रमन कैबिनेट का फैसलाः 10 किलोवाट तक सोलर प्लांट को ग्रिड कनेक्टिविटी की सुविधा

  cabinate n  रायपुर । मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए ।जिसमें सौर ऊर्जा नीति 2017-2027 का अनुमोदन किया गया।साथ ही   भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

 राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के दोहन के लिए वर्ष 2002 में जारी नीति की वैधता 31 मार्च 2017 तक थी। विगत कुछ वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी बदलाव हुए हैं। लागत व्यय में कमी आयी है तथा अपरम्परागत स्रोत आधारित बिजली खरीदी की अनिवार्यता के लिए विनियमों में परिवर्तन हुआ है। इसे ध्यान में रखकर  आगामी दस वर्ष में इस क्षेत्र में निवेश की बहुत अधिक संभावनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ में नई सौर ऊर्जा नीति की आवश्यकता महसूस की जा रही है। आज केबिनेट में वर्ष 2017 से 2027 तक के लिए सौर ऊर्जा नीति का अनुमोदन किया गया। यह नीति जारी होने की तारीख होने से 31 मार्च 2027 तक प्रभावशील रहेगी। इस नीति के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:-कोई भी व्यक्ति, पंजीकृत व्यक्ति, केन्द्रीय और राज्य विद्युत उत्पादन और वितरण कम्पनियां, सार्वजनिक अथवा निजी क्षेत्र के सौर बिजली परियोजना विकासकर्ता  तथा इन परियोजनाओं से  संबंधित उपकरणों के निर्माणकर्ता और सहायक उद्योग इसके पात्र होंगे चाहे वे समय-समय पर यथा संशोधित विद्युत अधिनियम 2003 के अनुशरण में सौर ऊर्जा  परियोजनाओं  का संचालन केप्टिव उपयोग अथवा बिजली विक्रय के उद्देश्य से  कर रहे हैं।नई सौर ऊर्जा नीति (2017-27) के तहत 10 किलोवॉट तक के रूफ टॉप, सोलर पॉवर प्लांट को ग्रिड कनेक्टिविटी की सुविधा दी जाएगी। प्रत्येक सौर ऊर्जा विद्युत परियोजना द्वारा संयंत्र की स्वंय की खपत और राज्य के भीतर की गई केप्टिव खपत पर विद्युत शुल्क से भुगतान की छूट मिलेगी । यह छूट सौर ऊर्जा नीति के तहत मार्च 2027 तक स्थापित होने वाली परियोजनाओं को मिलेगी।छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा समय-समय पर अधिसूचित औद्योगिक नीति के तहत अपरम्परागत स्रोत आधारित बिजली संयंत्रों को प्राप्त होने वाली सुविधाओं की पात्रता होगी।

भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन

 छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम 2002 में संशोधन के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्ताव  का अनुमोदन किया गया। भारत सरकार के डीजी एस एण्ड डी द्वारा संचालित जेम (Government e-Market Place) का उपयोग छत्तीसगढ़ सरकार के विभागों  द्वारा करने के लिए यह संशोधन अनुमोदित किया गया।

इलेक्ट्रॉनिक सामग्री खरीदी के लिए भण्डार क्रय नियम में संशोधन

 शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, मण्डलों, जिला और जनपद पंचायतों तथा नगरीय निकायों में इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन हेतु वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अनुसार इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित सामग्री खरीदने के लिए संबंधित नीति, नियम एवं प्रक्रिया तथा आवश्यक होने पर दर निर्धारण का कार्य इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जाएगा। इसके लिए सामग्री की सूची का निर्धारण इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा भण्डार क्रय नियम के अनुसार किया जाएगा।

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