नहीं होगा आईजी और एसपी का स्थानांतरण…डीजीपी

IMG-20160728-WA0030बिलासपुर– सभी पहलुओं पर विवेचना हो रही है। जल्दबाजी में हम कुछ नहीं कहना चाहते हैं। दोनों पक्षों की बातों को गंभीरता के साथ लिया जा रहा है। प्रदेश की कानून व्यवस्था अच्छी है। नक्सली हर साल सुरक्षा सप्ताह मनाते हैं। गौरांग की मौत दुखद है। पुलिस जांच जारी है। किसी अन्य एजेंसी या माध्यम से मौत की जांच का सवाल ही नहीं उठता है। पुलिस बेहतर काम कर रही है। यातायात व्यवस्था को ठीक कर लिया जाएगा। यह बातें आज प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अमर नाथ उपाध्याय ने आज पत्रकारों से कही। डीजीपी ने कहा कि गौरांग को न्याय मिलेगा। सभी के साऱी आशंकाओं को दूर किया जाएगा। यह पहली बार देखने में आया है कि जिन्हें न्याय मिला है वह भी असंतुष्ट हैं।

                               छत्तीसगढ़ भवन में काफी इंतजार के बाद चलते चलते पत्रकारों से डीजीपी ने कहा कि गौरांग मौत को मिस्ट्री नहीं बनने दिया जाएगा। पुलिस जांच सही दिशा में चल रही है। अन्य किसी एजेंसी को जांच करने का सवाल ही नहीं उठता है। डीजीपी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जानकारी मिली है कि हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। बताना चाहूंगा कि अभी विवेचना चल रही है। जो दोषी होगा उसे सजा मिलेगी। निर्दोष को परेशान करने का सवाल ही नहीं उठता है।

        आरोप लग रहे हैं कि जांच के दौरान जमकर पैसा चला है के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि ऐसा है ही नहीं। कोई कुछ भी कहे…प्राथमिक जांच में जो कुछ सामने आया उसी के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। बताना चाहूंगा कि विवेचना की कार्रवाई अभी भी चल रही है। दोषियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

                          पुलिस कन्फ्यूज है इसलिए वह इरादतन और गैर इरातन मामले को स्पष्ट  नहीं कर पा रही है के सवाल पर डीजीपी ने बताया कि सारी आशंकाएं पूरी होने के बाद दूर हो जाएगी। कन्फ्यूज होने का सवाल ही नहीं है। पुलिस अपना काम कर रही है। गौरांग की मौत को क्या पुलिस ने विवादास्पद बना दिया है पर डीजीपी ने कहा कि ऐसा नहीं है। विवेचना के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।

             डीजीपी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि आईजी पवन देव का स्थानांतरण को किसी घटना से जोड़ना ठीक नहीं होगा। उनका रूटीन स्थानान्तरण हुआ है। कई बार तो कई आईजी समय से पहले बदल जाते हैं। यह जरूरत के हिसाब से होता है। पवन देव का स्थानांतरण भी रूटीन में ही हुआ है। गौरांग हत्या मामले से जाहिर होता है कि बिलासपुर की कानून व्यवस्था चरमरा गयी है। क्या आई जी और पुलिस कप्तान को भी बदला जाएगा के सवाल पर अमर नाथ उपाध्याय ने कहा कि कानून व्यवस्था ठीक है। आईजी और पुलिस कप्तान के स्थानांतरण का अभी सवाल ही नहीं उठता है।

                             बिलासपुर की यातायात व्यवस्था चौपट हो चुकी है के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। शिकायतों को लगातार दूर किया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने बताया कि छ्तीसगढ़ बंद के दौरान जोगी जब रायपुर में गिरफ्तारी देना चाहते थे तो उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया। समर्थकों को जबरदस्ती पकड़ा गया। सवाल का जवाब देते हुए डीजीपी ने कहा कि मैं इस समय रायपुर में नहीं बिलासपुर में हूं इसलिए इस मामले में कुछ नहीं कह सकता। वहां क्या हुआ इसलिए इस बारे में अभी बोलने की स्थिति में नहीं हूं।

                                                ऐसा लगता है कि गौरांग की मौत मिस्ट्री बनकर रह जाएगी के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। विवेचना के बाद सारी बातें सामने आ जाएगी। दोनों ही पक्षों को समझ में आजाएगा कि जांच सही हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *