उप पंजीयक और सीईओ का घेराव

20160531_143958 बिलासपुर—सेमरताल सेवा सहकारी समिति के खातेधारकों ने नेहरू चौक में धरना प्रदर्शन के बाद जिला सहकारी पंजीयक कार्यालय पहुंचकर उपपंजीयक का घेराव किया। उप पंजीयक डी.आर.ठाकुर से बातचीत के बाद नाराज हितग्राही जिला सहकारी बैंक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी का भी घेराव किया। इस दौरान उप पंजीयक ठाकुर भी मौके पर उपस्थित थे। लोगों की परेशानियों को जल्द दूर किया जाएगा के आश्वासन के बाद खाताधरकों ने घेराव खत्म किया। इस दौरान सीईओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि सभी खाताधरकों का रकम कुछ दिन के भीतर उनके खाते में पहुंच जाएगा।

                            सेमरताल सेवा सहकारी समितिके ,खातेधारक नेहरू चौक में धरना प्रदर्शन के बाद रैली के शक्ल में उपपंजीयक कार्यालय पहुंचकर घेराव किया। नाराज खाता धारकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का भी घेराव किया। सभी ने 4500 खाताधारकों की राशि लौटने की गुहार लगाई।

                          जिला सहकारी बैंक सीईओ अभिषेक तिवारी से खाताधारकों ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि महीनों बीत जाने के बाद उन्हें अपनी राशि नहीं मिली है। हमने खून पसीना एक कर सेमरताल सोसायटी में पैसा जमा किया था। मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने सारी राशि को हड़प लिया है। शिकायत के बाद कभी इस कार्यालय तो कभी उस कार्यालय भेजा जाता है। आरोपियों को अभी तक नहीं पकड़ा गया है। यदि उन्हें पैसा नहीं मिला तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। जिला सहकारी बैंक में नाराज महिला और पुरूष खाताधारकों ने जमीन पर बैठ घेराव कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।20160531_150209

                                                         बैंक सीईओ अभिषेक तिवारी और जिला उप पंजीयक डी.आर.ठाकुर ने सभी खाताधारकों को आश्वासन दिया कि समस्या का जल्द निराकरण होगा। आरोपियों को छोड़ा नहीं जाएगा। एक आरोपी पहले से जेल के अंदर है। दो अन्य फरार हैं। उन्हे पुलिस तलाश रही है।

             मालूम हो कि सेमरताल सोसायटी में करीब 4500 लोगों का खाता है। बैंक मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने किसान और ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट कर लिया है। किसानों के आक्रोश के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। सौसायटी प्रबंधक धीवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दो आरोपी अभी भी फरार है।

                                         जिला कलेक्टर और शासन से आदेश के बाद जिला पंजीयक संस्थाएं ने 2013,14 और 15 का आडिट रिपोर्ट पुलिस को सौंप दिया है। 2008 से 12 तक आडिट रिपोर्ट आना बाकी है। सीजी वाल से उप पंजीयक ने बताया कि हमने पुलिस अधीक्षक कार्यालय को तीन साल का आडिट रिपोर्ट भेज दिया है। घोटाले में दोषी कौन है प्रशासन को बता दिया है।जानकारी के अनुसार अभी तक पुलिस ने चालान नहीं जमा किया है। जिसके चलते कार्रवाई में लेटलतीफी हो रही है। वहीं पुलिस की ठील ढपोल कार्रवाई से किसानों और प्रभावितों में गहरा आक्रोश है।

                               किसानों ने बताया कि सेमरताल सोसायटी प्रबंधन ने 4500 किसानों का करीब ढाई करोड़ रूपयों को दबा दिया है। आरोपी प्रबंधक और अन्य लोग मामले को रफा दफा करना चाहते हैं। ऐसा हम हरगिज नहीं होने देंगे

               जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक तिवारी ने बताया कि शासन से हमें दस करोड़ रूपए मिले हैं। इन रूपयों को डिफाल्टर सोसायटी के खाताधारकों में बांटा जाएगा। सेमरताल में करीब ढाई करोड़ रूपए डूबने का मामला सामने आया है। सभी किसानों को कुछ दिनों के भीतर खाते में बैंक से पैसा जमा करवा दिया जाएगा। हमने सोसायटी के संचालकों को बुलाया है। नाम मांगा गया है।

आडिट रिपोर्ट पुलिस के पास

                      जिला उप पंंजीयक कार्यालय से आडिट रिपोर्ट पुलिस प्रशासन को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट में सब कुछ क्लियर कर दिया गया है । सोसायटी में घोटाले के जिम्मेदार कौन है पुलिस अधीक्षक को जानकारी दे दी गयी है। आज किसान अपना पैसा मांगने आये थे । आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हमने अपना काम कर दिया है। अग्रिम कार्रवाई जिला सहकारी बैंक और पुलिस प्रशासन को करना है। हितग्राहियों की नाराजगी काफी हद तक जायज है। लेकिन हमारा काम जांच करना और सोसायटी की गतिविधियों पर नजर रखना है। हम वह कर रहे हैं। इतना सच है कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।

                                                                                                              डी.आर.ठाकुर..जिला उप-पंजीयक सहकारी संस्थाएं बिलासपुर

हितग्राहियों के साथ होगा न्याय

IMG_20160527_153352                       सेमरताल सोसायटी से प्रभावित हितग्राही आज कार्यालय पहुंचे। न्याय और रकम की मांग की है। सभी को स्पष्ट बताया गया है कि सेमरताल ही नहीं बल्कि घुटकू रानीगांव और अन्य सोसायटी जहां किसानों और गरीबों के पैसों का बंदरबाट हुआ हैं जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नही जाएगा। कार्रवाई लगातार चल रही है। आडिट रिपोर्ट भी आ गया है। शासन से हमें दस करोड़ रूपए मिल रहे हैं। सेमरताल के प्रभावित लोगों को उनका ढाई करोड़ रूपए लौटाने की प्रकिया कुछ ही दिनों में पूरी हो जाएगी। किसी का रकम नहीं डुबेगा। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि खाताधारकों के साथ किसी भी सूरत में अन्याय ना हो। साथ ही दोषियों को किसी भी सूरत में छोड़ा भी ना जाए।

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