104 साल पुराने स्कूल को बचाने…महिला पार्षद ने जोड़ा हाथ

COLLECTORATEबिलासपुर 10 मार्च–गोंडपारा स्थित पं मुन्नुलाल शुक्ल स्कूल की छत अभी तक नहीं बनी है। जर्जर भवन में बच्चे पढऩे को मजबूर हैं। वार्ड पार्षद पुष्पा दुबे कांग्रेसियों के साथ छत निर्माण की मांग डिप्टी कलेक्टर एसआर कुर्रे से की है। पुष्पा दुबे ने हाथ जो़ड़कर कहा कि क्या बच्चों के साथ हादसा होने के बाद प्रशासन की आंख खुलेगी। पुष्पा दुबे के साथ स्कूल के बच्चे भी थे।

गोंडपारा की पार्षद पुष्पा दुबे कांग्रेसियों के साथ आज कलेक्ट्रेट पहुंचीं। इस दौरान पंडित मुन्नुलाल स्कूल के छात्र भी थे। पुष्पा दुबे ने डिप्टी कलेक्टर एसआर कुर्रे को बताया कि स्कूल की हालत बहुत जर्जर है। कभी भी हादसा हो सकता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि स्कूल की छत को बनाया जाएगा। छत तो दूर आश्वासन के बाद कोई भी कर्मचारी जर्जर स्कूल को झांकने नहीं गया। बच्चे डर के साय़े में पढ़ाई कर रहे हैं। पुष्पा दुबे ने हाथ जोड़कर डिप्टी कलेक्टर कुर्रे से कहा कि हो सके तो बिलापुर के एतिहासिक 104 साल पुराने स्कूल को बचा लीजिए। यदि इस बीच कोई घटना होती है तो इसके लिए जिला प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।

इस दौरान पार्षद पुष्पा दुबे के अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवा मिश्रा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शेख नजीरूद्दीन, कांग्रेस पार्षद दल प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल, पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी, युकां नेता गौरव दुबे, अमित दुबे, भावेन्द्र गंगोत्री, अमितेश राय, सुदेश दुबे साथी समेत कई स्कूली बच्चों के अभिभावक भी मौजूद थे।

कांग्रेस नेता शिवा मिश्रा और शेख नजरूद्दीन ने बताया जिला प्रशासन की जानकारी के बाद भी गरीबों के बच्चे जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं। छत गिरने की घटना कई बार हो चुकी है। उतनी ही बार जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाया गा। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। छत बनाने के लिए राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। लेकिन जीर्णाोद्धार काम आज तक शुरू नहीं हुआ है। शैलेन्द्र ने बताया कि स्कूल के लिए शासन ने 1 करोड़ 25 लाख रूपए दिए हैं। जानकारी के अनुसार स्वीकृत राशि का उपयोग अन्य मदों में खर्च किया जा रहा है।

पार्षद पुष्पा दुबे,चन्द्रप्रकाश वाजपेयी समेत सभी कांग्रेसी नेताओं ने स्कूल का जीर्णाद्धार नही होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। पुष्पा दुबे ने  बताया कि स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे गरीब परिवार से हैं। बच्चों के  भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल का जीर्णोद्धार बहुत जरूरी है।

                डिप्टी कलेक्टर कुर्रे ने बताया कि मामले को कलेक्टर के सामने पेश किया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग को भी पत्र लिखा जाएगा। स्कूल के मरम्मत करने को कहा जाएगा।
104 साल पुराना स्कूल
गोंडपारा निवासी सुदेश दुबे साथी ने बताया कि पं मुन्नुलाल शुक्ल स्कूल शहर के सबसे पुराना विद्यालय है। 104 साल से बिलासपुर का प्रमुख शिक्षा केन्द्रों में इसकी गिनती होती है। इस समय स्कूल काफी जर्जर हो चुका है। दीवारों के प्लास्टर गिरने लगे हैं। खपरैल की छत कई बार गिर चुका है। जर्जर भवन में बच्चे बैठने से भी डरते हैं। हमेशा हादसा का अंदेशा बना रहता है। पिछले साल छत गिरने के बाद स्कूल की कक्षाओं को बाहर लगाना पड़ा था।

 

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