सात अादिवासियों को बंधक बनाने का आरोप

6cadbfc2-fc32-48c8-9db1-577265286b36रायपुर—सुकमा जिले में पुलिस का आदिवासी ग्रामीणों पर अत्याचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पिछले दो  दिनों से मामले को विधानसभा में उठाने के बाद मरवाही विधायक अमित जोगी ने अप निवास पर पत्रकारवार्ता में  पीड़ित महिला और अन्य प्रताड़ित लोगो को मीडिया के सामने किया। अमित जोगी ने बताया कि पीड़ित महिला बहन की शादी में करीब तीस लोग सुकमा जिले के चिंतागुफा गाँव गए थे। इसी दौरान पुलिस ने सभी को गोरखा कैम्प ले गए। इस दौरान सभी को जमकर मारा पीटा गया।

                      मरवाही अमित जोगी ने रायपुर स्थित अपने आवास में पत्रकारों को बताया कि 20 मार्च 2017 को अल सुबह सुकमा जिले के चिंतागुफा गांव पहुंचे। शादी में शामिल लोगों को उठा कर गोरखा कैंप ले गए। सभी को पुलिस ने जमकर पीटा। कुछ पुलिस कर्मियों ने कपडे उतार कर गुप्तांगों के साथ छेड़खानी की।

               मारपीट के दौरान गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की गयी। करी। अमित जोगी ने बताया कि शादी में गयी एक महिला गर्भवती थी। पुलिस प्रताड़ना से तीन दिन बाद  उसका गर्भपात हो गया। पुलिस कर्मियों ने उसे 20 मार्च की रात थाने से छोड़ा। गर्भवती महिला का २८ मार्च को दंतेवाड़ा चिकित्सालय में मेडिकल परिक्षण किया गया। परीक्षण में गर्भपात की पुष्टि हुई है।

                         पत्रकारों को अमित जोगी ने बताया कि गर्भवती महिला की सास, पति और रिश्ते की बेटी पर भी पुलिस ने अत्याचार किया। जोगी ने बताया कि पुलिस वालों ने 20  मार्च की रात गोरखा कैंप से ७ लोगों को रोककर सबको छोड़ दिया। 7 लोगों में से 4 लोगों को अंतिम बार 23 मार्च को कोंटा स्वास्थ्य केंद्र में देखा गया था। सभी के शरीर में मारपीट के निशान  थे।जबकि तीन लोगों की अभी तक जानकारी नहीं है कि वे लोग कहां गए। गायब तीनों की तलाश परिवार के सदस्य कर रहे हैं।

            जोगी ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 28 मार्च को सोरी सोढ़ी ग्रामीणों से मिलने गोरखा कैंप गयीं। कुछ लोगों को अपने साथ लेकर जगदलपुर रवाना हुईं। रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उनके वाहन को एर्राबोर थाने के सामने रोक दिया। सोनी सोरी को गैरकानूनी तरीके से रातभर थाने में बैठाया गया। उनके साथ पुलिस वालों ने बदतमीजी की।

                  अमित जोगी ने बताया कि मामले में आने  पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने डीजीपी बात की है। अमित ने बताया की प्रदेश की पुलिस अपनी सारी हदों को पर कर आदिवासी लोगों पर अत्याचार कर रही है।

अमित जोगी ने बताया कि सोनी सोरी से सलाह मशविरा के बाद अवैधानिक तरीके से बंधक बनाये गए सातों व्यक्तियों के परिजन  उच्च न्यायालय में हैबियस कार्पस की रिट याचिका दाखिल करेंगे। न्यायालय से मांग करेंगे कि बंधक बनाये गए सात लोगों को 24 घंटे के भीतर उच्च न्यायालय में पेश किया जाए। जोगी ने बताया कि मामले में न्यायायिक जांच की भी  मांग करेंगे।

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