योजना चुनाव में कांग्रेस की हार

12/31/2000 8:46 PMबिलासपुर— देवकीनंदन दीक्षित सभागार में कांग्रेसियों को एक बार फिर सत्ता पक्ष के हाथों हार का सामना करना पड़ा। जिला योजना समिति के चुनाव में संख्या बल के आगे कांग्रेस को पराजय हाथ लगी। भाजपा के सभी तीन सदस्य भारी मंतों से जीत हासिल कर अपना झण्डा बुलंद किया।

                         देवकीनंदन सभागार में आज भाजपा के तीनों प्रत्याशियों की भारी मतों से जीत मिली। जैसा की पूर्व में भी अनुमान लगाया जा रहा था वहीं हुआ। कांग्रेस के सभी तीनों प्रत्याशी भागीरथी यादव,धनराज देवांगन और रमाशंकर बघेल को कांग्रेस के सभी पार्षदों के वोट मिलने के बाद भी हार का सामना करना पड़ा। वहीं 41-41 मत हासिल कर अजय फ्रांसिस,रूपाली गुप्ता और शैलेन्द्र यादव को जीत मिली है।

                     जिला योजना समिति के चुनाव में एक बार कांग्रेस को हार सामना करना पड़ा। कांग्रेसियों ने एक लिखित शिकायत कर चुनाव अधिकारी से कहा है कि चुनाव में संवैधानिक नियमों का पालन नहीं किया गया है। कांग्रेस पार्षद दल के प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल ने नियमानुसार जिला योदना समिति का चुनाव एक संक्रमणीय मत किया जाना चाहिए लेकिन सत्ता पक्ष के इशारे पर तंत्र ने संवैधानिक नियमों का पालन नहीं किया। शैलेन्द्र ने बताया कि भाजपा पार्षद सभापति और महापौर तो दूर अधिकारियों को भी एकल संक्रमणीय चुनाव प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं है।

               शैलेन्द्र जायसवाल ने बताया कि चुनाव गैरसंवैधानिक तरीके से कराया गया है। नियमानुसार जिला योजना समिति का चुनाव एक ही बैलेट में कराया जाना चाहिए जिसमें मत देने वालों को अपने विवेकानुसार प्राथमिकता के आधार पर चुनाव लड़ने वाले सदस्यों में से तीन लोगों को वरीयता के आधार पर चुनता है। लेकिन इस नियम का चुनाव के दौरान पालन नहीं किया गया। चुनाव में सभी मतदाताओं को तीन बैलेट दी गए। जिसमें अपने मनपंसद सदस्यों को चुनने को कहा गया जबकि यह असंवैधानिक है।

                         जायसवाल ने बताया कि कांग्रेस पार्षदों जिला निर्वाचन अधिकारी से एक लिखित शिकायत देकर चुनाव को तत्काल अमान्य करने की मांग की है।

चुनाव का विरोध

चुनाव में संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। जिला योजना समिति में पार्षदों का चुनाव एकल संक्रमणीय पद्धति से होना चाहिए लेकिन उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। यह जानते हुए भी यदि संवैधानिक तरीके से चुनाव हुआ तो कांग्रेस को एक सीट का फायदा होगा। इसलिए सत्ता तंत्र ने एक की जगह तीन बैलेट से चुनाव करवाया। जबकि प्राथमिकता के आधार पर एक बैलेट पेपर से ही चुनाव होना चाहिए।

                               शैलेन्द्र जायसवाल,,कांग्रेस पार्षद दल प्रवक्ता नगर निगम

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