विभाग कंगाल..अधिकारी मालामाल–(एक)

1 IMG_20160224_131423बिलासपुर।विभाग कंगाल..अधिकारी मालामाल..यह जुमला आबकारी विभाग बिलासपुर पर फिट बैठता है। इस साल यदि सरकार..शराब दुकान नहीं चलाती है तो अधिकारियों को बहुत नुकसान हो जाएगा। सीजी वाल ने पहले भी आबकारी विभाग की कारस्तानी को सबके सामने पेश किया था। बावजूद इसके अधिकारी लूट खसोट से बाज नहीं आए है। अकेले बिलासपुर के बोदरी और बिल्हा से एक दिन में करीब सत्तर हजार से सवा लाख रूपए की अतिरिक्त आय होती है। जिसका हिसाब किताब सरकार को नहीं दिया जाता है। यह रकम कहां जाता होगा..बताने की जरूरत नहीं है।

                                         बोदरी,बिल्हा सरकारी शराब दुकान का संचालन आबकारी विभाग करता है। बिल्हा ,बोदरी में अंग्रेजी और देशी मिलाकर कुल चार शराब दुकान चलाने की जिम्मेदारी उप-निरीक्षक निधिश कोष्ठी के मजबूत कंधों पर है। बोदरी सरकारी दुकान से एक दिन की अतिरिक्त आमदनी करीब चौवन हजार रूपए है। बिल्हा की भी स्थिति यही है। मतलब इन दुकानों से एक दिन में एक लाख से अधिक की अतिरिक्त आमदनी होती है।  अतिरिक्त आमदनी उपभोक्ता के जेब से जबरदस्ती वसूला जाता है।2

                                     सीजी वाल टीम को बोदरी शराब दुकान पहुंचने पर मालूम हुआ कि सेल्समेन अंग्रेजी और देशी शराब की एक पाव वाली बोतल पर नौ रूपए अतिरिक्त ग्राहक की जेब से वसूलता है। बोदरी स्थित देशी और अग्रेजी दुकान में एक दिन की कुल आय करीब तीन लाख रूपए है। 9 रूपए के हिसाब से यहां जनता की जेब से रोज करीब चौवन हजार रूपये अतिरिक्त वसूले जाते है। महीने में यह आंकड़ा पन्द्रह लाख को पार कर जाता है। ओवर रेट के प्रश्न पर सेल्समैन ने बताया कि हमें अधिकारियों से जैसा आदेश मिलता..वही करते हैं।

        3          बोदरी स्थित शराब दुकान पहुंचे कई मदिरा प्रेमियों ने बताया कि सुबह दस बजे के पहले 41 रूपए की शराब साठ रूपए में बेची जाती है।  51 रूपए में बिकने वाली मसाला शराब की कीमत सत्तर रूपए होती है। दुकान चला रहे आबकारी आरक्षक ने बताया कि हम लोग रोज का हिसाब किताब निधीश कोष्ठी को देते हैं। ओवर रेट का रकम कहां जाता है…इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। लेकिन यह बता सकते हैं कि बिना ओव्हर रेट की विक्री आला अधिकारियों के मौखिक आदेश के बिना संभव नहीं हैं।

                             IMG_20160224_130030    बोदरी में शराब खरीदने पहुंचे एक वुजुर्ग ने बताया कि यहां मनमानी कीमत में शराब बेची जाती है। विरोध करने वालों को  धक्का मारकर निकाल दिया जाता है। बिल्हा में भी ओव्हर रेट लिया जाता है। लेकिन उनकी शिकायत को कोई नहीं सुनता है।

हमेशा की तरह जानकर अंजान बने आबकारी अधिकारी पीसी अग्रवाल ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है कि ओव्हर रेट शराब बेची जा रही है। बिल्हा और बोदरी संचालक उप निरीक्षक नीधीश कोष्ठी ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। मालूम हो कि 26 फरवरी को जिला पंचायत में बिल्हा और बोदरी के अलावा ओव्हर रेट बिक्री को लेकर जिला पंचायत सदस्योंने शिकायत की थी। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

             IMG_20160224_130437  ओव्हर रेट शराब बिक्री मामले को कई बार सीजी वाल ने आबकारी उप निरीक्षक निधीश कोष्ठी और जिला आबकारी अधिकारी पीसी अग्रवाल के संज्ञान में लाया है। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। कार्रवाई संभव भी नहीं है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि जब मेंन्टेन करने का आदेश अधिकारी ने दिया हो तो कार्रवाई का प्रश्न ही नहीं उठता है। इसलिए जनता से ओव्हर रेट लिया जा रहा है। जो भी  विरोध करता है अधिकारी उसे किनारे लगा देता है।खासतौर पर नीधीश कोष्ठी की शिकायत को आबकारी अधिकारी एक कान से सुनते हैं दूसरे से निकाल देते हैं।

                          कई बार तो आबकारी उप निरीक्षक मदिरा प्रमियों से पंडों की तरह व्यवहार करते हैं। बोदरी शराब दुकान प्रभारी नीधीश कोष्ठी का मारपीट के मामले में अपना एक रिकार्ड है। वह जहां भी रहे उनके खिलाफ शहर के थाने में एफआईआर जरूर दर्ज हुआ है। उनकी जाती प्रमाण पत्र को लेकर भी विवाद है।

         IMG_20160224_130312      बावजूद इसके नीधीश कोष्ठी पर अधिकारी की कृपा बनी हुई है। जिला पंचायत सामान्य सभा में शिकायत के बाद भी बोदरी और बिल्हा में ओव्हर रेट शराब बिक्री का मामला थम नहीं रहा है।  बोदरी शराब दुकान प्रभारी कोष्ठी पर आबकारी अधिकारी का प्रेम भी लोगों को समझ में नहीं आ रहा है। प्रश्न भी वहीं खड़ा है कि एक दिन में 54 हजार और महीने का पन्द्रह लाख से अधिक की अतिरिक्त वसूली किसके जेब में जाता है। इस मामले में ना तो नीधीश कोष्टी कुछ बताते हैं और और ना ही जिला आबकारी अधिकारी। बताया जाता है कि नीधीश कोष्ठी पर जिला आबकारी अधिकारी की कृपा धमतरी से ही बरस रही है। 26 जनवरी को इसी कृपा के दम पर नीधीश को सम्मानित होने का अवसर मिला।

                              मजेदार बात तो यह है कि हमेशा नियमों की दुहाई देने वाला आबकारी विभाग और अधिकारी बोदरी शराब दुकान में नियमों की धज्जियां उडाते हुए दिखाई दिये। दुकान में ना तो कहीं शराब की कीमत अंकित है और नाही खुलने और बंद होने का समय । मानक बोर्ड तो कहीं दिखाई ही नहीं दिया।                            

                                                                                                                                          जारी है………….

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