आधारभूत संरचना विकास का मिलेगा फायदा–रेलवे

DSC06046बिलासपुर—- चांपा-झारसुगड़ा तीसरी लाईन निर्माण के तहत सारागांव से खरसियां के बीच 35 किलोमीटर नई रेल लाईन का कार्य अप्रैल में पूरा कर लिया जाएगा। 15 अप्रैल से गाड़ियों आने जाने लगेंगी।

              बिलासपुर -रायपुर तीसरी लाईन निर्माण कार्य अंतर्गत सिलियारी से उरकुरा के बीच नयी लाइन पर गाड़ियां जून से दौड़ने लगेंगी। बिलासपुर-अनुपपुर दोहरीकरण की प्रक्रिया में जैतहरी और हर्री के बीच 28.10 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अनुपपुर-कटनी तीसरी लाइन कुल लम्बाई 168 कि.मी. का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

               जोन रेल प्रशासन के अनुसार  दल्लीराजहरा-जगदलपुर रावघाट 235 कि.मी. लम्बी रेल लाइन परियोजना प्रगति पर है। दल्लीराजहरा से गुदुम तक 17 किलोमीटर की नई लाईन का निर्माण फरवरी में पूरा कर लिया जाएगा।

                                गोंदिया-जबलपुर गेज परिवर्तन का काम तेजी से चल रहा है। कचपुरा से सुकरीमंगला तक 45 किलोमीटर रेलवे लाईन का गेज परिवर्तन का कार्य पूरा कर लिया गया है। गाड़ियां भी चलने लगी हैं। सुकरीमंगला से नैनपुर के बीच गेज परिवर्तन का कार्य जोर शोर से चल रहा है। नैनपुर से बालाघाट तक 76 किलोमीटर आमान परिवर्तन का कार्य भी प्रगति पर है। परियोजना पूरी हो जाने से जबलपुर से बल्लारशाह के बीच कुल दूरी में लगभग 274 किलोमीटर कम हो जाएगी।

                    रेल प्रशासन के अनुसार आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्य चरणबद्व तरीके से किये जा रहे हैं। परिणाम भी बेहतर मिल रहा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में गाड़ियों के समयपालन और समयबद्वता में सुधार का कारण आधारभूत संरचनाओं का लगातार विकास होना है। रेल प्रशासने ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारक्षेत्र में महत्वपूर्ण रेल कारीडोर परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। रायगढ मांड कालरी  से भूपदेवपुर तक 63 कि.मी. और गेवरारोड से पेन्ड्रारोड तक 121.70 कि.मी. कारीडोर बन जाने से ना केवल कोयला परिवहन में तेजी आयेगी बल्कि सुदूर स्थित क्षेत्रों में यात्री परिवहन में फायदा मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *