मस्तूरी हत्याकाण्ड खुलासा:तीन गिरफ्तार,बचपन के दोस्त ने दिया धोखा

IMG20170311155825 बिलासपुर— मस्तूरी हत्याकाण्ड का बिलासागुडी मे पुलिस कप्तान मयंक श्रीवास्तव ने खुलासा किया है। हत्या और दुष्कर्म के आरोप में गांव के ही दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। मामले में गिरफ्तार एक अन्यु युवका को नाबालिग बताया जा रहा है। पुलिस कप्तान ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी आरोपी स्थानीय निवासी है। जांच में रायपुर की जांच टीम के अलावा बिलासपुर पुलिस और स्पेशल टीम ने भाग लिया। छानबीन के दौरान फोरेंसिक एक्सपर्ट के अलावा तकिनिक विशेषज्ञों ने भी सहयोग किया है।

                  बिलासागुड़ी में ममता खाण्डेकर दुष्कर्म और हत्याकाण्ड का आज पुलिस कप्तान ने खुलासा किया है। पुलिस कप्तान मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि ममता खाण्डेकर हत्याकाण्ड और दुष्कर्म के सभी आरोपी देवगांव के स्थानीय निवासी हैं। ममता खाण्डेकर और हिरासत में लिए गए सभी आरोपी एक दूसरे को बचपन से जानते थे।

      पुलिस कप्तान ने बताया कि 7 जनवरी 2017 को हत्याकाण्ड और दुष्कर्म मामले में थाना मस्तूरी में रिपोर्ट दर्ज किया गया था। मामले में मेरे अलावा अन्य पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से परीक्षण किया। जांच के लिए एडिश्ननल एसपी अर्चना झा की अगुवाई में विशेष जांच दल का गठन किया गया था। विवेचना अधिकारी सीएसपी लखन पटले समेत साइबर की टीम ने भी जांच पड़ताल की। एडिश्लन एसपी प्रशांत कत्लम की लगातार मामले पर नजर ऱख रहे थे। पुलिस महानिदेश के आदेश पर हत्याकाण्ड और दुष्कर्म मामले में रायपुर क्राइम ब्रांच की विशेष टीम को भी जो़ड़ा गया। महानिदेशक ने हत्याकाण्ड खुलासे में पचास हजार ईनाम का भी एलान किया था। खुद मैने जांच में सहयोग करने वालों के लिए दस हजार इनाम देने की घोषणा की थी।सीजीवाल

                       पुलिस कप्तान मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान तकनिकी विशेषज्ञों और स्पेशल टीम ने 31 दिसम्बर 2016 से 7 जनवरी 2017 के बीच 14 लाख से अधिक नम्बरों की जांच की। इनमें से करीब दस हजार से अधिक मोबाइल नम्बरों को वेरीफाई किया गया। 500 से अधिक लोगों से पूछताछ हुई।200 से अधिक लोगों का बयान दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर, नबीनगर, बिहार, औरंगाबाद, रामगढ़, झारखण्ड, मुम्बई, राजकोट, उड़ीसा, छत्तीगढ़ के विभिन्न शहरों मे संदेहियों से पूछताछ की गयी है। विवेचना के दौरान मेडिकल और फोरेंसिक एक्सपर्ट भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.व्ही.के.सतपथी और राजनांदगाव के अधिष्ठाता आर,के.सिंह का सहयोग लिया गया। तथ्यों को फोरेंसिक जांच के लिए रायपुर लैब भेजा गया। गवाहों का नार्को टेस्ट गांधीनगर में भेजा गया।  IMG20170311153836

                        पुलिस कप्तान ने बताया कि घटना के बाद पूछताछ के दौरान एक संदेही संतराम का नाम सामने आया। संंतराम ने मामले में देवगांव के ही बबला बंजारे का नाम बताया। दोनों ने पहले तो घटना के बारे में कुछ भी नहीं जानने की बात कही। दबाव और लगातार पूछताछ के बाद दोनों टूट गए। क्योंकि पुलिस को जांच के दौरान घटना स्थल से मृतिका की साईकिल के अलावा एक सायकल और मिली थी।

                पुलिस कप्तान के अनुसार बबला बंजारे ने पूछताछ के दौरान बताया कि मृतिका को बचपन से जानता था। उसी ने घटना के दिन घटनास्थल पर बुलाया था। बचपन में उसने एक बार हिजड़ा कहा था। गाली गलौच भी करती थी।सीजीवाल।ममता जयरामनगर में एक दुकान में काम करती थी। उसे कई बार आटो से पहुंचाया और घर लाया था। वह ममता को हमेशा आते जाते देखता था। नजदीक जाने का मौका जब तब तलाशता था।

                       बबला ने बताया कि घटना के कुछ दिन पहले उसने दोस्त की मोबाइल में अश्लील फिल्म देखा था। 7 जनवरी को  ममता को देवगांव तिराहे पर आटो से जयरामनगर से लाकर सायकल समेत उतारा। दोस्त संतराम को फोन कर बुला लिया। कुंडूभाठा और भनेश्वर के बीच संतराम और मैने मृतका को खेल में ले गए। उसके साथ बलात्कार किया। पहले से उसे सहयोग करने को कहा। लेकिन जब उसने इंकार किया तो हिजड़ा शब्द याद आ गया। फिर दोनों ने मिलकर उसके साथ बलात्कार किया। जब वह भागने और चिल्लाने लगी तो उसे हाथ पैर और डंडे से पीटा। एक्सीटेंड का रूप देने के लिए ममता को सड़क पर फेंक दिया।

               इस दौरान उसकी सांस चल रही थी। मामले को दबाने के लिए चेहरे पर पत्थर और डंडे से चोट किया। इसके बाद नाले में जाकर हाथ पैर में लगे खून को साफ किया। सायकल को नाले पर बने पुल के नीचे बेशरम के झुरमुट में फेंक दिया। ममता के चप्पल को मेंड में छिपा दिया। सायकल में लटके झोले और सामान को करूमहू एनीकट के पास झाड़ी में फेंक दिया।

               पुलिस कप्तान ने पत्रकारों को बताया कि घटना के दौरान बबला के साथ एक नाबालिग भी था। जिसने घटना के साक्ष्य को दबाने में दोनों का सहयोग किया था। पूछताछ के बाद उसे भी हिरासत में लिया। पुलिस ने तीनों के निशानदेही पर घटना के दौरान उपयोग केिए पत्थर डंडा के अलावा आटो और सायकल को जब्त कर लिया है। सायकल,मोबाइल और घटना के दिन पहने गए कपड़ों को भी बरामद कर लिया है। पुलिस कप्तान ने बताया कि आरोपियों की अब विधि सम्मत गिरफ्तारी हो चुकी है। तीनों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपियों से अन्य प्रमाण संकलन के लिए रिमांड पर लेने की कोर्ट से अपील करेंगे।

IMG20170311153707दुष्कर्म पर उठे सवाल

                सीजी वाल के सवाल पर पुलिस कप्तान मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि प्रेस नोट में दुष्कर्म का जिक्र बेशक नहीं किया गया हो। लेकिन मृतका के साथ दोनों ने बलात्कार किया है। चूंकि 376 धारा में दुष्कर्म के कई मामले होते हैं। इसलिए प्रेसनोट में इसका जिक्र नहीं किया गया है। उन्होने बताया कि मृतका के साथ दोनो बलात्कार किया है। पीएम रिपोर्ट के अलावा दोनों आरोपियों ने इस बात को कबूला भी है।

            मामला कहीं गौरंग बोबड़े जैसा न हो जाए के सवाल पर पुलिस कप्तान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस जांच को ही आधार बनाया है। इसलिए गौरंग बोबड़े मामले को लेकर पुलिस जांच पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता है। एसपी ने बताया कि विस्तृत जांच पड़ताल और विशेषज्ञों के निर्देश पर ही तीनों को हिरासत में लिया गया है। इनाम के सवाल पर मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर काम करने वाले लोगों को इनाम दिया जाएगा।

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