आबकारी को पंडो की चुनौती..कैद में वर्दी

unnamed (1)बिलासपुर–शुक्रवार से चार दिनों तक आबकारी विभाग के दारोगा वर्दी में अाबकारी विभाग की हिफाजत करेंगे। आलाधिकारियों ने वर्दीधारियों को फील्ड में  निकलने से मना कर दिया है। वजह क्या हो सकती है यह तो अधिकारी ही बता सकते हैं..लेकिन किसी बात करना मुनासिब नहीं समझा। कयास लगाया जा रहा है कि कहीं कोई बड़ी छापामार कार्रवाई होने वाली है। कुछ लोगों के गले से बात नहीं उतर रही है कि जब जिले और संभाग में पंडो और अवैध शराब कारोबारियों ने नाक में दम कर दिया हो तो दारोगाओं को वर्दी पहनाकर आफिस में डटे रहने का क्या अर्थ है। शायद कुछ ठेकेदारों को गुपचुप तरीके से फायदा तो पहुंचाने की साजिश तो नहीं है।

                      सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार की सुबह 9 बजे प्रदेश के जिला अधिकारियों को सन्देश मिला कि जिले के सभी मैदानी अधिकारियों को वर्दी लगाकर नियंत्रण कक्ष में रहने को कहा जाए। ऊपर से आदेश मिलते ही प्रदेश समेत बिलासपुर में भी आबकारी अधिकारी ने फील्ड आफिसर्स को दिन और रात अपने मातहतों के साथ नियंत्रण कक्ष में तैनात वर्दी के साथ तैनात कर दिया गया। खुसफुसाहट के बीच वर्दीधारी अधिकारियों को देर रात्रि सूचना मिली कि आने वाले चार दिनों तक उन्हें वर्दी में ही नियंत्रण कक्ष में रहना होगा।बहरहाल वर्दीधारी आबकारी अधिकारी परेशान हैं कहीं यह आदेश दो चार दिनों के लिए बढ़ ना जाए। उन्हें अभी तक कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर इस प्रकार का आदेश दिया ही क्यों गया। कुछ ने तो बताया कि ऐसा आदेश आज से पहले उन्हें कभी नहीं मिला। सामान्यतः इस प्रकार का आदेश उन्हें आकस्मिक छापामार कार्रवाई के दौरान मिला करता है।

                                              बहरहाल इस आदेश के पीछ आबकारी अधिकारियों का क्या मंसूबे हो सकते हैं…समय के साथ बाहर जरूर आएगा। लेकिन फील्ड में नहीं निकलने से प्रदेश समेत बिलासपुर में अवैध शराब व्यवसायियों की चांदी कट रही है। जगह जगह शराब की अवैध विक्री में इजाफा जरूर हुआ है। बिलासपुर नियंत्रण कक्ष और आबकारी अधिकारियों तक शुक्रवार से अब तक शराब की अवैध बिक्री की सैकड़ो मिल रही है। लेकिन आबकारी अमला हाथ पर हाथ रखकर बैठा है।

                                  अभी एक दिन पहले ही मस्तूरी के सैकड़ों ग्रामीणों ने पचपेढ़ी और जरौंधा क्षेत्र में शराब की अवैध बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग पहुंचकर कार्रवाई की मांग की थी। बावजूद इसके आबकारी अमले उनकी मांग को एक कान से सुनकर दूसरे से उड़ा दिया। ऐसी स्थिति में पूरे फील्ड स्टाफ को नियंत्रण कक्ष में हाथ पर हाथ रखकर बैठना किसी बड़े षड़यंत्र की तरफ इशारा करता हैं।

               कई जिलों के बड़े अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर सीजी वाल को बताया कि हमे शराब ठेकेदारों के दुकान में बिना सहायक आयुक्त की जानकारी के कदम नहीं रखने की हिदायत दी गयी है। अधिकारी के अनुसार किसी भी कोचिया या ठेकेदारों और अवैध शराब विक्रेताओं के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करने का सख्त आदेश दिया गया है।इसलिए हम आगामी आदेश तक शराब की अवैध विक्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को मजबूर हैं।

                             बड़े अधिकारियों ने बताया कि आदेश का उद्देश्य क्या है इसकी वास्तविक जानकारी हमें नहीं है। बहरहाल सूत्रों के बयान से जाहिर हो रहा है कि आबकारी विभाग अब ठेकेदारों के व्यक्तिगत सेवक या पंडा बनकर सिर्फ गरीबों को ही जेल भेजती रहेगी..। जिला स्तर के अधिकारियों के निजी स्वार्थपूर्ति में कोई बाधा ना पड़ जाए शायद इसलिए फील्ड अधिकारियों को फील्ड में जाने से रोकने लिए वर्दी पहनाकर नियत्रण कक्ष में बंधक बनाकर रखा गया है।

                      जानकारी के अनुसार बिलासपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के सभी जिलों के नियंत्रण कक्ष में वर्दीधारियों का भारी भरकम अमला आराम फरमा रहा है। कबीरधाम जिले के पोड़ी, रायपुर जिले के सिलतरा,बिलासपुर जिले के पचपेढ़ी,जोंधरा में शराब माफिया आम जनता के ऊपर जानलेवा हमला कर विभाग की मर्दानगी को खुली चुनौती दे रहे हैं। या फिर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग में  पंडो का अंडर करंट चल रहा है।

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