सत्याग्रहियों के सामने बेबस प्रशासन…हांफा शराब भठ्ठी हटाने तक आंदोलन की धमकी

IMG-20170521-WA0631 बिलासपुर— खबर लिखे जाने तक सकरी तहसील के ग्राम हांफा में सत्याग्रही ग्रामीण और स्थानीय प्रशासन आमने सामने हैं। सत्याग्रही नेता और जनता तालाब में खड़े होकर सरकारी शराब दुकान हटाने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन से आश्वासन के बाद भी जनता आन स्पाट निर्णय को लेकर अडिग है। मौके पर प्रशासनिक आलाधिकारियों के अलावा कांग्रेस नेता और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि लगातार आमने सामने हैं। एक तरफ पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण आश्वासन के बजाय परिणाम चाहते हैं। तो दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी शराब दुकान हटाने की मांग से सहमत तो हैं लेकिन लिखित में कुछ भी देने से बच रहे हैं।

                   हांफा शराब दुकान के विरोध में ग्रामीण और प्रशासन आमने सामने है। जनता के साथ जिला पंचायत से लेकर स्थानीय पंचयात के प्रतिनिधि हैं। जिला प्रशासन ग्रामीणों की मनुहार कर रहा है लेकिन ग्रामीण हैं कि शराब दुकान हटाने के अलावा किसी भी शर्त पर झुकने को तैयार नहीं है। इस बीच परिस्थितियों से निपटने ग्राम हांफा को अघोषित पुलिस छावनी बना दिया गया है।

शराब दुकान के विरोध में पानी सत्याग्रह

                        मालूम हो कि हाफा गांव में सरकारी शराब दुकान खुलने के बाद ग्रामीणों में भयंकर आक्रोश है। दुकान खुलने के बाद ग्रामीणों ने एक बार सरकारी शराब दुकान शासन को करीब दो लाख रूपए का नुकसान पहुंचा चुके हैं। बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन ने पुलिस के दम पर हांफा में सरकारी दुकान खोल दिया। इसके अलावा शराब दुकान तोड़ने और सरकारी राशि को नुकसान पहुंंचाने के आरोप में हांपा सरपंच समेत पंच और दर्जनों ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की गयी। बावजूद इसके ग्रामीणों ने हांफा में सरकारी दुकान खोलने का विरोध किया है।Sakri_hanfa1

मंत्री से ग्रामीणों की शिकायत

                       दो दिन पहले हाफा सरंपच और ग्रामीणों ने लोखंडी में आयोजित समस्या निवारण शिविर में शिक्षा मंत्री से शराब दुकान हटाने की मांग की थी। केदार कश्यप ने जिला प्रशासन को निर्देश देकर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। लेकिन शराब दुकान हटाने की कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने केदार कश्यप से बताया कि यदि दो दिन के भीतर शराब दुकान को नहीं हटाया जाता है तो वे लोग सत्याग्रह करेंगे। इसी क्रम में ग्रामीणों ने रविवार को पानी सत्याग्रह करते हुए सरकारी शराब दुकान हाटने की मांग की है।

                         जिला पंचायत सदस्य जितेन्द्र पाण्डेय, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष शिव बालक कौशिक, आम आदमी पार्टी बिल्हा विधानसभा संयोजक सरदार जसबीर सिंंह, स्थानीय नेता राकेश तिवारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगजीत सिंंह मक्कड़,जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण राजेन्द्र शुक्ला,एनसीपी जिला अध्यक्ष ईश्वर सिंह चंदेल , हांफा सरपंच विजय भौमिक समेत सैकड़ों ग्रामीम तालाब में घुटने तक पानी में खड़े होकर शराब दुकान हटाने की मांग की। इस दौरान सत्याग्रहियों और ग्रामीणों ने स्थानीय और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी।

