोध किया था। कांग्रेसियों ने सिटी कोतवाली पहुंचकर स्कूल पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। स्कूल के कुछ छात्राओं ने भी विरोध किया था।

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