पीडब्लूडी कर्मचारी ने दी..महिला आयोग में जाने की धमकी

IMG-20160713-WA0023बिलासपुर— लोक निर्माण विभाग में पदस्थ स्थल सहायक एक महिला ने कार्यपालन अभियंता पर महिलाओं के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। नीता अग्रवाल ने कार्यपालन अभियंता एक को पत्र लिखकर विभाग को पुरूष प्रधान बनाने का भी आरोप लगाया है। नीता ने बताया कि इसके पहले उप संभाग 2 से उसे साल 2011 में यह कहते हुए स्थानांतरिक किया गया कि उसकी मूल स्थापना उपसंभाग एक में है। अब फिर से मुझे उप संभाग दो में भेजा गया है। ऐसा लगता है कि उसे जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उपसंभाग एक को पुरूष प्रधान बनाने की साजिश की जा रही है।

                             नीता अग्रवाल ने कार्यपालन अभियंता को लिखे पत्र में आदेश को दुर्भावना से निकाला जाना बताया है। नीता अग्रवाल के अनुसार लोक निर्माण विभाग एक के उप संभाग 1 को महिला विहीन कर्माचारी बनाने की साजिश रची जा रही है। महिलाओं को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। पहले तो मूल स्थापना का तलावार दिखाकर उपसंभाग एक में भेजा गया। दुबारा फिर वहीं भेजा गया जहां से मुझे लाया गया था।

                     नीता अग्रवाल ने एक पक्षीय कार्यवाही का आरोप लगाते हुए पत्र में लिखा है कि स्थल सहायक सुशील सोनी को बचाया जा रहा है। उसे भी तो अधिकारी उप संभाग दो में भेज सकते थे। लेकिन जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया। दरअसल अधिकारी ही नहीं चाहता कि उप संभाग एक में कोई महिला कर्मचारी काम करे। नीता अग्रवाल ने पत्र में बताया है कि कार्यपालन अभियंता ऐसा कर महिलाओं की कार्यक्षमता पर उंगली उठा रहे हैं। यदि ऐसा नहीं है तो सुशील सोनी को भी उपसंभाग दो में भेजा सकता था।

                   कार्यपालन अभियंता को लिखे पत्र में नीता अग्रवाल ने मामले में महिला आयोग के सामने जाने की धमकी दी है।  नीता के अनुार महिलाओं को उपसंभाग एक से जानबूझकर हटाया जा रहा है..अधिकारी कान के कच्चे हैं। सहायक ग्रेड तीन विजय शंकर राम अधिकारी का हमेशा कान भरने का काम करता है। विजय जब किसी से नाराज होता है तो स्थानांतरण करवाने की धमकी देता है। मेरे साथ भी ऐसा ही कुछ किया गया है।

                          स्थल सहायक महिला ने कार्यपालन अभियंता के निर्णयों पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा है कि वे नियमों की दुहाई नहीं दे सकते हैं। विजय शंकर राम पिछले  पांच साल से एक ही कुर्सी और टेबल से चिपका है। नियमानुसार तीन साल में कामकाज का मोड बदलना जरूरी है। बावजूद इसके विजय को नहीं हटाया जा रहा है। इसके पीछे कार्यपालन अभियंता की क्या मंशा है…जानना जरूरी है। नीता के अनुसार विभाग में कई कर्मचारी हैं जो दस साल से एक ही कुर्सी और टेबल पर चिपके हैं। फायदा हो रहा है इसलिए उन्हें नहीं हटाया जा रहा है।

                नीता अग्रवाल ने बताया है कि यदि उनकी बातों पर गौर नहीं किया गया तो वह महिला आयोग से शिकायत करेंगी।आयोग से बताउंगी के कार्यालय स्थल पर उनके साथ काम काज को लेकर भेद किया जा रहा है।

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