जोगी ने फिर दी आंदोलन की चेतावानी

jogi-7रायपुर—अमित जोगी ने राज्य सरकार को संवेदनहीन बताया है। किसानों की व्यवहारिक दिक्कतों को समझने में नाकाबिल बताया है। यही कारण है कि राज्य में किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। जोगी ने कहा है कि भाजपा ने वादा किया था लेकिन सरकार बनते ही वादा को भूला दिया गया। धान का समर्थन मूल्य 2100 रुपए और बोनस देने की सारी बातें हवा हवाई हो गयीं।

                    जोगी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की व्यवहारिक दिक्कतों को लेकर संवेहनशील नहीं है। इसीलिए केबिनेट में समर्थन मूल्य का मसला नहीं लाया गया। किसानों के साथ छलावा नहीं तो और क्या है।किसानों के घर दीपावली में दिए जलेंगे भी या नहीं किसी को चिंता नहीं है।

जोगी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि 15 नवंबर से धान खरीदी का विरोध किया जाएगा। प्रदेश में धान खरीदी 15 अक्टूबर से प्रारंभ की जाए। ताकि दीपावली जैसे त्यौहार के मौके पर किसानों की जेब में पैसे हों। लेकिन ऐसा लगता है कि राज्य सरकार को किसानों के हित की हमेशा की तरह कोई चिंता नहीं है। किसानों का दर्द को सरकार समझने को तैयार नहीं है। शायद इसीलिए किसान पाई.पाई का मोहताज हैं। आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं। जोगी ने कहा कि केबिनेट के इस निर्णय के खिलाफ छजकां बड़ा जनांदोलन करेगी। धान खरीदी 15 अक्टूबर से करने के लिए सरकार पर दबाव बनाएगी।

जोगी ने बताया कि साल का सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली अक्टूबर माह में ही है। त्यौहार को मनाने के लिए किसान या कोई भी अपने अपने स्तर पर तैयारी करता है। किसान का यदि जेब खाली रहेगा तो त्यौहार कैसे मनाएगा। उन्होंने कहा है कि राज्य में अधिकांश धान की फसल अक्टूबर मध्य तक तैयार हो जाती है। किसान कटाई भी शुरु कर देता है। किसान त्यौहार मनाने के लिए धान बिचौलियों के हाथों बेचेंने को मजबूर होता है। इसलिए इस बार धान खरीदी 15 नवम्बर की वजाय 15 अक्टूबर से करने का पत्र प्रदेश के मुखिया को लिखा है।

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