जोगी से नहीं..सरकार से लड़ाई..भूपेश बघेल

IMG_20160413_160706बिलासपुर– जोगी से ना मेरा व्यक्तिगत लड़ाई है और ना ही उनकी जाति से। उन्हें प्रमाणित करना चाहिए कि वे किस जाति हैं। जाति का मुद्दा चुनाव के समय तात्कालीन सरकार ने ही उठाया था। उसका जवाब जोगी को देना चाहिए। प्रश्न बहुत हैं…आखिर किन परिस्थितियों में तात्कालीन एडवोकेट जनरल ने जोगी की जाति के मुद्दे पर दायर रिपोर्ट को वापस ले लिया था। हमारी लड़ाई प्रदेश की सरकार से है। आज तक ना तो मनरेगा के मजदूरों का भुगतान हुआ और ना ही सूखा राहत कार्य शुरू ही हुआ है। मीना खलको का मुद्दा जस का तस पड़ा हुआ है। आज तक उसे न्याय नहीं मिला है। प्रदेश सरकार सभी मोर्चों पर नाकाम साबित हुई है। यह बातें पत्रवार्ता में पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कही।

                                निजी कार्यक्रम में बिलासपुर पहुंचे पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार सभी मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है। प्रदेश की कानून व्यवस्था बुरी तरह से जर्जर है। प्रशासनिक आंतकवाद से जनता भयभीत है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। वोनस तो दूर अभी तक मनरेगा के मजदूरों का भुगतान नहीं किया गया है। सूखा राहत का कहीं अता पता नहीं है। जनता सरकार से त्रस्त है।

                 एक सवाल के जवाब में भूपेश ने कहा कि झीरम घाटी मामले में कांग्रेस शुरू से ही सीबीआई जांच की मांग कर रही थी। एनआईए,न्यायिक रिपोर्ट में कहीं भी स्पष्ट नहीं है कि झीरम घाटी हत्याकाण्ड का दोषी कौन है। रिपोर्ट में लीपापोती की गयी है। भूपेश ने बताया कि थानों में दर्ज एफआईआर में भी लापरवाही सामने आयी है। सभी रिपोर्ट में छिपाने का प्रयास किया गया है। बघेल ने बताया कि सदन में कांग्रेस ने कई बार सीबीआई जांच की मांग की। लेकिन सरकार ने बहुत देर की है।

                   जोगी की जाति के सवाल पर भूपेश ने बताया कि जाति का मुद्दा चुनाव के समय सरकार और उसके मंत्रियों ने उठाया था। मुझे जोगी की जाति को लेकर कुछ नहीं कहना है। लेकिन सरकार के प्रश्न का जवाब तो मिलना चाहिए। पीसीसी अध्यक्ष ने बताया कि सरकार ही मुद्दे को उठाती है और रिपोर्ट भी वापिस ले लेती है। समझ से परे है। भूपेश ने जवाब देते हुए कहा कि हाईपावर कमेटी में जोगी ने अपनी बातों को सामने रखा। सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की। कोर्ट को रिपोर्ट भी सौंपा गया। पूरक रिपोर्ट भी दिया गया। लेकिन यकायक तात्कालीन एडवोकेट जनरल ने रिपोर्ट को वापस ले लिया। आखिर ऐसा हुआ क्यों।

                    भूपेश ने पत्रकारों के सवालो का सामना करते हुए कहा कि ठीक चुनाव के समय सितम्बर 2013 में अमित जोगी की जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है। उन्हें क्या पहले जाति प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं हुई। जब मामला विवाद में है और उनकी जाति को लेकर संशय है तो फिर उन्हें आदिवासी होने का फायदा या प्रमाण पत्र क्यों दिया गया। जोगी को अपनी जाति को बताना चाहिए। उन्होने कहा कि हम सरकार से लड़ रहे हैं। जोगी से क्यों लड़ेंगे। सरकार ने ही जाति का विवाद उठाया है।

भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में इस समय प्रशासनिक तानाशाही चल रही है। मीना खलकों को आज तक न्याय नहीं मिला। आरोपी सिर उठाकर समाज में घूम रहे हैं। सदन में बार-बार कहे जाने के बाद भी मीना खलकों के आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

राज्यसभा का सदस्य कौन होगा के सवाल पर भूपेश ने कहा कि यह काल्पनिक प्रश्न है। हाईकमान को तय करना है कि राज्यसभा के लिए किसे चुनाव मैदान में उतारा जाए। जोगी के निष्कासन के सवाल पर भूपेश ने बताया कि हमने अपना काम कर दिया है। आगे की कार्रवाई अनुशासन समिति को करना है।

 

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