सीयू छात्र संघ एचआरडी से करेगा कुलपति की शिकायत

GGUबिलासपुर— केन्द्रीय विश्वविद्यालय छात्र संघ ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर को पत्र लिखा है। पत्र के जरिए छात्र संघ ने सीयू की अनियमितताओं को सामने रखने की बात कही है। छात्र संघ ने कुलपति अंजिला गुप्ता पर तानाशाही और उदासीनता का आरोप लगाया है। छात्र नेताओं ने कुलपति को विश्वविद्यालय विकास में सबसे बड़ा रोड़ा भी होना बताया है। पत्र में छात्र संघ ने कुलपति अंजिला गुप्ता की कार्यप्रणाली को उजागर करने की भी बात कही है।

                        केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के पूर्व और वर्तमान छात्र संघ नेताओं ने एक बैठक में विश्वविद्यालय कुलपति अंजिला गुप्ता की तानाशाही और गतिविधियों को मानव संसाधन मंत्री के सामने रखने का फैसला किया है। छात्र नेताओं ने बताया कि आपातकालीन बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि छात्र संघ प्रतिनिधि मंडल एचआरडी मिनिस्टर से मिलकर विश्वविद्यालय गतिविधिया की जानकारी देगा। निवर्तमान छात्र नेता सिद्धार्थ शुक्ला के अनुसार केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर को पत्र लिखकर मिलने का छात्र संघ ने समय मांगा है।

                          छात्र नेता ने बताया कि एचआरडी को लिखे पत्र में हमने कुलपति अंजिला गुप्ता की तानाशाही और गैर शैक्षणिक गतिविधियों का जिक्र किया है। पत्र में विश्वविद्यालय में अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है।

                                                  छात्र नेता सिद्धार्थ शुक्ला के अनुसार प्रदेश का एक मात्र केन्द्रीय विश्वविद्यालय आज भी अपनी मूलभूत आवश्यताओं से वंचित हैं। यहां 32 संकाय में कुल 9000 हजार छात्र नियमित अध्ययन कर रहे हैं। भवन, खेल मैदान, बस, कैन्टीन,मेस, छात्रावास,प्रयोगशाला,ग्रंथालय के लिए छात्र आज भी संघर्ष कर रहे है। करोड़ों का बजट होने के बावजूद विश्वविद्यालय के छात्र मूलभूत आवश्यकताओं को तरस रहे हैं। मामले को जब- जब कुलपति के सामने मजबूती के साथ रखा जाता है…तब तब उनका व्यवहार तानाशाहों की तरह हो जाता है।

SIDHARTH                        ब्रदरहुड छात्र नेताओं ने बताया कि छात्रों की समस्याओं को लेकर कुलपति गंभीर नहीं है। शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर उन्होने कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई दी। विश्वविद्यालय और छात्र हित की बात करने वालों को उन्होने अपमानित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ा। छात्रहित की बात करने वाले छात्र प्रतिनिधियों की आवाज को अनुशासनहीनता की चाबुक से चुप करा दिया जाता है। धमकी देकर निष्कासन का दबाव बनाया जाता है। इसके उलट विश्वविद्यालय के बाहर के छात्रों को अंजिला गुप्ता केबीन में बैठाकर स्वागत करती हैं। ना केवल असामाजिक तत्वों की कसीदें पढ़ती हैं..बल्कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा भी दे रही हैं।

                ब्रदरहुड नेताओं ने बताया कि कुलपति ने विश्वविद्यालय में अघोषित आपातकाल की स्थिति पैदा कर दिया है। विश्वविद्यालय में छात्रहित की बात करने वाले को डराया धमकाया जाता है। अंजिला गुप्ता ने विश्वविद्यालय लोकतंत्र को पंगु बना दिया है। अंजिला गुप्ता के इशारे पर नियम कानून का गलाघोंटा जा रहा है। इन्ही तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए हमने मानव संसाधन मंत्री को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। समय मिलता है तो छात्र संघ प्रतिनिधि मंडल केन्द्रीय मंत्री के सामने कुलपति की कारगुजारियों का काला चिठ्ठा खोलेगा।

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