आप ही बताओ..टना टन को क्या कहें….भैयालाल

IMG20161224122733बिलासपुर— श्रम, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भैयालाल रजवाड़े आज बिलासपुर के पत्रकारों से काफी नाराज नजर आए। उन्होने कहा कि मैं ठेठ छत्तीसगढ़िया हूं। खरी खरी बात कहता हूं। लेकिन पत्रकार तिल का ताड़ बना देते हैं। पिछली बार भी मेरे साथ ऐसी ही हुआ। इसलिए इस बार पत्रकारों से कोई बातचीत नहीं करूंगा। जो वह कहें वही सही। भैयालाल रजवाड़े अधिकारियों से ही नाराज नजर आए लेकिन कहा कुछ नहीं। प्रोटोकाल अधिकारी के अलावा मंत्री के विभाग का कोई बड़ा अधिकारी भी छ्त्तीसगढ भवन में नजर नहीं आया। खेल विभाग के मंत्री होने के बाद भी उन्हें कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया के सवाल पर भैयालाल रजवाड़े जरूर नाराजगी जाहिर की है।

                               श्रम,खेल युवा एवं कल्याण मंत्री आज बिलासपुर प्रवास पर पहुंचे। लेकिन पत्रकारों से बातचीत करने से कतराते रहे। भैयालाल रजवाड़े ने पहले तो कुछ बोलने से ही इंकार कर दिया। कुछ देर बाद बातचीत शुरू हुई लेकिन कैमरा या फोटो लेने से मना कर दिया। बातचीत के दौरान भैयालाल रजवाड़े ने बताया कि मैं छत्तीसगढ़िया हूं…। सीधे सीधे बोल देता हूं..पत्रकार अर्थ का अनर्थ लगाते हैं। बातों ही बातों में भैयालाल ने कहा कि टना टन को छत्तीसगढ में और क्या कहते हैं। पत्रकार बताएं मैं अब वही कहूंगा।

                                                   एक सवाल के जवाब में रजवाड़े ने कहा कि टना टन का अर्थ अच्छा होता है। आप ही बताएं छत्तीसगढ़ में अच्छे को क्या बोलेंगे। रजवाड़े ने पत्रकारों से कहा कि आप लोग बाल का खाल निकालते हैं। इसलिए कुछ नहीं बोलूंगा। मैं छत्तीसगढ़ियां हूं…अच्छे अर्थ में टनाटन बोला हूं।

                     राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता में आपको क्यों नहीं बुलाया गया। आप शहर में है आज खेल का समापन भी है बावजूद इसके आप कार्यक्रम में क्यों नहीं है। भैयालाल ने कहा कि मुझे नहीं बुलाया गया इसलिए नहीं गया। बात सम्भालते हुए कहा कि मैं फुर्सत नही था इसलिए क्रीड़ा प्रतियोगिता में नहीं गया। खेल के दौरान अव्यवस्था पर श्रम मंत्री ने कहा कि आप लोग जो भी खामियों को सामने रखा है उसकी जांच करवाएंगें।

                                            आप के स्वागत में विभागीय अधिकारी भी नहीं आए। राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के आयोजक को आपसे मिलना तो चाहिए था। औद्योगित सह क्षेत्र का भी अधिकारी गायब है। भैयालाल ने कहा कि मुझे नहीं पता कौन आया है और कौन नहीं आया। सबको तलब करूंगा। आखिर वह क्यों नहीं आते हैं। राष्ट्रीय खेल पत्रिका में गलतियों की भरमार है। बिलासपुर से बाहर के अधिकारियों को भी शहर का बताया गया है के सवाल पर मंत्री ने कहा कि जांच करेंगे ।

                             मालूम हो कि पिछली बार बिलासपुर दौरे पर आए भैयालाल ने अपने पुत्र पर विवादित बयान दिया था कि लायसेस है इसलिए उसने फायर किया। बाद में इस बात को लेकर मंत्री कि प्रदेश स्तर पर किरकिरी हुई थी। इसी बात को लेकर वह आज पत्रकारों से बातचीत करने बचते रहे। बार बार शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में शामिल नहीं होने के सवाल पर भैया बचते रहे।

नहीं दिखा विभागीय अमला

            भैयालाल रजवाड़े के स्वागत में विभागीय अमला नहीं दिखा। ले देकर श्रम विभाग से नई नवेली इंस्पेक्टर और बाबू गुलदस्ता के साथ स्वागत किया। औद्योगिक सह क्षेत्र का अधिकारी कुंजाम हमेंशा कि तरह इस बार भी नहीं आया। इस दौरान कुंजाम को कई बार फोन किया गया लेकिन उनसे मोबाइल ही नहीं उठाया। मालूंम हो कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार मंत्री जब भी क्षेत्र में जाएं तो कलेक्टर और जिम्मेदार अधिकारियों के अलावा विभागीय अधिकारी का रहना जरूरी है। लेकिन भैयालाल रजवाड़े के स्वागत में केवल एक इंस्पेक्टर ही दिखाई दिया। हां प्रोटोकाल अधिकारी नजर आए।

loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...