कांग्रेस के तेवर देख कार्यशाला निरस्त

SMART_CITY_BITE_SHAILENDRA 005बिलासपुर—प्रधानमंत्री आवास योजना पर आयोजित कार्यशाला को आज महापौर ने अचानक निरस्त कर दिया है।  कार्यशाला में प्रधानमंत्री आवास योजना पर महत्वपूर्ण चर्चा होनी थी। कंसल्टेंट से आवश्यक जानकारी के बाद आवेदन फार आल योजना पर विचार विमर्श किया जाना था। कार्यशाला में कांग्रेस और भाजपा के सभी पार्षदों को बुलाया गया था। लेकिन  महापौर ने कांग्रेस पार्षदों के मूड को देखते ही दो घंटे पहले कार्यशाला को स्थगित कर दिया।

                       एक दिन पहले महापौर ने फरमान जारी कर नगर निगम के सभी पार्षदों को आवास योजना पर चर्चा के लिए मंगलवार को टाउन हाल में बुलाया। लेकिन महापौर ने समय से दो घंटे पहले कार्यशाला को स्थगित कर दिया। बताया जा रहा है कि महापौर कांग्रेस के मूड को देखते हुए कार्यशाला निरस्त करने का फैसला किया।

                    जानकारी के अनुसार कार्यशाला में कंसल्टेंट के सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा होनी थी। पार्षदों को क्षेत्र में रहने वाले झुग्गीवासियों को आवास के लिए आवेदन जमा करने को कहा जाना था। लेकिन आज ऐसा कुछ नहीं हुआ।लेकिन सारी योजना खटाई में चली गयी।

कांग्रेस पार्षद दल प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल ने बताया कि महापौर और निगम सरकार कांग्रेस के डबरीपारा आंदोलन से भयभीत  है। महापौर ने लोगों को भ्रमित करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया था। जब उन्हें मालूम हुआ कि कांग्रेस के पार्षद महापौर का घेराव और रिपोर्ट को झूठा साबित करने वाले हैं तो कार्यशाला को निरस्त कर दिया। बेहतर होता कि वे कार्यशाला को निरस्त नहीं किया जाता। कम से कम जनता को झूठ और सच की जानकारी तो हो जाती।

शैलेन्द्र ने बताया कि कंसल्टेंट की रिपोर्ट प्री प्लान है। शहर में 26 हजार झुग्गीवासियों को आवास की जरूरत है। दस हजार की शिफ्टिंग पहले ही हो चुकी है। निगम के पास इस समय सिर्फ पांच हजार मकान हैं। उनकी भी हालत काफी जर्जर है। अशोक नगर के विस्थापित झुग्गीवासियों को जर्जर और सुविधाविहीन मकान में शिफ्ट किया गया है। विस्थापित लोगों की जिन्दगी खतरे में है।

                         शैलेन्द्र के अनुसार कार्यशाला के नाम पर निगम सिर्फ ठकोसला कर रहा है। झुग्गीवासियों के आक्रोश को दबाने महापौर ने कार्यशाला का आयोजन किया था। महापौर को पता चला कि कांग्रेस पार्षद उनका घेराव करने वाले हैं तो कार्यशाला को निरस्त कर दिया।

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