पार्टी का सगा नहीं..फिर जनता का सगा कैसे….छबील कर्मा

IMG20161021145019                               जोगी ने किया कांग्रेस और आदिवासी से धोखा

                              केदार कश्यप योग्य गृह और उप मुख्यमत्री हो सकते हैं।

                               »पार्टी से निकलने के बाद आदिवासियों की चिंता

बिलासपुर— जो पार्टी का सगा नहीं हुआ वह जनता का भला क्या सगा होगा। उसे पार्टी ने मुख्यमंत्री बनाया,रायज्यसभा भेजा,लोकसभा के लिए टिकट दिया। बीबी,बच्चों को एमएलए बनाया । बावजूद इसके उसने पार्टी के साथ दगाबाजी की। उसके चिल्लाने से जनता बहकावे में नहींं आने वाली है। धोखेबाज को जनता पहचान चुकी है। पहले सत्ता पक्ष से मिलकर कांग्रेस को हराया। अब सत्ता पक्ष से मिलकर कांग्रेस की लोकप्रियता को बदनाम करने की साजिश रच रहा है। बस्तर से उप मुख्यमंत्री बनाने की बात करने वाला इंसान यदि आदिवासियों का इतना ही सगा है तो आदिवासियों का शोषण क्यों किया। यह बातें छबिल कर्मा ने आज पत्रकारों से अजीत के बारे में कही। छबील कर्मा ने कहा कि भाजपा में काबिल लोग हैं जिन्हें गृहमंत्री नहीं बनाया जा रहा है। केदार कश्यप में नक्सलियों से दो दो हाथ करने की क्षमता है बावजूद इसके गृहमंत्री रामसेवक को बनाया गया है।

                    छबील कर्मा ने बताया कि मैं आज हाईकोर्ट में पिटीशन लगाने आया हूं। बस्तर रेंज के बूरतुम गांव में दो नाबालिग छात्रों को एनकाउंटर हार्डकोर नक्सली बनाकर किया गया। हमने इसकी शिकायत राज्यपाल महोदय से भी की थी। बावजूद इसके अभी तक हमारे आवेदन पर कुछ नहीं किया गया। कर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट में पिटीशन लगाकर पुलिस दल पर 302 प्रकरण लगाने की मांग की है। प्रभावित परिवार को मुआवजा और नौकरी के लिए मांग की है।

               एक सवाल के जवाब में छबील कर्मा ने कहा कि बस्तर में पुलिस राज चल रहा है। सरकार के इशारे पर चुनाव के पहले आदिवासी जनता को डराया धमकाया जा रहा है। बस्तर रेंज पुलिस अधीक्षक एसआरपी कल्लूरी सरकार का एजेंट है। दो छात्रों को एनकाउन्ट किए जाने का सीधा अर्थ आदिवासी समाज में दहशत फैलाना है। कांग्रेस के प्रभाव को खत्म करना है। छबील कर्मा ने बताया कि आज बस्तर क्षेत्र में गरीब किसान और आम जनता का जीना मुश्किल हो गया है। जंगल क्षेत्र में मवेशी चराने के पहले पुलिस से इजाजत लेनी पड़ती है। वरना हार्डकोर नक्सली बताकर एनकाउन्टर कर दिया जाता है।

                                     कर्मा ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में अब तो गांव में भी रहना मुश्किल हो गया है। जो पुलिस की बातों को नहीं मानता उसे गोलियों से भून दिया जाता है। एक सवाल के जवाब में कर्मा ने बताया कि अजीत जोगी के पार्टी से कांग्रेस को कोई असर नहीं होने वाला है। उन्होने बस्तर से आदिवासी उप मुख्यमंत्री बनाने की बात की है। जब सत्ता में थे तो उन्होने क्या किया। अजीत जोगी धोखेबाज और अवसरवादी हैं। कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा और लोकसभा भेजा। मु्ख्यमंत्री बनाया। मां बेटे को विधायक का टिकट दिया। अब कांग्रेस से अलग होकर पार्टी को गाली दे रहे हैं। जो कांग्रेस का सगा नहीं हुआ वह जनता का कभी सगा नहीं हो सकता है।

                   जोगी ने कहा कि अरविंद नेताम और सोहन पोटाई को आदिवासियों की चिन्ता पार्टी से निकालने के बाद हो रही है। जब सत्ता में थे तो उन्होने चिन्ता क्यों नहीं की। सब लोग आदिवासियों के नाम पर सत्ता पाने के लिए लफ्फाजी कर रहे हैं। इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी। चाहे कोई कुछ भी कर ले। आदिवासी मुख्यमंत्री के सवाल पर छबील कर्मा ने कहा कि योग्य लोग मुख्यमंत्री बने। जो प्रदेश की सभी वर्ग जाति  की जनता को एक नजर से देखे। जिन्हें जमीनी स्तर की जानकारी ना हो उस आदिवासी को मुख्यमंत्री या गृहमंत्री बना दिया जाए तो किसी का भला नहीं होगा। कर्मा ने कहा कि सत्ता पक्ष में केदार कश्यप योग्य और नक्सली मामले के जानकार हैं उन्हें गृहमंत्री या उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि कांग्रेस में किसी भी धर्म जाति या वर्ग से भेदभाव नहीं किया जाता है। आदिवासियों से भेदभाव करने का सवाल ही नहीं उठता है। जोगी आदिवासी हैं यह भी एक प्रश्न है।

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