50 प्रतिशत ने कहा… रात भी मेरी सड़क भी मेरी…चाहिए अधिकारों की समानता…ना करें मंजनुओं का समर्थन

IMG-20170813-WA0013बिलासपुर—- नेहरू चौक पर मेरी रात रात मेरी सड़क अभियान को अच्छी सफलता मिली है। वकील,नौजवान, आम नागरिकों का समर्थन मिला है। करबी एक घंटा तक चले इस विशेष अभियान को लोगों ने जमकर तारीफ की है। उपस्थित लोगों ने समवेत स्वर गीत गाया। कविताएं गुनगुनाई…मंजनुओं की तरफदारी करने वालों के खिलाफ गुस्सा भी उतारा। करीब एक घंटे के कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक सुर में स्वीकार किया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। जितना इस देश सड़क और रात पर अधिकार लड़कों या पुरूषों का है उतना ही अधिकार लड़कियों और महिलाओं को है। लोगों ने कहा कि स्वच्छ और सुन्दर समाज निर्माण के साथ अधिकारों और कर्तव्यों का भारत बनाना ही हमारा लक्ष्य है। जैसा कि लोग चाहते और महसूस करते हैं।

                      देश के अन्य राज्यों और 22 में एक साथ मेरी रात मेरी सड़क कैम्पेन चलाया गया। बिलासपुर के नेहरू चौक में महिलाओं.लड़कियों के साथ आम नागरिको और युवा जगत अभियान में शामिल हुए।आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में विशेष रूप से हिस्सा लिया। प्रसिद्ध वकील निरूपमा वाजपेयी और आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता प्रिया शुक्ला ने कहा कि हमारा संविधान अधिकारों और कर्त्वेयों को लेकर भेद नहीं करता है। बावजूद इसके कुछ दकियानुसी और गलत ख्याल के लोग औरतों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करते हैं। सामाजिक स्तर पर बेटियों को आग बढ़ाने और पढ़ाने को लेकर बहुत कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बावजूद इसके बेटियों और महिलाओं के साथ गैरसंवैधानिक व्यवहार किया जाता है

                          प्रिया शुक्ला और निरूपमा वाजपेयी ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के लिए समाज पढ़ने ओढने और खान पीन के लिए शर्तों की दीवार खड़ी कर दी है। लेकिन नालायक और मंजनू छाप लोगों के लिए कोई शर्त और रीति नीति नहीं है। चंडीगढ़ में एक लड़की का पीछा किया जाता है। उसके साथ बदसलूकी होती है। लेकिन नेता बाप ने उल्टा आरोप लगाया दिया कि ल़ड़कियों को आखिर देर रात निकलने की जरूरत क्यों है।

          नेहरू चौक में आयोजित संक्षिप्त भाषण के कार्यक्रम में महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि लड़कियों को लेकर सरकार और प्रशासन बहुत बहुत गंभीर है। बेटियो के साथ होने वाले अत्यराचार के लिए कड़े कानून भी बनाये गए है। बावजूद इसके बेटियों की कहीं सुरक्षा नहीं है। आरोपी पकड़ा जाता है लेकिन नेता लोग पुलिस को फोन कर बचा लेते हैं। उनका मन बढ़ जाता है। अपराध रूकने के वजाय और बढ़ जाता है।

                 प्रिया शुक्ला ने कहा कि कैम्पेन का उद्देश्य देश मे ऐसा माहौल बनाना है कि बेटियों सूनसान सड़क में अपने आप असुरक्षित महसूस न करें।निडर होकर सड़क में चलें। यह बहुत ही जरूरी है। यदि किसी घर में जरूरत पड़ जाएं। घर में केवल लड़कियां ही हों तो ऐसे में उस परिवार को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हम चाहते हैं लोग लड़कियों को भी समाज में लड़कों की तरह देखा जाए। देश मे ऐसा माहौल बने की लड़कियां बेख़ौफ़ होकर घर से निकल सके।

             अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज में मंजनुओं को नियंत्रित करना है तो नेताओं का दखल नहीं होना चाहिए। छेड़छाड़ करने वाले थाना पहुंचने से पहले ही छूट जाते हैं। इस प्रकार की रसूखदारी पर नियंत्रण किया जाए।

                            नेहरू चौक में आयोजित कार्यक्रम में करीब सैकड़ों लोग मौजूद थे। इस दौरान पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था देखने को मिली। एकत्रित सभी लोगों ने कहा कि अभियान को अब नहीं थमने देंगे।

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