मंत्री नहीं तो कौन करेगा विवाद…राजस्व मंत्री ने कहा…पटवारी होंगे ईधर से ऊधर…भारतीय दर्शन ही एकात्म मानववाद…

Screenshot_2017-09-19-21-53-01-57बिलासपुर–आज बिलासपुर विश्वविद्यालय के कई कार्यक्रमों में शिरकत किया। कार्यशाला में भी भाग लिया…भूमिपूजन किया। राजस्व विभाग के संभागीय बैठक में अधिकारियों के साथ कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विवादित प्रकरणों को लेकर चर्चा हुई। नामांकन,सीमांकन,बटवारे के प्रकरणों पर समीक्षा की गयी। यह बातें राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने पत्रकारों से कही। मंत्री ने कहा कि कलेक्टर और संभागायुक्त को पर्याप्त अधिकार दिया है कि मामले में बदमाशी करने वाले पटवारियों को समय समय पर इधर से उधर करें। जल्द ही पटवारियों को इधर से उधर किया जाएगा। विवादमुक्त राजस्व संभाग के लिए विभाग की सर्जरी जरूरी है।

                                   प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने पत्रकारों को बताया कि राजस्व अधिकारियों के साथ संभागीय बैठक हुई है। विवादित सीमांकन,नामांकन,बटवारा,हक त्याग प्रकरणों की समीक्षा की गयी। विभाग के आधुनिकीकरण,रिकार्ड रूम के उन्नयन पर चर्चा हुई। प्रेमप्रकाश ने बताया कि डिजीटाइजेशन से विभाग में ट्रांसपरेन्सी होगी। डिजीटल सिग्नेचर पर भी अधिकारियों के साथ बातचीत हुई है। रेवेन्यू वसूली पर भी गंभीर चिंतन किया गया है। सरकारी जमीनों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। ई रजिस्ट्री प्रक्रिया से जमीन विवादों में कमी आएगी। डिजीटल सिग्नेचर से रिमोट क्षेत्र के लोगों को फायदा होगा। भागदौड़ कम होगी। सभी गांवों का आबादी पट्टा कमोबेश बन चुका है। सरकार जल्द ही अक्टूबर नवम्बर में पट्टा वितरण करेगी।

                       सवाल का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री ने बताया कि डिजीटल सिग्नेचर का गलत इस्तेमाल की जानकारी अभी तक नहीं आयी है। कोई चार सौ बीसी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। गलत…हमेशा गलत होता है। मामले में ठोस कदम भी उठाया जाएगा कि डिजीटल सिग्नेचर का दुरपयोग ना हो।

                          प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने एक सवाल के जवाब में बताया कि मैं नहीं कहता कि राजस्व मामले में 100 प्रतिशत सुधार हुआ है। लेकिन दावा कर सकता हूं कि पिछले तीन चार सालों में राजस्व विभाग में कसावट आयी है।  75 प्रतिशत सुधार हुआ है। विवाद के मामले सामने आते हैं उन्हें कानून सम्मत हल किया जाएगा। दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।

                    सूखे की स्थिति के सवाल पर प्रेमप्रकाश ने कहा कि मानसून हमारे अनुसार नहीं आता। बारिश नहीं हुई..सरकार किसानों को ना केवल बोनस देंगी बल्कि पीडितों को मुआवजा भी दिया जाएगा। पाण्डेय ने बताया कि हमारी मुख्य फसल धान है। गेंहूं का उत्पादन कम होता है। सरकार गेहूं नहीं खरीदती लेकिन समर्थन मूल्य का निर्धारण करती है।

                                             राजस्व मंत्री ने बताया कि ई लाइन रजिस्ट्री से जमीन विवाद पर लगाम लगेगा। ई लाइन से रजिस्ट्री के बाद दूसरी रजिस्ट्री नामुमकिन है। यदि जमीन नहीं होगी तो रजिस्ट्री भी नहीं होगी। यदि ऐसा किया गया तो कानून सम्मत कार्रवाई भी होगी।

                बिलासपुर मे फर्जी रजिस्ट्री को लेकर बहुत विवाद है। जल्द ही विभाग की सर्जरी होगी। ग्रामीण और शहरी पटवारियों को इधर से उधर करेंगे। हमने पहले भी कई जिलों में किया है। यहां भी होगा।कलेक्टर और संभागायुक्त को अधिकार है कि फर्जीबाड़ा करने वाले पटवारियों पर कार्रवाई करें।

                  छात्र संघ चुनाव के सवाल पर उच्च शिक्षामंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने लिंगदोह कमेटी के आधार पर चुनाव कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि तीन साल बाद छात्र संघ चुनाव पर समीक्षा होगी। कुलपतियों ने जो भी निर्णय लिया…सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुसार है। मैं समझता हूं कि निर्णय उचित भी है।

                        क्या एकात्मक मानवाद का भगवाकरण हो रहा है …। पाण्डेय ने बताया कि एकात्म मानव दर्शन भगवा दर्शन का स्वरूप है। भगवा  भारतीय जीवनदर्शन का स्वरूप है। भारतीय जीवन दर्शन ही एकात्म जीवन दर्शन है। पंडिल दीनदयाल ने वाद नहीं विचारधारा दिया है। वाद तो पूंजीवाद,संघवाद,समाजवाद में है।

                मंत्रियों में इन दिनों बहुत विवाद है….सवाल के जवाब में पाण्डेय ने कहा कि मंत्री नहीं तो कौन करेगा विवाद। वाद विवाद नहीं होगा तो काम कैसे चलेगा। जनहित में वाद विवाद करने के लिए ही मंत्री बनाया गया है। वाद विवाद निर्णय तक पहुंचने के लिए जरूरी है।

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