जाति प्रमाण पत्र पाने भटक रही युवती

collector dwara TL ki baithak (2)बिलासपुर— सारे दस्तावेज होने के बाद भी युवती को जाति प्रमाण पत्र के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सीआरपीएफ में चयनित युवती ने आज कलेक्टर से मिलकर शिकायत की है।

                     कर्मचारी चयन आयोग से सीआरपीएफ की भर्ती परीक्षा की कसौटी पर उत्तीर्ण मंजू को जाति प्रमाण पत्र के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। अधिकारियों की हीलाहवाली को देखते हुए अब उसे हाथ से नौकरी जाने की चिंता सताने लगी है। अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज मंजु साहू ने आज कलेक्टर से मिलकर जाति प्रमाण पत्र जारी करने की गुहार लगायी है।

                         तखतपुर निवासी मंजू साहू ने बताया कि कर्मचारी चयन आयोग से उसने सीआरपीएफ की लिखित परीक्षा पास की है। फिजिकल टेस्ट को भी उसने उत्तीर्ण कर लिया है। जाति प्रमाण पत्र नही होने के चलते उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। मंजू ने बताया कि स्थायी जाति प्रमाण पत्र के लिए तखतपुर और कोटा एसडीएम कार्यालय की कई दिनों से चक्कर काट रही है। अधिकारी प्रमाण पत्र नही बना रहे है। मंजू ने बताया कि आज वह सारे शैक्षणिक दस्तावेज और अपने दादा तेरसराम साहू के स्कूल का दाखिल खारिज लेकर कलेक्टर अनबलगन पी से मिलने आयी है। बैठक के बाद सारी बातों को कलेक्टर के सामने रखूंगी।

                        मंजू ने बताया कि स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन दे चुकी है। तहसील कार्यालय ने 1984 के पहले का दस्तावेज मांगा है। उसने अपने दादा तेरसराम के स्कूल का दाखिल.खारिज 1958 का जमा किया है। वे लोग तखतपुर के ही रहने वाले हैं। बावजूद इसके तहसीलदार जाति प्रमाण पत्र नही बना रहा है। जबकि इन्ही दस्तावेजों के आधार पर उसके चाचा किशन साहू का जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

                        मंजू ने बताया कि च्वाइस सेेंटर में आवेदन का नंबर आ गया है। लेकिन तहसीलदार हस्ताक्षरनही कर रहा है। मालूम हो कि शासन ने जाति प्रमाण पत्र के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के आवेदकों से 1950 से पहले के दस्तावेज और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को 1984से पहले का दस्तावेज को आधार माना है।

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