सावधान…अवसरवादियों ने किया सत्ता पर कब्जा…आशीष सिंह

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बिलासपुर—जिला कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस पार्टी की 132 वां स्थापना दिवस केक काट कर मनाया। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद किया। आजादी के दिवानों को श्रध्दांजली भेंट कर मातृभूमि के प्रति उनकी दीवानगी को नमन् किया। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्या में कांग्रेसी नेता उपस्थित थे।

                      उपस्थित लोगों को संबोधितक करते हुए पीसीसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने कहा कि स्वतंत्रा के लिए लाखो देशवासियों ने बलिदान दिया। देश की आजादी और महान देशवासियों के बलिदान को अक्षुण बनाए रखने की जिम्मंदारी हमारी है। आज देश आर्थिक आपातकाल के दौर से गुजर रहा है। जनता बैंक की लाइन में खड़ी है। फिरकापरस्त लोग अंग्रेज कालीन वातावरण पैदा कर रहे हैं। जनता में भय का वातावरण है। भाजपा नेता जनता की सब्र का इम्तिहान ना ले। सरकार को मतो का सम्मान कर जनहित काम करना चाहिए। लोकतंत्र का भी वसूल यही है। लेकिन सब कुछ उल्टा हो रहा है। केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार उद्योगपतियो के एजेंट के रूप में काम कर रही है।

                    शहर अध्यक्ष नरेंद्र बोलर ने कहा स्वतंत्रता के बाद प्रधानमंत्री नेहरु के मजबूत राष्ट्र की नीव रखी। आजादी के बाद अनेकों जन कल्याण कारी योजनाये चालू की गयीं। लेकिन इस समय साम्प्रदायिक ताकतो को देश की शांति रास नहीं आ रही है। समय आ गया है कि ऐसे लोगों को मिलकर मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।

                               IMG-20161228-WA0191 (1)   ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला ने कहा नेहरु जी का मानना था कि भारत गाँव में निवास करता है। भारत की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है। जब तक किसान समृध्द नही होगा देश का विकास संभव नहीं है। प्रधानमंत्री नेहरु ने कृषि क्षेत्र में विकास के लिए अनेक योजनाये चालू की।

            प्रदेश सचिव आशीष सिंह ने कहा आज सत्ता में अवसरवादी लोगों का जमावड़ा है। जिनका स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नही है वे ही लोग हमे राष्ट्रवाद  की पाठ पढ़ा रहे हैं। ऐसे अवसरवादियों से सबको सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे लोग सत्ता में रहने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

               पूर्व सांसद मैक्लाऊड ने कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन को तीन भागो में बाँट कर देखा जा सकता है। प्रथम चरण में उदार वादी दादा भाई नौरोजी,फिरोज शाह मेहता, दिनशा वाचा, गोपाल कृष्ण गोखले थे। दूसरे चरण में नरम दल.गरम दल का मिला जुला प्रभाव रहा। लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, विपिन चन्द्र पाल का नाम प्रमुख है।, यह दौर उतार चढाव का था। 1919 से गाँधी जी का युग शुरू होता है।

                           कार्यक्रम संयोजक सैय्यद ज़फर अली ने बताया कि कांग्रेस पार्टी विश्व की सबसे पुरानी पार्टियों में से एक है। 28 दिसम्बर 1884 को ए.ओ ह्यम ने मुंबई के सर गोकुल दास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में बैठक कर स्थापना 72 सदस्यों के साथ कांग्रेस पार्टी की बुनियाद डाली गयी।  कांग्रेस का उद्देश्य राष्ट्रिय एकता देशप्रेम सामाजिक समरता की भावनाओं को जन जन तक पहुंचाना था। कांग्रेस को 132 वर्ष की जीवन यात्रा में विषम परिस्थितियों से गुजरना पड़ा है। देश को स्वतंत्रता दिलाने में कांग्रेस की भूमिका अहम है। कांग्रेस नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री,इंदिरा गांधी,राजीव गांधी के योगदान को भी याद किया।

                 वरिष्ठ कांग्रेसी हरीश तिवारी, शेख गफ्फार, शिवा मिश्रा,जसबीर गुम्बर,शैलेन्द्र जायसवाल,शेख नजरूद्दीन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश और जिला पदाधिकारियों के अलावा पार्षद और कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित थे।

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