हाईकोर्ट जाएगा विप्र समाज

high court cgबिलासपुर—- पंडित मुन्नू लाल स्कूल तालाबन्दी के विरोध में आज स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जानकारी के अनुसार समाजसेवियों ने शासन के आदेश के विरोध में कानूनी सहयोग के साथ ही उग्र आंदोलन करने का निश्चय किया है।

             शासन के युक्तियुक्तकरण आदेश के बाद ऐतिहासिक पंडित मुन्नू लाल स्कूल के छात्रों को लालबहादुर शास्त्री स्कूल में प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इसके साथ ही शासन के आदेश के खिलाफ स्थानीय और समाजसेवियों का भी विरोध शुरू हो गया है। लोगों ने कानूनी सलाह के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निश्चय किया है। लगभग सवा सौ साल पुराने पंडित मुन्नू स्कूल को शासन के एक आदेश के बाद जिला शिक्षा विभाग ने लालबहादुर शास्त्री स्कूल में मर्ज कर दिया है।

                 समाजसेवक और स्थानीय निवासी बल्लू दुबे ने बताया कि भाजपा सरकार की तुगलकी फरमान से विप्र समाज बेहद आतंकित है। एक दानवीर व्यक्ति की हैसियत को मिटाने की साजिश की जा रही है। जिसे ना केवल विप्र समाज बल्कि कोई भी व्यक्ति बर्दास्त नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि पंडित मुन्नू लाल ने अपना सर्वस्व जीवन परहित में खर्च कर दिया। लेकिन अब सरकार उनके नाम को मिटाने की साजिश कर रही है।

                     सुदेश दुबे ने बताया कि स्कूल जिर्णाद्धार के लिए शासन से करोड़ों रूपए अनुदान में मिले हैं। लेकिन निगम प्रशासन ने आज तक कुछ नहीं किया। अब स्कूल को बंद करने का ऐलान कर दिया है। हम ऐसा होने नहीं देंगे।

                 मुन्नू स्कूल बंद करने के खिलाफ कल समाजसेवी संगठन हाइकोर्ट में याचिका दायर करेंगा। आवश्यक दस्तावेज एकत्रित कर लिए गये हैं। उम्मीद है कि यहां पढ़ने वाले छात्रों के हित में ही कोर्ट का निर्णय आयेगा। मालूम हो कि संगठन ने हाइकोर्ट में शरण लेने से पहले महापौर और जिला कलेक्टर से भी स्कूल को बचाने के लिए गुहाई लगाया है।

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