गलत नीतियों से बिजली दर में बृद्धि…जोगी

AMIT JOGI रायपुर: बिजली बढ़ोतरी दर में बृद्धि को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विधायक अमित जोगी ने कहा कि पहले भाजपा सरकार, घाटे में चल रहे अपने विभागों के तो अच्छे दिन लाये, फिर जनता के अच्छे दिन लाने के वादे को निभाए।सरप्लस बिजली वाले राज्य में सस्ती बिजली का सपना दिखाने वाली भाजपा सरकार ने अपनी गलत विभागीय नीतियों एवं वित्तीय अनियमतताओं के चलते जनता को धोखा दिया है। जोगी ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली कंपनियों में घाटे और अक्षमता का भार आम उपभोक्ताओं पर लादा है। विभागों में चल रही वित्तीय अनियमतताओं एवं सांठ-गाँठ का खुलासा कैग रिपोर्ट ने जाहिर कर दिया है।

                        अमित जोगी ने कहा कि ऊर्जा विभाग प्रदेश मुखिया के पास है। फिर भी विभाग में घाटा हो रहा है। अन्य विभागों की कल्पना आसानी से की जा सकती है। बिजली कंपनी अन्य राज्यों की अपेक्षा टेरिफ में कमी बताकर भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं। जबकि अन्य राज्यों की अपेक्षा छ.ग. में बिजली पैदा करने के लिये कोयला और पानी की प्रचुरता है। लागत भी कम है। बावजूद इसके बिजली दर में बृद्धि समझ से परे है।

                         अमित जोगी ने कहा कि सरकार ने बिजली दरों में बढ़ोतरी ऐसे समय में की है जब सर्विस टैक्स, वैट और अन्य प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के भार से महंगाई औसतन 30% बढ़ चुकी है । प्रदेश में बिजली औसतन 12 फीसदी महंगी कर दी गई है। घरेलू उपभोक्ता और बीपीएल के लिए बिजली के रेट 14 फीसदी तक बढ़ाए गए हैं। बिजली दरों में बढ़ोतरी से लघु, मध्यम उद्योगों, छोटे व्यापारियों एवं आम उपभोक्ताओं को सरकार गहरे आर्थिक संकट में डाल रही है।

                         अमित जोगी ने कहा कि बिजली कंपनियों का ऑडिट न करना साबित करता है कि सरकार बिजली कंपनियों में हो रही अनियमिताओं को सामने लाने के प्रति गंभीर नहीं है। केवल बिजली दरों को बढ़ाना और आम लोगों पर बोझ डालने से घाटे की समस्या हल नहीं होगी। संसाधनों के सद उपयोग, कड़े वित्तीय प्रबंधन और विज़न से ही इस संकट से निकला  जा सकता है। दुर्भाग्य है कि राज्य को गहरे वित्तीय संकट से उबारने सरकार के पास ठोस निति का अभाव है।

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