शीशम पर चली बेरहम कुल्हाड़ी..अधिकारी अंजान

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बिलासपुर— नूतन चौक स्थित जिला आयुर्वेदिक कालेज में शीशम पेड़ को काटते हुए छः लोगों को वन अमले ने गिरफ्तार किया है। सभी लोगों के पास से पेड़ काटने के औजार भी बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि पेड़ काटने का आदेश आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय के उप प्राचार्य ने दिया है।

                      आज दिन दहाड़े जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय में शीशम का पेड़ काटते हुए छः लोगों को फारेस्ट विभाग ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आंधी तूफान में शीशम का पेड़ गिर गया था। महाविद्यालय के उप-प्राचार्य गुप्ता ने ही पेड़ को काटने का आदेश दिया था । उप-प्राचार्य गुप्ता ने पेड़ काटने की बात को एक सिरे से इंकार कर दिया।

                         जिला आयुर्वेदिक कालेज के मैदान में शीशम,पीपल,जामुन,आंवला के पेड़ हुआ करते थे। धीरे-धीरे सभी पेड़ लगभग गायब हो चुके हैं। हर साल तूफान के बाद पेड़ गिर जाता है और बिना बताए गिरे हुए पेंड़ों को साफ कर दिया जाता है। लेकिन यह किसी को नहीं मालूम कि गिरे हुए पेंड़ को किसके आदेश पर साफ किया जाता है।

                सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह सब काम जिला चिकित्सालय के किसी अधिकारी के आदेश पर ही किया जाता है। आज जब मीडिया ने शीशम काटने वालों से पूछा कि पेड़ किसके आदेश पर काटा जा रहा है तो मजदूरों का मुखिया दशरथ ने बताया कि चिकित्सालय के ही कर्मचारी विजय यादव ने पेड़ काटने का आदेश दिया है। इसे हमने पांच हजार में खरीदा है। विजय यादव ने बताया कि शीशम का पेड़ उप-प्राचार्य गुप्ता के आदेश पर काटा जा रहा है।

                     पत्रकारों से बातचीत करते हुए उप-प्राच्रार्य गुप्ता ने बताया कि मैने पेड़ काटने का आदेश नहीं दिया था। मैने बाउंड्री के अंदर झाड़ और खर पतवार हटाने को कहा था। फारेस्ट अमले का कहना है कि शीशम जैसे ईमारती पेड़ को काटना अपराध अपराथ है। यदि पेंड़ आंधी तूफान में गिर भी गया था तो इसकी सूचना वन विभाग को देना जरूरी है। अभी तक हमारे पास महाविद्यालय प्रबंधन से लिखित जानकारी नहीं मिली है।

                       फिलहाल शिकायत के बाद वन अमले ने शीशम काटने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। विजय यादव उप- प्राचार्य के आशीर्वाद से फारेस्ट के चंगुल से मुक्त है। जबकि दशरथ ने बताया कि विजय के कहने पर पेंड़ काटा जा रहा था। प्रश्न उठता है कि आखिर महाविद्यालय के पेंड़ को कौन ठिकाने लगा रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि मिस्टर गुप्ता को पता नहीं है कि उनके कैम्पस में शीशम का पेंड़ भी है।

इमारती लकड़ियों को काटना अपराथ

 शीशम ईमारती लकड़ियों की श्रेणी में आता है। यदि वह तूफान में गिर भी गया था तो इसकी सूचना वन विभाग को दिया जाना चाहिए। जिला आयुर्वेदिक अस्पाताल के प्रबंधन ने हमें सूचना नहीं दी थी। जाहिर सी बात है कि समय पर यदि सूचना हमें नहीं मिलती तो पेड़ को काटकर बेंच दिया जाता । जांच के बाद आरोपियों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

                                        सत्यप्रकाश मसीह…वन मण्डलाधिकारी…बिलासपुर वन मण्डल

हमने काटने का आदेश नहीं दिया

     हमें मालून नहीं कि कैम्पस में कोई शीशम का पेड़ गिरा है। मैने उस तरफ कभी ध्यान ही नहीं दिया। मैने विजय को झाड़ और खरपतवार हटाने का आदेश दिया था। किसके आदेश पर पेड़ काटा जा रहा था इसकी मुझे जानकारी नहीं है। हमने मौखिक रूप से वन विभाग को बताया था कि तूफान से पेड़ गिरे हैं। लेकिन शीशम गिरा है इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।

                         गुप्ता….उप- प्राचार्य जिला आयुर्वेद महाविद्यालय बिलासपुर

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