अमने में आमने-सामने चौपाल और सुराज…थाने में एसडीेेएम की शिकायत

IMG-20160518-WA0235  बिलासपुर–कोटा विधानसभा के अमने गांव में कांग्रेस की ग्राम चौपाल और सरकार की स्वराज टीम के बीच फिर झड़प हुई है। पचपेढ़ी के बाद अमने गांव में सुराज अभियान कार्रवाई को एक बार फिर बीच में ही..जिला प्रशासन को रोकना पड़ा। सुराज अभियान शिविर को कलेक्टर ने बीच में छोड़ दिया। शिविर के सामने पहुंचकर कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार और नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चौपाल से पारित ग्राम प्रस्ताव को सुराज टीम ने लेने से इंकार कर दिया। ग्राम चौपाल में शामिल ग्रामीणों और कांग्रसियों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। नाराज कांग्रेसी और स्थानीय आदिवासी महिलाओं ने कोटा थाना पहुंचकर अधिकारियों के खिलाफ गाली गलौच का मामला दर्ज करवाया है।

                        कोटा विधानसभा के अमने गांव में सुराज और कांग्रेस के चौपाल टीम का फिर आमना सामना हुआ। सुराज टीम से कुछ ही दूर कांग्रेसियों की ग्राम चलो चौपाल लगाओ अभियान में ग्रामीणों ने चौदह बिन्दुआ का प्रस्ताव पेश किया। ग्रामीणों ने एक सुर में बिजली पानी,सड़क,मुआवाजा,मजदूरी,बीमा,बोनस, राशन कार्ड जैसी मूलभूत बिन्दुओं पर अपने विचारों को खुलकर सामने रखा।IMG-20160518-WA0234

                                                कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस महामंत्री अटल श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण राजेन्द्र शुक्ला,शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर ने उपस्थित ग्रामीणों को बताया कि सरकार सिर्फ लोक लुभावन वादे कर कीमती वोट को हासिल करती है। चुनाव के समय किये गए वादों को आज तक पूरा नहीं किया गया है। राशन कार्ड में कटौती कर गरीबों के अधिकारों को छीना गया है। पैसे वालों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश की जनता पानी और भूख से परेशान है। मनरेगा का भुगतान आज तक नहीं किया गया है। कर्ज के बोझ से दबा किसान आत्महत्या को मजबूर है। बावजूद इसके सरकार नींद से जागने को तैयार नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि गरीब जनता के हक को सुराज अभियान में लुटाया जा रहा है। भाषण वाजी के दौरान सुराज अभियान में शामिल अधिकारियों ने कांग्रेस की माइक को बंद करवा दिया। इससे कार्यकर्ताओं ने गहरी नाराजगी की।

                                           ग्राम चौपाल कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में आदिवासी महिलाएं भी शामिल थी। कांग्रेस समेत सभी ग्रामीणों ने चौपाल में पारित प्रस्ताव को सुराज अभियान में शामिल होने पहुचे कलेक्टर को देने का एलान किया। कांग्रेसियों के साथ सुराज खेमें में पहुंची भारी संख्या की भीड़ को देख अधिकारियों ने पंडाल में घूसने से रोक दिया। नाराज कांग्रेसियों ने हंगामे के साथ नारेबाजी करना शुरू कर दिया। भगदड़ और नारेबाजी को देखते हुए कलेक्टर अन्बलगन पी.शिविर को छोड़ना मुनासिब समझा। इस बीच अधिकारियों ने कांग्रेस के प्रस्ताव को लेने से इंंकार कर दिया।

                    शिविर से कलेक्टर के रवाना होते ही हगामा और बढ़ गया। कुछ आदिवासी महिलाओं ने बताया कि स्थानीय IMG-20160518-WA0232एसडीएएम ने उनके खिलाफ जातिगत और फुहड़ गालियों का प्रयोग किया है। पुलिस को चलाने का आदेश दिया है। कांग्रेसी नेताओं ने बताया कि पुलिस ने ग्रामीणों के साथ बदसलुकी की है। धक्कामुक्की के दौरान कुछ महिलाओं को चोट पहुची है।

                       राजेन्द्र शुक्ला,अटल श्रीवास्तव,नरेन्द्र बोलर और अभय ने बताया कि एसडीएम और अमने में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कोटा थाने में कांंग्रेस ने शिकायत की है। सुराज अभियान के अधिकारियों ने ग्रामीणों की आवाज को दबाने का प्रयास किया है। जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस इसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं करेगी। जनता की ड़ाई चौपाल से सदन तक लडेगी। आदिवासी महिलाओं ने थाने में शिकायत की है। महिलाओं का आरोप है कि एसडीएम प्रशासन ने जातिगत और भद्दी गालियों के साथ उनका अपमान किया है।

                               कांग्रेस नेताओं ने बताया कि लोकतंंत्र में सबकों अपनी बातों को रखने का अधिकार है। ग्रामीणों के प्रस्ताव को शासन के नुमाइंदे स्वीकार कर लेते तो ऐसे हालात नहीं होते। कांग्रेसियों के अनुसार सुराज अभियान का उद्देश्य यदि लोगों की समस्याओं को दूर करना है तो हम लोग शिविर में ग्रामीणो की समस्याओं को लेकर गए थे। लेकिन उन्हें शिविर में घुसने नहीं दिया गया। ग्रामीणों की सम्स्याओं को कलेक्टर के सामने रखने का प्रयास किया लेकिन अधिकारियों ने सुनने से मना कर दिया। इसके विपरीत कोटा प्रशासन ने ग्रामीण आदिवासी महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया है। जनता देख रही है सुराज अभियान महज एक छलावा है। सरकार को इसका भुगतान करना ही पड़ेगा।

                  ग्राम चौपाल शिविर में वरिष्ठ कांंग्रस नेता वसंत शर्मा,कोटा ब्लाक नेता संंदीप शुक्ला के अलावा मनी वैष्णव,महेश दु्बे.पंंकज सिंह, शेष नजरूरद्दीन. शैलेन्द्र जायसवाल,सुभाष सिंह,ऋषि पाण्डेय समेत सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।

 

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