  दुकान का नहीं..स्थान का विरोध 

                           वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशीष सिंह ठाकुर.जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण  राजेन्द्र शुक्ला, सरदार जसबीर सिंह, जगजीत मक्कड़,ईश्वर सिंह चंदेल,विजय भौमिक ने बताया कि हमारा विरोध शराब या दुकान को लेकर नहीं बल्कि स्थान को लेकर है। नेताओं ने बताया कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोला गया है,,, किसी भी सूरत में उचित नहीं है। शराब दुकान से चंद कदम दूर स्कूल  है। सामने तालाब है…गांव की महिलाएं यहां नहाने आती हैं। इसके अलावा मौजूदा शराब दुकान के दूसरी तरफ श्मशान घाट है। कुल मिलाकर यहां गांव का आना जाना हमेंशा लगा रहता है। बेहतर होगा कि शराब दुकान को यहां से हटाकर किसी दूसरे जगह खोला जाए। जिसको पीना होगा,,,दुकान जाएगा ही। नेताओं ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती है..जनता तालाब से नहीं निकलेंगी।

जनता के सामने परेशान…प्रशासन और पुलिस

 IMG-20170521-WA0627                हांफा स्थित शराब दुकान को बचाने और जनता को मनाने सुबह से ही स्थानीय और जिला प्रशासन के अलावा पुलिस बल तैनात है। एडिश्नल एसपी प्रशांत कतलम ग्रामीणों को लगातार मनाने की कोशिश कर रहे हैं। कोटा एसडीएम डिलेराम डाहिरे की कोशिशों के बाद भी सत्याग्रही नेता पानी से निकलने को तैयार नहीं हुए। ग्रामीण महिलाओं के साथ पुरूषो ने कहा कि यदि प्रशासन हांफा से शराब दुकान हटा दे तो सारी बातें मानने को तैयार हैं। सत्याग्रहियों के अनुसार जनता चाहती है कि सरकारी दुकान ऐसे स्थान पर खोला जाए जहां किसी को तकलीफ ना हो…ग्रामीणों की मांग को मान लिया जाए तो हम पानी से निकलने को तैयार हैं।

आश्वासन नहीं…कार्यवाही करें

                      सत्याग्रही और ग्रामीणों ने सकरी प्रभारी तहसीलदार हेमलता डहरिया और एसडीएम कोटा डिले राम डाहिरे समेत एडिश्नल एसपी प्रशांत कतलम के आश्वासन को नकार दिया है। एसडीएम कोटा ने कहा कि ग्रामीणों के विरोध और मांग को जिला प्रशासन के सामने रखा जाएगा। स्थान मिलते ही सरकारी शराब दुकान को हटा दिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि एसडीएम प्रशासन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। एक आदेश से शराब दुकान तुरंत हट सकता है। नये स्थान पर शराब दुकान खोला भी जा सकता है। जैसे इसके पहले हांफा में शराब दुकान खोला गया। यदि शराब दुकान को तत्काल हटाया जाता है तो हम सत्याग्रह और विरोध से हटने को तैयार हैं।

आम जनता और ग्रामीणों में नोंक-झोंकIMG-20170521-WA0013

पानी सत्याग्रह के दौरान पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों में जब तब नोंक झोंक की स्थिति देखने को मिली। पुलिस बल को कई बार हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। लेकिन जनता टस से मस होने को तैयार नहीं हुई। खबर लिखे जाने तक पुलिस और प्रशासन जनता के साथ सत्याग्रहियों को मनाने का प्रयास कर रही है।

पैसों के लालच में खोला गया

              ग्रामीणों के बीच से मिली खबर के अनुसार जिस स्थान पर शराब दुकान खोला गया है। वह जमीन सरकंडा निवासी किसी सचिन दिघ्रस्कर की है। ह सच है कि सचिन अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह से कर सकते हैं। लेकिन शराब दुकान को नहीं खुलने दिया जाएगा। सचिन को लाखों रूपए किराए के मिल रहे हैं। लेकिन आम जनता उनके फायदा को ध्यान में रखकर अपना नुकसान झेलने को तैयार नहीं है। सचिन दिघ्रस्कर को यहां से दुकान हटाना ही होगा।

                                बहरहाल खबर लिखे जाने तक प्रशासन और जनता आमने सामने है। परिणाम तक पहुंचने की जल्दबाजी ग्रामीणों को नहीं है। लेकिन प्रशासन की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। सीजी वाल की नजर हांफा में सत्याग्रहियों और प्रशासन गतिविधियों पर है।

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