अब होगा बीजी़डी प्रतिनिधिमंडल का विरोध

jogi-7बिलासपुर— छत्तीसगढ़ के खिलाफ राजनीति करने वालों को प्रदेश की जनता बर्दास्त नहीं करेगी। बीजेडी प्रतिनिधि मण्डल को प्रदेश सरकार सीमा के अन्दर घुसने की अनुमति ना दे। यह बातें मरवाही विधायक अमित जोगी ने प्रेस नोट जारी कर कही है।

              छत्तीसगढ़ के जल संसाधान मंत्री बीजेडी प्रतिनिधिमंडल को छत्तीसगढ़ आने की मौखिक अनुमति दे रहे हैं। यह जानते हुए भी कि प्रतिनिधिमंडल में ऐसे मंत्री और विधायक हैं जिन्होंने पिछले 15 दिनों में स्वयं अपने अपने क्षेत्रों में महानदी मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के विरुद्ध जहर उगला था। छत्तीसगढ़ आने वाली ट्रेनों को स्वयं रोका था।  राज्यसभा सांसद और बीजेडी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्ना आचार्य ने महज चार दिन पहले छत्तीसगढ़ के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया था। उन्होने धमकी दी थी कि छत्तीसगढ़ बैराज बनाने की हिम्मत न करे।

अमित जोगी ने बताया कि महानदी ओडिशा की ताकत है। इस नारे के साथ ओडिशा की बीजू जनता दल सरकार छत्तीसगढ़ के विरोध में देश में आंदोलन चला रही है। जोगी ने बताया कि ओडिशा कांग्रेस दल ने एक कदम आगे बढ़कर 26  जुलाई को छत्तीसगढ़ प्रवास तक कर डाला। छत्तीसगढ़ सरकार के अतिथि बनकर आये और रायगढ़ में उनका जोरदार स्वागत हुआ। बैराजों का निरिक्षण किया के बाद ओडिशा पहुंचते उन्हीं लोगों ने छत्तीसगढ़ के विरोध में जहर उगला।

                      अमित ने बताया कि ओडिशा में पंचायत चुनाव होने हैं। महानदी का असर 15 जिलों में है। इसलिए ओडिशा के सभी दल महानदी को मुद्दा बना कर छत्तीसगढ़ के विरुद्ध जहर उगल रहे हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं ।

                      जोगी ने बताया कि ओडिशा के सांसदों ने 20  जुलाई को लोकसभा से वाकआउट किया। राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव लाया। 4 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने छत्तीसगढ़ आने वाली ट्रेनों को रोका ।  पिछले 15 दिनों में ओडिशा की तीनों पार्टियां बीजेडी, कांग्रेस और भाजपा ने 23 से ज्यादा पत्रकार  की और छत्तीसगढ़ के विरुद्ध ओडिशा की अस्मिता की बात की। इससे जाहिर होता है कि  छत्तीसगढ़ के खिलाफ सुनियोजित राजनैतिक अभियान चलाया जा रहा है।

                   इसके विरूद्ध राज्य सरकार छत्तीसगढ़  का विरोध करने वालों का स्वागत कर रही है।जोगी ने बताया कि भाजपा सरकार महानदी मुद्दे पर दोहरी राजनीति कर रही है। ओडिशा में भाजपा कह रही है कि बीजेडी सरकार को महानदी पर बने बैराजों पर पूर्व में जानकारी थी। बीजेडी केवल छत्तीसगढ़ जाने का राजनैतिक ढोंग कर रही है। यह जानते हुए भी कि ओडिशा सरकार को पहले ही केलो और अरपा भैसाझार परियोजना की जानकारी है।

                       महानदी का 70 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ से जाता है। महानदी के पानी का सर्वाधिक उपयोग ओडिशा करता है। ओडिशा अपने यहां नदियों के पानी का खुद समुचित उपयोग नहीं कर पा रहा  है। इसके चलते हर साल लाखों गैलन पानी बेकार चला जाता है।

                                       जोगी ने बताया कि अन्तर्राजीय बाँध परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव हो रहा है।  हीराकुंड में बांध बना तो छत्तीसगढ़ डूबा। रिहन्द बांध बना तो बलरामपुर क्षेत्र  प्रभावित हुआ। कन्हेर में बांध बन रहा है वहां भी छत्तीसगढ़ डूब रहा है । पोलावरम से तो 40 हज़ार परिवारए संरक्षित जनजातियों और सुकमा जिले का ही नामोनिशान मिटने का खतरा मंडरा रहा है। जोगी ने सवाल उठाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कब तक डूबता रहेगा और कब तक हम मौन रहेंगे।

                      जोगी ने बताया कि मैंने मुख्य सचिव विवेक ढांड को पत्र लिखकर मामले में सरकार की स्थिति को स्पष्ट करने का निवेदन किया है। उन्होने कहा कि  कल छत्तीसगढ़ आने वाला प्रतिनिधिमंडल ओडिशा सरकार का नहीं बल्कि बीजेडी का राजनितिक प्रतिनिधिमंडल है। मरवाही विधायक ने कहा कि मंगलवार को छत्तीसगढ़ आने वाले बीजेडी प्रतिनिधिमंडल का कड़ा विरोध करेंगे। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस रायगढ़ से बिलासपुर तक और बिलासपुर से रायपुर तक प्रतिनिधिमंडल का पुरजोर विरोध करेंगे।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...