उज्ज्वला योजना मे बिलासपुर सहित चार जिलो के काम से खुश नहीं है सीएम

c_sp_meet♦पड़ोसी राज्यों कि सीमा से लगे राज्यों की धान खरीदी पर रहेगी कड़ी निगरानी
रायपुर।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जिला कलेक्टरों को राज्य की सहकारी समितियों के उपार्जन केन्द्रों में चालू खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी के लिए सभी जरूरी तैयारियां जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आज यहां मंत्रालय में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में कहा- प्रदेश के जिन जिलों की सीमाएं पड़ोसी राज्यों से जुड़ी हुई हैं, वहां के उपार्जन केन्द्रों को चिन्हांकित कर विशेष रूप से नजर रखी जाए, ताकि पड़ोसी राज्यों का धान छत्तीसगढ़ की सहकारी समितियों में न आ सके। डॉ. सिंह ने जिला कलेक्टरों को सभी उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी कार्यों के सुचारू संचालन के लिए पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए।उन्होंने ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान सौर सुजला योजना के तहत किसानों के खेतों में सोलर पम्पों की स्थापना के कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस योजना में गरियाबंद, जशपुर और रायगढ़ जिलों की उपलब्धियों को सर्वश्रेष्ठ बताया, वहीं कोरिया और कहा कि बेमेतरा जिलों में इस योजना के लक्ष्य पूर्ण करने के लिए और भी ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है।

                                           सीएम ने खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टरों से प्रधानमंत्री उज्ज्वला की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। गरीब परिवारों की महिलाओं को रसोई घरों से मुक्ति दिलाना इस योजना का लक्ष्य है।इसके तहत छत्तीसगढ़ में तीन साल के भीतर 36 लाख परिवारों को मात्र दौ सौ रूपए के पंजीयन शुल्क पर रसोई गैस कनेक्शन, डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेंडर मुफ्त दिया जा रहा है।

                                               योजना के इस वर्ष के जिलेवार लक्ष्य, उपलब्धियों की समीक्षा आज की बैठक में की गई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में मुंगेली, कोरबा, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में और भी अधिक गति लाने की जरूरत बतायी।मुख्यमंत्री ने मनरेगा की समीक्षा में कोण्डागांव और सरगुजा जिले में आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की धीमी गति का उल्लेख करते हुए सभी अपूर्ण भवनों का निर्माण तेजी से पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।

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