अटल आवास बना रहे ठेकेदार सरकार से भी चालाक..निगम की आंखों में झोंका धूल..करोड़ों का हेरफेर

Screenshot_2017-09-20-19-34-33-56 Screenshot_2017-09-20-19-35-06-27 बिलासपुर–गरीबों की योजनाओं में भ्रष्टाचार का खेल शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री अटल आवास योजना के साथ वह सब कुछ हो रहा है जो नहीं होना चाहिए। निगम प्रशासन को फुरसत नहीं कि खेल को समझे या समझने का प्रयास करे। ठेकेदार को निगम अधिकारियों  का विश्वास भी भरपूर हासिल है। आर्यन बिल्डकान कम्पनी के ठेकेदार का दावा है कि मोनोथिलिक सिस्टम से बनाए जा रहे आवास में 100 साल तक दरारें नहीं आएंगी। लेकिन ऐसा लगता नहीं….क्योंकि बेस में टेन्डर शर्तों के अनुसार बेस फीलिंग में रेत की जगह मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है।
                                         प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अशोक नगर और नूतन चौक में चार मंजिला अपाटमेंट का निर्माण किया जा रहा है। आवास बनाने का ठेका आर्यन कम्पनी को दिया गया है। कम्पनी का दावा है 100 साल तक मकान में मेंटनेंस की जरूरत नहीं है। लेकिन ठेकेदार के दावों में सच्चाई कम उत्साह ज्यादा नजर आ रहा है।
               अशोकनगर और नूतन चौक में गरीबों से खाली कराए गए जमीन में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाया जा रहा है। काम जोर शोर से शुरू हो गया है। निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य को हरी झण्डी दिखाते हुए कहा था कि गरीबों को मजबूत मकान दिया जाएगा। निगम ने शर्तों के अनुसार आर्यन कम्पनी को काम का जिम्मा सौंपा।
                                 नूतन में 16 मकान के 16 ब्लाक में कुल 256 मकान 12 करोड़ में और अशोक नगर में 1200 मकान कुल 54 करोड़ में बनाए जाएंगे।
आवास मोनोलिथिक कांक्रीट तकनीक 
                IMG-20170915-WA0054 मकान का निर्माण मोनोलिथिक सिस्टम से किया जा रहा है। आर्यन कम्पनी ठेकेदार के अनुसार मकान निर्माण में कही भी मिट्टी का प्रयोग नहीं होगा। सरफेस स्तर से करीब 8-10 फिट नीचे बेस होगा। बेस पर मकान का मजबूत डेमों होगा। इसे तैयार मकान का बुनियाद भी कह सकते हैं। बुनियाद पर मोनोलिथिक सिस्टम से सरफेस से ऊपर चार मंजिला मकान का निर्माण होगा। मोनोलिथिक सिस्टम से मकान बनाने का काम अब से पहले केवल रायपुर में किया गया है। बिलासपुर में रायपुर से बड़ा प्रोजेक्ट है।
 क्या है मोनोलिथिक प्रक्रिया

मोनलिथिक सिस्टम मलेशिया की है। मकान बनाने में राखड़. गिट्टी, रेत, एड मिक्चर  का प्रयोग होता है। आर्यन कम्पनी के मालिक ने बताया कि नूतन चौक और अशोक नगर में बनाे जा रहे मकान के मैटेरियल में फ्लाई एश की मात्रा 41 प्रतिशत होगी। बाकी मात्रा रेत गिट्टी और लोहे का होगा। बेस फिलींग केवल रेत से ही किया जाएगा। तैयार मकान की कास्ट  सामान्य मकानों से 10 प्रतिशत अधिक लेकिन बहुत मजबूत है। सांचे के बीच मैटेरियल फीलिंग से दीवारे बनाए जाती हैं। ईटों का कहीं प्रयोग नहीं होता है।

     मोनोलिथिक सिस्टम स्वच्छ भारत मिशन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मददगार है। वायु और ध्वनि प्रदूषण तो कम होगा ही पानी का इस्तेमाल भी कम से कम होगा। काम की गुणवत्ता भी शानदार होती है।सभी तकह के मौसम में मकान टिकाऊ है।

