बिलासपुर में ही पांच हजार करोड़ का घोटाला

IMG_20150702_133059बिलासपुर—कांग्रेस नान घोटाले मामले में भाजपा सरकार को राहत देने के मूड में नहीं है। आज जिला कांग्रेस कमेटी ने 6 उप-जांच समिति का गठन करते हुए कांग्रेस के 35 वरिष्ठ नेताओं को जिले के सभी धान संग्रहण केन्द्रों और कार्यालयों में जाकर गहन जांच करने का आदेश दिया है। कमेटी में मरवाही,कोटा, मस्तूरी और बिल्हा विधायक को भी शामिल किया गया है।

                         जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आज रूप-रेखा की सूची तैयार कर जांच समिति के प्रभारियों को दी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि 2011-2015 के बीच बिलासपुर जिले में एक आकलन के अनुसार चालिस लाख क्विंटल से अधिक धान आज भी भंडारण में है। जिसे समितियों ने अमानक घोषित कर दिया है। जिसकी कीमत करीब पांच हजार करोड़ रूपए से अधिक है। समितियों ने जिस धान को अमानक घोषित किया है दरअसल वह अमानक है ही नहीं। अधिकारी मिलीभगत कर अच्छे धान को अमानक बताकर बेच दिया है। जो है भी उसे भी खपाने का प्रयास किया जा रहा है।

                      शुक्ला ने बताया कि अमानक के नाम पर अधिकारियों ने प्रदेश के गरीब किसानों के धन को अपनी विलासता में खर्च किया है। नान घोटाले में मार्कफेड और नागरिक आपूर्ति विभाग की भूमिका अहम है। उन्होंने बताया कि हमारी प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार 2011 में अकेले बिलासपुर जिले में दो लाख क्विटंल, 2012 में 11 लाख क्विंटल और 2015 में 19 लाख क्विंटल धान को अमानक बताया गया है। करीब चालिस लाख क्विंटल धान हमारी जानकारी में है जिसे अधिकारियों ने अमानक घोषित किया है। सच्चाई तो यह है कि चालिस लाख क्विंटल धान संग्रहण केन्द्रों में है ही नहीं। अधिकारियों ने इसे बेचकर पांच हजार करोड़ रूपए से अधिक रकम का वारा-न्यारा कर लिया है।

                   एक जानकारी के अनुसार 2012-13 में मुंगेली के चार धान संग्रहण समितियों को सरकार ने आदेश दिया था कि अमानक धान की निलामी कर धन को कोष में जमा किया जाए। नीलामी की घोषणा होने के पहले ही मुंगेली के अधिकारियों ने समितियों में संग्रहित लाखों क्विंटल धान बेंच दिया। आज तक लोगों को समझ में नहीं आया कि किसके आदेश पर तय कीमत से कम में धान बेचा गया । शुक्ला के अनुसार इसमें मार्कफेड और खाद्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।

                            जिला कांग्रेस नेता ने बताया कि जांच समिति धान संग्रहण,वितरण  और मिलर के ठिकानों के अलावा मार्कफेड और नागरिक आपूर्ति विभाग से नान घोटाले से जुड़े सभी सवालों को खोजने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट पीसीसी को सौंप दिया जाएगा।

संत्री से मंत्री तक पहुंचता है कमीशन

                      नान घोटाले में संत्री से लेकर मंत्री तक कमीशIMG_20150704_125028न की बंदरबांट हो रही है। हम जांच के बाद प्रूफ कर देंगे कि नान घोटाले में अकेल बिलासपुर में ही पांचहजार करोड़ रूपए से अधिक का घोटाला हुआ है। पिछले पांच साल में अकेले बिलासपुर में ही चालिस लाख क्विंटल धान को अमानक बताकर जमकर लूटखसोट हुई। हम पता लगाएंगे कि चालिस लाख क्विंटल धान है कहां।

                                                                राजेन्द्र शुक्ला..जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण बिलासपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *