सुनवाई के बाद खुलेगा राजस्व निरीक्षकों का परिणाम

high_court_visualबिलासपुर—हाईकोर्ट ने खूबचंद वर्मा की याचिका पर आज सुनवाई करते हुए राजस्व निरीक्षक सीधी भर्ती परीक्षा परिणाम पर रोक लगाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक आयोजित परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाए।

                 मालूम हो कि खूबचंद वर्मा ने अधिवक्ता मतीन सिद्धिकी के सहयोग से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राजस्व निरीक्षक पद के सीधी भर्ती पर रोक लगाने को कहा है। याचिका कर्ता ने बताया कि शासन ने पिछले बीस सालों से राजस्व निरीक्षक पद पर पटवारियों के बीच से विभागीय भर्ती नहीं की है। छत्तीसगढ शासन ने राजस्व निरीक्षक के 90 पदों के लिए सीधी भर्ती विज्ञापन प्रकाशिक किया है। 16 जिलों में 22 जनवरी को परीक्षा होनी है।

                    भिलाई सेक्टर तीन में पटवारी पद पर कार्यरत खूबचंद ने कोर्ट को बताया कि नियुक्तियां छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख तृतीय श्रेणी सेवा भर्ती अधिनियम 2014 के तहत की जा रही है। अनुसूची दो के तहत सीधी भर्ती में कुल 25 प्रतिशत पद भरे जाने हैं। जबकि पटवारी से 75  प्रतिशत पद भरे जाने का निर्देश हैं।

                सेटअप के अनुसार 652 पद राजस्व निरीक्षक के हैं। इसमें से 401 पद भरे जा चुके हैं। 261 पद रिक्त है। जिसका 25 प्रतिशत 70 होता है। राज्य शासन ने अगस्त 2015 में 75 पदों की सीधी भर्ती की है। एक बार फिर 90 पदों की सीधी भर्ती की जा रही है। जो पूरी तरह से अनुचित है। पिछले 20 साल में एक बार भी पटवारियों की भर्ती निरीक्षक पद पर नहीं हुई है।

               याचिकार्ता के अनुसार दिसम्बर 16 में एक याचिका पर कोर्ट ने शासन से चार बिन्दुओं पर जवाब मांगा था। शासन से पूछा गया था कि इस समय राजस्व निरीक्षके कितने पद कोटा में रिक्त हैं।कितने पटवारियों की राजस्व निरीक्षक पद में पदोन्नति हुई। सीधी भर्ती के कितने कर्मचारी इस समय काम कर रहे हैं। और कितने पद वर्तमान में रिक्त हैं।

            मामले में आज हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद शासन को आदेश दिया है कि सीधी भर्ती परीक्षा का परिणाम अगली सुनवाई तक नहीं जारी किया जाए।

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