फर्जी एनकाउन्टर शिकायत की होगी जांच

IMG20160928102134रायपुर—अनुसूचित जनजाति आयोग ने बस्तर के दो आदिवासी नाबालिक छात्रों को फर्जी एनकाउन्टर मामले में जांच का आदेश दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने फर्जी एन्काउंटर में मारे जाने की घटना की शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयोग के अध्यक्ष डाॅ. रामेश्वर उरांव ने आयोग के उपाध्यक्ष को घटनाओं की जांच करने को कहा है।

                                 मालूम हो कि 25 सितंबर को बस्तर जिले में  सोनकू राम कश्यप और बीजलू कश्यप को बस्तर पुलिस ने नक्सली मुढभेड़ में मार गिराया था। पुलिस के अनुसार दोनों नक्सली गतिविधियों से जुड़े ते। भूपेश बघेल ने बिलासपुर में पत्रवार्ता में बताया था कि सोनकू और बीजलू छात्र था। दोनों अपनी बुआ से मिलने पास के ही गांव गये थे। शाम होने के कारण दोनों बुआ के घर ही रूक गए।

                      भूपेश के अनुसार पुलिस ने दोनों छात्रों को नक्सली बताकर रिश्तेदार के घर से बाहर निकाला। बाद में दोनों को नक्सली बताकर एनकाउन्टर कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के नेतृत्व में बस्तर के कांग्रेस विधायकों एवं जनप्रतिनिधियो ने फर्जी मुठभेड़ की शिकायत राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक नक्सली समेत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से किया था।

                                 भूपेश ने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की थी। उन्होने आयोग और राज्यपाल को बताया था कि नक्सली अभियान के चलते बस्तर में भोले-भाले आदिवासियों को माओवादी बताकर पुलिस मार रही है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की शिकायत को गंभीरता से लेते हुये फर्जी मुठभेड़ की जांच कराने का आदेश दिया है।

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