क्या है शर्त..क्यों नहीं हो रहा पालन

                   टेन्डर शर्त के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकानों के बुनियाद को रेत से पाटा जाएगा। लेकिन दोनों जगह रेत फीलिंग में ठेकेदार रूपया बचा रहा है। नूतन चौक में खुदाई के दौरान मिक्स मिट्टी से बेस भरा जा रहा है। अशोक नगर में खुदाई के बाद निकली मिट्टी से बेस की पटाई की जा रही है। जाहिर सी बात है कि शर्तों का उल्लंघन हुआ है। मकान की उम्र 100 साल का दावा करने वाले ठेकेदार को भी मालूम है कि मिट्टी से फर्स में दरार पड़ेगा।

रेत की जगह मिट्टी का उपयोग क्यों…?IMG-20170915-WA0048

                      निगम के एक ठेकेदार ने बताया कि टेन्डर शर्त के अनुसार बेस की पटाई रेत से ही किया जाना है। रेत शर्त का अहम हिस्सा भी है। चूंकि मिट्टी आसानी से उपलब्ध है। इसलिए रेत की जगह मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। नूतन चौक में खुदाई के दौरान रेत मिक्स मिट्टी निकली है। कम्पनी उसी मिट्टी को बेस में डाल रहा है। अशोक नगर की मिट्टी में नाम मात्र भी रेत नहीं है। बावजूद इसके खोदी गयी मिट्टी को ही डाला जा रहा है।

                       ठेकेदार ने बताया कि रेत की कीमत आसमान पर है। 2 बीएचके और अटैच लेट बाथ सांचे के बीच रेत नहीं भरने से कास्ट कम हो जाएगा। बाजार में रेत की कीमत 371 रूपए प्रति क्यूबिक मीटर है। जाहिर सी बात है कि 1456 मकानों में रेत फीलिंग नहीं होने से करोड़ों रूपए खर्च बच जाएगा। इसलिए खुदाई के दौरान निकली मिट्टी को ही बेस में डाला जा रहा है

निर्माण एजेंसी नगर निगम

                               मोनोलिथिक सिस्टम से बनाए जा रहे आवास योजना कि एजेंसी नगर निगम बिलासपुर है।सुरेश बरूआ नोडल अधिकारी हैं। उन्होंने रेत और मिट्टी के खेल को नजरअंदाज किया है। सीजी वाल ने उनसे सम्पर्क का प्रयास किया लेकिन उन्होने ना तो मोबाइल उठाया और ना ही कार्यालय में मिले ।

निर्माण मकानों मेंं हनी काम्ब

             मोनोलिथिक सिस्टम से बनाए गए मकान में हनी काम्ब है। सामान्य भाषा में दीवारों में दरार,स्क्रेच और छेद कहें। जो मकानों की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।

दावों की खुली पोल तो बोले अब नहीं होगा

  Screenshot_2017-09-20-19-34-57-16 आर्यन बिल्डकान के ठेकेदार और मालिक अली रिजवान ने बताया कि काम्ब को ठीक कर लिया जाएगा। अशोक नगर में मिट्टी फीलिंग की जानकारी उन्हें नहीं है। यदि ऐसा है तो गलत है। जबकि उन्होने नूतन चौक में प्रोजेक्ट एरिया में बातचीत के दौरान बताया था कि अशोक नगर में भी मकान के बेस में रेत डाला जा रहा है। लेकिन सीजी वाल को उनके दावोंं में सच्चाई नजर नहीं आयी। बल्कि लोगों की नजर से बचने के लिए मात्र दो दिन में सभी बेस को पोकलेन की मदद से मिट्टी से भर दिया है।

क्या कहते हैं कांग्रेस नेता

                  कांग्रेस नेता शैलेन्द्र जायसवाल ने बताया कि आवास योजना में टेन्डर शर्तों के अनुसार काम नहीं किया जा रहा है। हम लोग बुधवार को निर्माणाधीन आवास योजना का मुआयना करेंगे। हमें भी जानकारी मिल रही है कि रेत की जगह मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। करोड़ों रूपयों का भ्रष्टाचार की भी जानकारी मिल रही है। कुछ लोगों ने बताया है कि सिवरेज की मिट्टी को बेस में डाला जा रहा है। निगम अधिकारी गले तक भ्रष्टाचार में डूबे हैं। उनसे हम उम्मीद भी क्या कर सकते हैं। मुआयना के बाद मामले को आयुक्त के सामने रखेंगे।

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