जोगी के सलाहकार ने मांगा भूपेश का इस्तीफा

JOGI JIरायपुर—अजीत जोगी के राजनैतिक सचिव अशोक शर्मा ने पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल की नीयत पर सवाल उठाया है। उन्होने कहा कि कथित सीडी की एसआईटी और अन्य जांच एजेन्सी से जांच न कराकर निजी बेंगलोर की संस्था क्यों कराया गया। अशोक शर्मा ने कहा कि राघोगढ़ के पूर्व राजा ने जांच की गई एक्सेल शीट मामले में जांच के बाद उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश ने बेंगलोर की निजी फांरेसिक एजेंसी टूथ लैब की रिपोर्ट को अविश्वसनीय पाया था। उसी लैब की रिपोर्ट को सरगुजा के पूर्व राजा सही बताने के लिये अब सहारा ले रहे हैं।

                        जोगी के राजनैतिक सलाहकार ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि प्रदेश की जनता सब समझती है। पूर्व महाराजा राघोगढ़ की निजी लैब की रिपोर्ट का जो हश्र मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालय में हुआ था वही हश्र इस कथित रिपोर्ट का होने वाला है। अशोक शर्मा ने बताया कि ऊंची फीस देकर कराई गई निजी संस्था के लैब से परीक्षण कराने और जांच के जो रूझान बता रहे हैं उससे जाहिर होता है कि टेप के साथ छेड़छाड़ की गयी है।

                     अशोक ने कहा कि भूपेश बघेल को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिये। भूपेश बघेल को अच्छी तरह से मालूम है कि छत्तीसगढ़ में योग्य अधिवक्ताओं की कमी नहीं है। उनसे सलाह मशविरा करें। संगठन में कथित रूप से हित संरक्षण करने के लिये अपराधियों को महामंत्री बनाने के प्रस्ताव के स्थान पर यदि योग्य लोगों को रखते तो आऊटसोर्सिंग के जरिये दूसरे प्रदेश से बूटी लेने की आवश्यकता नहीं होती।

                    शर्मा के अनुसार छत्तीसगढि़या बहुत विद्वान है। कांग्रेस के युवा विधायक अमित जोगी  सड़क से सदन तक आउटसोर्सिंग के खिलाफ जो संघर्ष कर रहे हैं, उसी का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ का युवा अमित जोगी के साथ है। प्रदेश सरकार के प्रदेश के युवाओं के साथ किये जा रहे अन्याय के खिलाफ मुखर होने वाले नेतृत्व की ओर आकर्षित हैं।

           दुर्भाग्य है कि दूरदृष्टि सोच के अभाव में नेतृत्व की दिशा और दशा मात्र साजिश तक ही सीमित रह गई है। संकुचित सोच के फलस्वरूप वरिष्ठ नेताओं को तथ्यात्मक और विधिक जानकारी के अभाव में विधानसभा के भीतर और बाहर हास्यास्पद स्थिति में खड़ा होना पड़ रहा है।

                    शर्मा ने कहा कि निजी लैब से परीक्षण के लिये कितना पैसा दिया गया उसका खुलासा भूपेश बघेल करें। शर्मा ने कहा कि कथित सीडी की प्रमाणिकता एवं ग्राह्यता के सम्बन्ध में एजेसिंयों से जो अधिकृत है जांच कराने के लिये निष्पक्ष संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल महोदय को ज्ञापन दिया गया गैय़ जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा। वर्तमान परिदृश्य में झूठ को साबित करने के लिए जिस प्रकार के निजी हथकण्डे कथित सीडी को बनवाने  के लिये अपनाये गये तरीके  हास्यास्पद स्थिति की ओर जा रहे हैं।

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