बचाव में सामने आयी देव की पत्नी..महकमेें में खलबली

IGबिलासपुर— निवर्तमान आईजी पवनदेव और आरक्षक महिला आडियो काण्ड में नया मोड़ आ गया है। पवन देव के बचाव में पत्नी सुजल सामने आ गयी है। राजधानी से लेकर राजधानी तक चर्चा विषय है। पवन देव की पत्नी सुजल ने आरोप लगाया है कि पुलिस महकमे के कुछ वरिष्ठ अफसरों ने उनके पति की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास किया है। अधिकारियों ने पवन देव को फंसाने की साजिश रची है।

सूत्रों के अनुसार सुजल देव ने प्रश्न किया है कि मीडिया में बार बार आने के बाद भी महिला कांस्टेबल पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। यह जानते हुए भी सरकारी सेवक को ऐसे मामले मीडिया से बचना चाहिए। सेवा शर्तों के अनुसार इसे अनुशासनहीनता माना जाता है।

जानकारी के अनुसार सुजल देव के सामने आने से मामले में अब समझौते का प्रयास किया जा रहा है। जैसे की जानकारी मिल रही है कि पवन देव की पत्नी का आरोप है कि बर्खास्त टीआई आशीष वासनिक से सहानुभूति रखने वाले कुछ अधिकारियों ने बिलासपुर के तात्कालीन आई जी पवन देव को फंसाने के लिए सोची समझी रणनीति के तहत ड्राफ्ट तैयार किया है। ताकि वासनिक की बर्खास्तगी को पवन देव निरस्त कर दें। बदले में महिला कांस्टेबल अपनी शिकायत वापिस ले लेगी।

दरअसल, टीआई को आईजी ने बर्खास्त किया है । लिहाजा, अब वह डीजीपी के पास अपील करेगा। डीजीपी चाहें तो उसकी अपील पर विचार कर बहाल कर सकते हैं। गृह विभाग के आला अधिकारियों ने भी स्वीकार किया है कि पुलिस महकमे से इस तरह की बातें आ रही हैं। अगर ऐसा हुआ तो टीआई वासनिक को बहाल किया जाएगा और इससे पहले या बाद में आईजी के खिलाफ शिकायत वापिस ली जाएगी।

माना जा रहा है कि यह तभी संभव जब आईजी पवन भी इसके लिए तैयार हो। इस बारे में उनसे बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल लगातार नाट रिचेबल मिला।

बहरहाल पूरे एपीसोड में पुलिस की गुटीय लड़ाई सतह पर आ गयी है। पीएचक्यू दो खेमों में दिखाई दे रहा है। एक गुट जहां पवनदेव को निबटाने की कोशिश कर रहा है तो दूसरा गुट साजिश की पोल खोल अभियान में जुटा है।डीजीपी अमर नाथ उपध्याय साफ-सुथरी छबि के अफसर हैं। उनके पुलिस के हेड बनने के बाद पीएचक्यू की गुटबाजी एकदम खतम हो गई थी। लेकिन, आईजी-महिला कांस्टेबल की आग में रोटियां सेंकने वाले मौका परस्त अफसरों के मंसूबे एक बार फिर सामने आ गया है।  डीजीपी की चिंता भी बढ़ना लाजिम है। घर में आग लगी को कैसे बुझाएं।

पुलिस महकमे की खराब होती छबि से चिंतित कुछ आईपीएस अफसरों ने बताया कि मामले में आईपीएस अफसरों के शह-मात के गेम में गृह विभाग के अफसरों को इमानदारी से सामने आना चाहिए।

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