जोगी ने क्यों दिया सोनिया को धोखा…किसने कहा लगा देंगे आग…

IMG20170713134135 बिलासपुर—छतीसगढ़ कांग्रेस अनुसूचित जन जाति प्रदेश अध्यक्ष जिला कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर से मुलाकात कर मरवाही विधायक अमित जोगी की विधायकी को निरस्त करने को कहा। सोरी ने कलेक्टर को बताया कि हाईपावर कमेटी ने अजीत जोगी को आदिवासी मानने से इंकार दिया है। जाहिर सी बात है कि मरवाही विधायक अमित जोगी भी आदिवासी नहीं है। मरवाही विधानसभा आदिवासी सुरक्षित सीट है। इसलिए अमित को हटाया जाए। शिशुपाल सोरी ने कलेक्टर को बताया कि जाति निरस्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए अजीत जोगी के खिलाफ अपराध दर्ज किया जाए।
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                  कलेक्टर से मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस जनजाति मोर्चा अध्यक्ष शिशुपाल सोरी कांग्रेस भवन में पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होने कहा कि जोगी ने भोले भाले आदिवासी समाज और देश को धोखा दिया है। हाईपावर कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि जोगी आदिवासी नहीं है। हम लोगों ने कलेक्टर से मिलकर जोगी की जाति सर्टिफिकेट को तत्काल निरस्त करने को कहा है। एक सप्ताह के भीतर जोगी की जाति सर्टिफिकेट को निरस्त नहीं किया गया तो प्रशासन को दावानल का सामना करना पड़ेगा। फर्जी आदिवासी को लेकर भोले भाले आदिवासी समुदाय में चिन्गारी तो लग ही गयी है। अब हम आग लगाएंगे…।

                                            एक सवाल के जवाब में शिशुपाल सोरी ने कहा कि अजीत जोगी पन्द्रह साल तक राष्ट्रीय आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। उन्होने सोनिया गांधी को धोखा दिया है। पत्रकारों को बताया कि जोगी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ छल किया है। झूठ बोलकर सोनिया गांधी को गुमराह किया है। जनमत का दबाव बनाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को बरगलाया है। अब सब कुछ साफ हो चुका है। कांग्रेस पार्टी कोर्ट के निर्णय का सम्मान करती है। प्रशासन को भी कोर्ट का सम्मान करते हुए जोगी की जाति सर्टिफिकेट को एक सप्ताह के भीतर निरस्त कर देना  चाहिए। अन्यथा आक्रोशित आदिवासियों के दावानल का सामना करने को तैयार रहें।

  IMG20170713134132                सोरी ने पत्रकारों को बताया कि जोगी झूठ के दम पर उच्च शिखर तक पहुंचे। हाईपावर कमेटी ने झूठ का खुलासा कर दिया है। इसलिए शासन को आदिवासी प्रमाण पत्र के आधार पर लिए गए लाभ को व्याज के साथ वापस लिया जाना चाहिए। धारा 10 और 12 के तहत अपराध कायम किया जाए। अमित जोगी की सदस्यता को शून्य किया जाए। क्योंकि मरवाही विधानसभा आदिवासियों के लिए सुरक्षित है।

                                 एक सवाल के जवाब में सोरी ने बताया कि जोगी की तरह करीब 600 से अधिक फर्जी जाति के मामले चिन्हित किये गए हैं। यह सच है कि ऐसा करना अपराध है…संविधान के खिलाफ है…लोगों ने रोजी रोटी के लिए किया है। लेकिन जोगी की तीन पीढ़ी उच्च शिक्षित है। बावजूद इसके एक आईएएस और आईपीएस ने संविधान के खिलाफ आदिवासियों का हक जानबूझकर छीना है। प्रदेश का आदिवासी समाज भयंकर आक्रोश में है। प्रशासन को सात दिन के भीतर जोगी की जाति सर्टिफिकेट को निरस्त करना ही होगा। अमित के चुनाव को शून्य नहीं किया गया तो प्रशासन को भयंकर दावानल का सामना करना पड़ेगा।

                           कलेक्टर से मुलाकात के दौरान पीसीसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव,संभागीय प्रवक्ता अभय नारायण राय, जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला,शहर अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर,निगम नेता प्रतिपक्ष शेख नजरूद्दीन,पार्षद दल प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल,पंकज सिंह,त्रिलोक श्रीवास, सीमा पाण्डेय समेत कई कांग्रेसियों समेत कई आदिवासी नेता मौजूद थे।

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